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Wednesday, 22 September 2021

यात्रा खुलने से चारों धामों में लौटी रौनक, हर रोज सैकड़ों श्रद्धालु पहुँच रहे



यात्रा खुलने से चारों धामों में लौटी रौनक, हर रोज सैकड़ों श्रद्धालु पहुँच रहे


डैस्क : केदारखण्ड एक्सप्रेस न्यूज़

उत्तराखंड। कोविड19 की महामारी से सुने पडे चार धाम यात्रा के खुलने से इन धामों में पसरा सन्नाटा टूट गया है और रौनक लौट आई है। हर रोज सैकड़ों श्रद्धालु यहाँ दर्शनों को पहुंच रहे हैं। 

चारधाम यात्रा धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ने लगी है। हर दिन सैकड़ों की संख्या में यात्री धाम में पहुंच रहे हैं। मंगलवार को चारों धाम में कुल 1561 तीथयात्रियों ने दर्शन किए। बदरीनाथ धाम में 501, केदारनाथ में 618, गंगोत्री में 158 और यमुनोत्री धाम में 284 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए। 

मंगलवार को देवस्थानम बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार बदरीनाथ धाम में 2114 यात्री दर्शन कर चुके हैं, जबकि हेमकुंड साहिब में मंगलवार को 146 यात्री दर्शन के लिए पहुंचे हैं। 21 सितंबर शाम चार बजे तक चारों धामों के लिए 69217 पास जारी किए जा चुके हैं।

वहीं केदारनाथ धाम में दिनभर बाबा के जयकारे गूंजते रहे। धाम में कोरोना नियमों के पालन के बीच शाम चार बजे तक 618 श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए। यात्रा प्रभारी युद्धवीर सिंह पुष्पवाण ने बताया कि पिछले तीन दिनों की अपेक्षा मंगलवार को सुबह से भीड़ रही।

उधर,श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल का कहना है कि गंगोत्री धाम में कोविड नियमों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। साथ ही तीर्थयात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग और फेस मास्क लगाने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।

एसडीएम जोशीमठ को यात्रा संचालन का दायित्व

जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने एसडीएम जोशीमठ कुमकुम जोशी को संपूर्ण यात्रा व्यवस्थाओं का दायित्व सौंपा है। पुलिस उपाधीक्षक धन सिंह तोमर, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. उमा रावत, चिकित्साधिकारी डा. सचिन राणा को बदरीनाथ धाम व यात्रा मार्ग पर एसओपी एवं कोविड गाइडलाइन का पालन कराने की जिम्मेदारी दी गई है।

देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह को बदरीनाथ मंदिर परिसर के अंतर्गत यात्रियों के दर्शन, सफाई व्यवस्था और गाइडलाइन के अनुसार सभी व्यवस्थाएं कराने की जिम्मेदारी दी है। यात्रा मार्ग के होटल, रेस्टोरेंट और आवासीय व्यवस्थाओं में नियमों का पालन कराने के लिए जिला पर्यटन अधिकारी वृजेंद्र पांडे और बदरीनाथ नगर पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था के लिए बदरीनाथ नगर पंचायत के ईओ सुनील पुरोहित को दायित्व दिया गया है।

सिविल हेलीपैड की व्यवस्थाओं के लिए लोनिवि के सहायक अभियंता विजयपाल को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं बदरीनाथ हाईवे को चार सेक्टरों में बांटकर अलग-अलग अधिकारी नामित किए हैं। डीएम ने सभी अधिकारियों को एसओपी और कोविड गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। 


यमुनोत्री मार्ग पर घोड़े व डंडी कंडी का शुल्क होगा निर्धारित

जिला पंचायत प्रशासन जल्द यमुनोत्री पैदल मार्ग पर घोड़े व डंडी-कंडी का शुल्क तय करेगी। अभी मार्ग पर घोड़े व डंडी कंडी का संचालन व शुल्क संचालकों ने स्वयं ही तय किया है। जिला पंचायत प्रशासन का कहना है कि इस संबंध में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 

चारधाम यात्रा शुुरू हुए चार दिन से अधिक हो गए हैं, लेकिन जिला पंचायत प्रशासन ने यमुनोत्री पैदल मार्ग पर घोड़े व डंडी कंडी का संचालन की व्यवस्था अभी तक अपने हाथों में नहीं ली है। अभी मार्ग पर घोड़े संचालक व डंडी कंडी संचालक स्वयं ही इस व्यवस्था को संभाले हुए है।

जिला पंचायत की ओर से शुल्क भी तय नहीं किया गया है। जबकि यह पूरी व्यवस्था जिला पंचायत प्रशासन की होती है। जिला पंचायत के यात्रा चंदन सिंह का कहना है कि घोड़े व डंडी कंडी के संचालन की व्यवस्था जिला पंचायत अपने स्तर से शुरू करेगी। 


चार दिन में एसओपी का पालन न करने वाले 7 वाहन लौटाए

पौड़ी पुलिस चारधाम यात्रा शुरू होने से अब तक एसओपी का पालन न करने वाले 7 वाहनों को श्रीनगर-कीर्तिनगर पुल चेक पोस्ट से वापस लौटा चुकी है। एसओपी का पालन न करने वाले यात्रा वाहनों को जिले की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।

चारधाम यात्रा के मद्देनजर श्रीनगर क्षेत्र में बदरीनाथ हाईवे पर कीर्तिनगर पुल के छोर पर चेकपोस्ट स्थापित किया गया है। यात्रा में आने वाले वाहनों के कागजात चेक किए जा रहे हैं। एसएसपी पौड़ी पी. रेणुका देवी ने बताया कि 18 सितंबर से अब तक श्रीनगर चेकपोस्ट पर 318 वाहनों की चेकिंग की गई है। यहां राज्य सरकार की ओर से जारी एसओपी का पालन न करने वाले (उत्तराखंड चार देवस्थानम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अनिवार्य यात्रा ई-पास न लाने, कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगाने के 15 दिन के उपरांत प्रमाण पत्र साथ न लाने, जिन यात्रियों ने वैक्सीन की एक डोज या कोई डोज नहीं लगवाई हो, ऐसे यात्रियों को अधिकतम 72 घंटे पूर्व की आरपीटीसीआर/ ट्रूनेट/सीबीएनएएटी/आरएटी कोविड निगेटिव रिपोर्ट न लाने वाले) यात्रियों को लौटाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि एसओपी का पालन न करने पर चार दिन में सात वाहन लौटाए जा चुके हैं। एसएसपी ने यात्रियों से यात्रा पंजीकरण प्रमाण पत्र बनाते समय अपलोड किए गए दस्तावेजों को यात्रा के दौरान अपने पास सुरक्षित रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की पुलिस सहायता हेतु यात्री आपातकालीन नंबर-112 पर कॉल कर सकते हैं।