Char dham yatra
 

Breaking News


Saturday, 16 April 2022

वाण गांव में स्थित लाटू देवता के कपाट आज से श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए खुले, लाटू धाम वाण में उमड़ी भक्तों की भंयकर भीड़।

 वाण गांव में स्थित लाटू देवता के कपाट आज से श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए खुले।

 लाटू धाम वाण में उमड़ी भक्तों की भंयकर भीड़।

नवीन चन्दोला/देवाल

केदारखण्ड एक्सप्रेस न्यूज़

चमोली जनपद के विकासखंड देवाल में झोड़े - चाचरी गायन एवं पंडितों के वेद उच्चारण के साथ रुपकुण्ड ट्रेक के प्रसिद्ध गांव वाण में स्थित लाटू धाम में लाटू देवता के कपाट आज बैशाख पूर्णमासी के दिन 6 माह के लिए खुल गए हैं, इस अवसर पर मां नंदा भगवती की पूजा.अर्चना कर मां नंदा, लाटू देवता का आशीर्वाद लिया।

हर साल हिन्दू संवत्सर के मंगशीर महीने की पूर्णमासी के दिन चारों धामों की भांति लाटू धाम के कपाट भी आम श्रद्धालुओं के लिए शीतकाल के लिए बंद होने की पंरपरा रही हैं इस साल भी आज देवाल विकासखंड के वाण गांव में लाटू धाम के कपाट खोले गए। प्रातःकाल से ही भारी संख्या में वहां की ईष्ट देवी नंदा देवी और लाटू देवता के भक्तों की भीड़ शुरू हो गई थी, सुबह से ही लाटू धाम में वहां के स्थानीय कुल ब्राह्मण हरिदत्त कुनियाल, रमेश कुनियाल, एवं उमेश कुनियाल के द्वारा पूजा-अर्चना की गई।


वाण मंदिर समिति के अध्यक्ष कृष्णा सिंह जिला पंचायत सदस्य, उपाध्यक्ष हीरा सिंह पहाड़ी, प्रधान पुष्पा देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य रामेश्वरी देवी, महिला मंगल दल अध्यक्ष नंदी देवी, नव युवक मंगल दल, लाटू देवता के गीतों (झोड़ो) के गायक हुक्म सिंह, बीरबल सिंह, महिपाल सिंह, हरपाल सिंह, बग्तावर राम, भवान राम तथा अन्य भक्तों द्वारा झोड़ा गीत- चाचरी नृत्य के के बीच दोपहर करीब 12 बजें मंदिर के मुख्य पुजारी खीम सिंह बिष्ट ने धाम के कपाट को खोलते हुए उसके अंदर के गर्भगृह को कुछ देर के लिए खोलकर पूजा-अर्चना की, उसके बाद गर्भगृह के कपाट को बंद कर दिया गया। जबकि बाहर के कपाट को अगले 6 माह के लिए पूजा -अर्चना,दर्शन हेतु खोल दिया गया हैं।

जब लाटू देवता के कपाट खोले गए उस समय कई महिलाओं- पुरुषों पर मां नंदा देवी, लाटू देवता और अन्य देवी-देवता अवतरित हुए, वह ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते रहे। इस प्रकार से आज से वाण स्थित लाटू देवता के कपाट श्रद्धालुओं द्वारा पूजा -अर्चना के लिए खोल दिए गए हैं।

No comments: