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Thursday, 5 August 2021

घोर लापरवाही : चमोली जिले में स्वास्थ्य विभाग को नहीं कोरोना की तीसरी लहर की चिंता


घोर लापरवाही : चमोली जिले में स्वास्थ्य विभाग को नहीं कोरोना की तीसरी लहर की चिंता


नवीन चंदोला/केदारखंड एक्सप्रेस न्यूज़

नारायणबगड़- जहां एक ओर स्वास्थ्य विभाग कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चिंतित है, वही  नारायणबगड. विकासखंड के ग्राम पंचायत देवपुरी के आयुर्वेदिक हाॅस्पिटल में कार्यरत डाॅक्टर व स्टाफ का कई माह से ड्यूटी पर न होना इस बात का संकेत है कि आखिर स्वास्थ्य विभाग अपनी जिम्मेदारियों के प्रति कितने संवेदनशील है। 

ग्रामीणों का कहना है कि जहां सरकार द्वारा करोडों रूपये  भवन बनाने में खर्च कर दिये गये लेकिन यहां पर तैनात डाॅक्टर व अन्य स्टाफ कभी दर्शन ही नहीं देते हैं जिस कारण ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा हके लिए 10 से 15 किमी दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणबगड. जाना पड़ता हैं। 

विकासखंड नारायण.बगड के अन्तर्गत एक दर्जन से अधिक गांवों में स्वास्थ्य सुविधा के लिए देवपुरी में करोडों रूपये खर्च कर आयुर्वेदिक हाॅस्पिटल का निर्माण कराया गया जिसमें कि वर्तमान में डाॅक्टर व फार्मासिस्ट सहित एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जो कि उपनल के माध्यम से कार्यरत है लेकिन ग्रामीण  मनोज भण्डारी, संदीप भण्डारी जिलाध्यक्ष युवा कांग्रेस चमोली, रघुबीर भण्डारी, प्रीतम सिंह भण्डारी व नन्दन सिंह भण्डारी के अनुसार हास्पिटल का निर्माण तो कराया गया है लेकिन यहां पर भवन मात्र शोपीश बना हुआ है, यहां पर तैनात डाक्टर को उन्होने कभी देखा ही नहीं है, अधिकतर ग्रामीणों का कहना है कि डाक्टर द्वारा अपना हाजिरी रजिस्टर को बाजार में मंगाकर अपनी हाजिरी लगाने महिने में एक बार पहुंचती है व वही से वापस चली जाती है जबकि यहां पर तैनात फार्मासिस्ट भी हाॅस्पिटल में नहीं पहुंचता है कभी कभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारा हाॅस्पिटल का ताला खोला जाता हैं। जिस कारण यह आयुर्वेदिक हाॅस्पिटल महज शोपीस बन कर रह गया है, ग्रामीणों का स्वास्थ्य सम्बन्धित सुविधा हेतु 10 से 15 किमी दूर नारायण बगड प्रा0स्व0केन्द्र में पहुचना पडता है जिस कारण कई बार गम्भीर प्राथमिक चिकित्सा ना मिलने के कारण ग्रामीण रास्ते में ही दम तोड़ देते है । 

वही कोरना जैसी महामारी के दौरान उक्त स्वास्थ्य केन्द्र द्वारा किसी भी प्रकार की कोई भी सुविधा नही मिल पाई हैं, जब सरकार कोरोना की तीसरी लहर की बात कर रही है जो कि छोटे बच्चोें के लिए बड़ी हानिकारक है बिना डाॅक्टर व मेडिकल स्टाॅफ के किस प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में बचाव हो पायेगा ।

इस सम्बन्ध में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी सुनील कुमार रतूड़ी के अनुसार वर्तमान समय में हर हाॅस्पिटल में भ्रमण करना सम्भव नहीं हैं, यदि ग्रामीणों द्वारा इस सम्बन्ध में लिखित शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो वे आवश्यक कार्यवाही करेगें साथ ही उनके द्वारा सम्बन्धित स्टाफ से स्पष्टिकरण लिया जायेगा।