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Friday, 8 July 2022

समय-समय पर 'स्वच्छता अभियान, पॉलीथिन मुक्त अभियान', 'वृक्षारोपण अभियान' चलाने वाली 'नगर पंचायत थराली' सिर्फ कर रही हैं 'दिखावा, जबकि हकीकत है कुछ और

 समय-समय पर 'स्वच्छता अभियान, पॉलीथिन मुक्त अभियान', 'वृक्षारोपण अभियान' चलाने वाली 'नगर पंचायत थराली' सिर्फ कर रही हैं 'दिखावा, जबकि हकीकत है कुछ और


 

केदारखण्ड एक्सप्रेस न्यूज़

चमोली/नवीन चंदोला

  दरअसल आपने देखा होगा नगर पंचायत थराली समय- समय पर स्वच्छता अभियान, पालिथीन मुक्त अभियान, वृक्षारोपण कार्यक्रम आदि अनेक कार्यक्रम करती नजर आती हैं लेकिन वास्तविकता कुछ और ही हैं।

  नगर पंचायत थराली के शौचालयों की स्थिति आप देखेंगे तो आपको हकीकत पता चल जाएगी। न तो शौचालय में सफाई हैं और न ही पानी हैं, कुछ शौचालयों के सीवर पाइप भी फट चुके हैं और तो और लगभग 10-15 शौचालयों का उपयोग भी लोग नहीं कर सकते हैं, अधिशासी अधिकारी का कहना हैं हमने 5 से 10 बार शौचालयों की टोंटी बदल ली हैं लेकिन जितनी बार हम टोंटी बदलते हैं अगले दिन टोंटी गायब हो जाती हैं और चोर यूरिया पाइप तक चोरी कर दे रहे हैं,इसकी रिपोर्ट भी थाने में दर्ज की हैं लेकिन पता नहीं चल रहा हैं ऐसा काम कौन कर रहा हैं, अपर बाजार टैक्सी स्टैंड पर हमने शौचालय के बाहर रेलिंग लगाई थी जो टूट गई हैं और रैलिंग की चैन भी चोरी हो गई हैं, इसलिए अब हम सीसीटीवी कैमरे लगवा रहे हैं।

  नगर पंचायत थराली मीट मार्केट जो कि मुख्य बाजार में हैं वहां इतनी गंदगी हैं कि आजकल तो दुर्गंध के कारण वहां से गुजरना मुश्किल होता हैं और मीट मार्केट की गंदगी,खून आदि मीट दुकानदारों द्वारा सीधे पिण्डर नदी में फैंक दिया जाता हैं क्योंकि ना ही कोई कम्पोस्ट गढ्ढे बने हैं, और न ही मीट दुकानदारों को इस बात का कोई डर हैं।

   नगर पंचायत थराली के किसी-किसी वार्डों में सफाई कर्मचारी तो आते हैं लेकिन सफाई कर्मचारी सिर्फ झाड़ू ही लगाते हैं, न तो झाड़ियों को काटते हैं और न ही नालियों की सफाई करते हैं, अगर उनको कोई कहता हैं कि रास्ते की झाडियों को काटना हैं और नालियों की सफाई भी करनी हैं, तो वह कहते हैं E.O. सर / सफाई इंचार्ज से पहले फोन पर बात कराओ, यह आज की ही बात हैं जब सिमलसैंण गांव के ग्रामीणों ने सफाई कर्मचारी को सिमलसैंण गांव के धारे से चौण्डा वाली सड़क तक के सार्वजनिक रास्ते जहां से सिमलसैंण गांव का भारी-भरकम सामान और निर्माण सामग्री आती हैं उस रास्ते की झाडिय़ों को काटने को कहा तो सफाई कर्मचारी बृजेश ने कहा, सफाई इंचार्ज या E.O. सर से पहले फोन पर मेरी बात कराओ, इस प्रकार का व्यवहार सफाई कर्मचारी बृजेश का स्थानीय जनता के साथ हैं।

   इस प्रकार नगर पंचायत थराली 'नरक पंचायत थराली' बनकर रह गई हैं, अधिशासी अधिकारी टंकार कौशल कहते हैं कि हमारे सफाई कर्मचारी बहुत अच्छा कार्य करते हैं यह में दावे के साथ कह सकता हूँ, लेकिन शायद उन्होंने अभी तक नगर पंचायत के गांवों के रास्ते नहीं देखे हैं क्योंकि एक बार अगर देख लेते तो उन्हें भी हकीकत पता चल जाती।

    नगर पंचायत थराली में अधिकारी, जनप्रतिनिधियों पर हावी हैं और जनप्रतिनिधियों की बात अनसुनी कर रहे हैं, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत थराली टंकार कौशल जनता की समस्याओं को सिर्फ बातों-बातों में ही टाल देते हैं, और किसी भी सम्बंध में कोई कार्यवाही नहीं करते हैं, नगर पंचायत अध्यक्ष थराली का भी नगर पंचायत थराली की जनसमस्याओं से कुछ लेना-देना नहीं हैं, उन्हें भाजपा संगठन में अपना कद बढाने से ही फुर्सत नहीं हैं, जिस कारण नगर पंचायत थराली की यह स्थिति बनी हुई हैं।

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