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Monday, 25 April 2022

भारत में क्या सांप्रदायिक दंगे बढ़ रहे हैं, आंकड़े क्या कहते हैं

 भारत में क्या सांप्रदायिक दंगे बढ़ रहे हैं, आंकड़े क्या कहते हैं?


केदारखण्ड एक्सप्रेस न्यूज़

नई दिल्ली। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो 2020 के आंकड़े बताते हैं कि संप्रदायिक हिंसा, झड़पों में बीते साल के मुकाबले ज़बरदस्त उछाल आया है।

बीते कुछ दिनों में भारत के अलग-अलग राज्यों से एक के बाद एक सांप्रदायिक झड़पों की घटनाएं सामने आई हैं. इनमें से सबसे हालिया घटना है दिल्ली के जहांगीरपुरी की, जहां हनुमान जयंती के मौके पर शोभायात्रा के दौरान हिंसा भड़की और 9 लोग इसमें घायल हो गए. जिनमें सात पुलिस वाले शामिल हैं.

  लेकिन सवाल अभी भी बरक़रार है कि देश में सांप्रदायिक दंगों की घटनाएं कितनी बढ़ी हैं?

  डेटा क्या कहता है?

2020 में सांप्रदायिक हिंसा की कुल 857 घटनाएं हुईं, यह 2019 की तुलना में 94% ज़्यादा थी. सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं में अचानक उछाल का अहम कारण दिल्ली है. इसे ऐसे समझिए कि 2014 और 2019 के बीच दिल्ली में सांप्रदायिक दंगों की केवल दो घटनाएं हुईं, लेकिन 2020 में, दिल्ली में सांप्रदायिक दंगों की 520 घटनाएं हुईं, जिससे देश भर के आंकड़ों में वृद्धि हुई।

   हाल ही में, गृह मंत्रालय ने संसद में कहा कि भारत में 2016 और 2020 के बीच सांप्रदायिक और धार्मिक दंगों के 3,399 मामले सामने आए. और यह डेटा काफ़ी सटीक है और एनसीआरबी के आंकड़ों से भी मेल खाता है. एनसीआरबी की गणना के आधार पर 2014 से 2020 के बीच सांप्रदायिक दंगों की 5417 घटनाएं दर्ज की गईं है ।

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