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Saturday, 23 July 2022

पौराणिक और ऐतिहासिक शिव मंदिर बामनाथ निकाली भव्य जल कलश यात्रा

  


पौराणिक और ऐतिहासिक शिव मंदिर बामनाथ निकाली भव्य जल कलश यात्रा


-यशवंत राणा/केदारखण्ड एक्सप्रेस न्यूज़

पोखरी। विकासखंड के तहत पौराणिक और ऐतिहासिक शिव मंदिर बामनाथ में आयोजित शिव महापुराण कथा के 8 वे दिन  क्षेत्र की महिलाओं और कन्याओं द्वारा  त्रिवेणी घाट से  बामेश्वर मंदिर  तक जल कलश यात्रा निकाली गयी ,जय जय भोले के नारों के बीच त्रिवेणी घाट से लेकर बामनाथ   मंदिर  तक परिसर  तक का वातावरण गुंजायमान रहा।  हर किसी की जुबान पर बम बम भोले था , जल कलशयात्रा को देखने के लिये क्षेत्र की महिलाओं पुरुषों  का हुजूम उमड़ पड़ा। 

विकास खण्ड के ऐतिहासिक और पौराणिक शिवालय बामनाथ में बद्रीनाथ के विधायक राजेंद्र सिंह भण्डारी तथा जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भण्डारी द्धारा बामेश्वर क्षेत्र की जनता के सहयोग से 9 दिवसीय शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है , कथा का  शुभारंभ  श्रावन मास के शुभारंभ 16 जुलाई से  हुआ है  इस शिव महापुराण ,कथा का वाचन  ब्यास  कृष्णप्रिया  जी महाराज  द्धारा  किया  जा रहा है ,बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण हेतू और भगवान शंकर को बेलपत्र अर्पण ओर जलाभिषेक हेतू पहुंचे रहे हैं  आजकल ,पूरा   बामेश्वर मंदिर परिसर हर हर महादेव  भूले के नारों से गुंजायमान है ,कथा के आठवें दिन आज क्षेत्र की महिलाओं और कन्याओं   द्धारा ब्यास कथा वाचक कृष्णप्रिया जी महारा की अगुवाई में   निगोमती नदी के किनारे  त्रिवेणी घाट से लेकर  बामनाथ मंदिर परिसर तक जल कलश यात्रा निकली गयी। 

बड़ी संख्या में  कन्याओं  महिलाओ  की लम्बी कतार और जय भोले के गगनभेदी नारों के बीच इस जल कलश यात्रा का नजारा ही कुछ और था ,जल कलशयात्रा में क्षेत्र की महिलाओं  कन्याओं का हुजूम उमड़ पड़ा हजारों की संख्या में भक्त जल कलशयात्रा देखने के लिये बामनाथ , बामेश्वर पहुंचे  त्रिवेणी घाट से बामनाथ मंदिर  परिसर तक  का पूरा वातावरण हर हर महादेव के नारों से गुंजायमान था ,पूरा वातावरण शिव भक्तिमय बना हुआ था   , इस जल कलश यात्रा के बाद सभी लोगों ने भगवान शंकर को बेलपत्र चढ़ाकर कर जलाभिषेक कर आशीष मांगा तथा कृष्ण प्रिया जी महाराज की मधुर आवाज़ में भगवान शंकर की कथाओं  का श्रवन किया। 

भगवान शंकर के विभिन्न स्वरुपो का वर्णन और भजनों से पूरा पांडाल भक्तिमय बना हुआ था  तथा श्रोता भगवान शंकर के भजनो पर झूमने लगे और अपने को धन्य समझने लगे ,कथा वाचक कृष्णप्रिया जी महाराज ने श्रोताओं को भगवान शंकर के विभिन्न स्वरुपो की कथा सुनाते हुये कहा कि शिव महापुराण कथा  का महात्य  सार अमृत के समान है ,यह कोई साधारण कथा नहीं है ,इसके सुनने से मनुष्य जन्म मरण के बन्धन से मुक्त होकर इस माया के संसार भव सागर से पार हो जाता है और , फिर  इस मकड़जाल जन्म मरण के बन्धन में नहीं पड़ता है ,इस लिये मनुष्य को अपनी मुक्ति हेतू सच्चे मन से भगवान शंकर की कथाओं का श्रवण कर भक्ति करनी चाहिये ,ये  संसार दुखालय है ,यहां कोई सुखी नही है ,हर जीव परेशान हैं ,और माया के मकड़जाल मोहपाश में फसा हुआ है ,यहां वहीं  सुखी  है ,जो भगवान शंकर की कथाओं में लीन हैं ,आज आठवें दिन भी बड़ी संख्या में सुदूर क्षेत्रो से श्रदालु शिव महापुराण का महात्म्य सुनने बामनाथ पहुंचे तथा कथा का फल प्राप्त किया ,इस अवसर पर वेद पाठी ब्राहमण शशिभूषण त्रिपाठी अरविंद त्रिपाठी , विधायक राजेंद्र सिंह भण्डारी जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भण्डारी ,कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष चनद्रपाल भण्डारी कोषाध्यक्ष रघुनंदन नेगी सचिव राकेश रावत , राजकिशोर भण्डारी रणबीर भण्डारी  रवेन्द्र भण्डारी ब्लाक प्रमुख प्रीती भण्डारी संतू नेगी सन्तोष चौधरी बीरेंद्र भण्डारी शिव सिंह रावत रघुनाथ रावत बैशाखू लाल दिगपाल भण्डारी पृथ्वी भंडारी नीरज कण्डारी  सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग और श्रद्धालू मौजूद थे ,कल 24 जुलाई को शिव महापुराण कथा का ब्रहमभोज के साथ समापन होगा ।

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