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Wednesday, 7 July 2021

पहाड़ के लिये धड़कता है डॉ रावत का दिल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के रूप में संभाला कार्यभार


रूद्रप्रयाग : पहाड़ के लिये धड़कता है डॉ रावत का दिल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के रूप में संभाला कार्यभार 


जिला चिकित्सालय का जल्द होगा रेनोवेशन, स्थापित होगा ऑक्सीजन प्लांट

मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने देंगे: डॉ रावत

डैस्क : केदारखंड एक्सप्रेस न्यूज़

रुद्रप्रयाग। चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए शासन ने जिला चिकित्सालय में कार्यरत वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ दिग्विजय सिंह रावत को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी है। डॉ रावत ने जिला अस्पताल में बतौर सीएमएस विधिवत रूप से कार्यभार ग्रहण कर दिया है। महिला रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति होने तक डॉ रावत पूर्व की भांति अपनी सेवाएं जारी रखेंगे।

अपनी 24 वर्ष की चिकित्सा सेवा के दौरान डॉ दिग्विजय रावत ने करीब 22 वर्ष तक पहाड़ों में ही सेवाएं दी हैं। मूल रूप से गौचर (चमोली) निवासी डॉ रावत का बचपन से ही सपना था कि वह डॉक्टर बनकर अपने पहाड़ में ही लोगों की सेवा करेंगे। उनका सपना साकार होने के बाद से ही वह पहाड़ी क्षेत्र में लोगों के लिए उम्मीद की किरण बने हुए हैं। सेवाकाल के दौरान डॉ रावत जखोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक साल, कीर्तिनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दस साल, और दून महिला चिकित्सालय में दो साल की सेवा दे चुके हैं। पिछले 11 वर्ष से जिला चिकित्सालय में सेवाएं दे रहे हैं। अपने पूरे जीवन काल में डॉ रावत करीब बीस हजार महिलाओं के ऑपरेशन, 20 हजार नसबंदी और तीस हजार डिलीवरी कर चुके हैं।

अपनी प्राथमिकताओं के बारे में जानकरी देते हुए नवनियुक्त मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ दिग्विजय सिंह रावत ने बताया कि जल्द ही जिला चिकित्सालय का रिनोवेशन किया जाएगा। जिसके तहत इमरजेंसी वार्ड, रजिस्ट्रेशन कक्ष के स्पेस को बढ़ाया जाएगा और अस्पताल के ऊपरी मंजिल पर लैब का निर्माण किया जाएगा। जहां पर सभी तरह की जांचे होंगी। जिला चिकित्सालय में ही सेंट्रल ऑक्सिजन प्लांट भी स्थापित किया जाएगा। साथ ही हाई डिपेंडेंट यूनिट (एचडीयू), ऑपरेशन थिएटर (ओटी) मॉडलर पर भी काम चल रहा है। 

डॉ रावत ने कहा कि मरीजों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं देना उनका मकसद है। हरेक मरीज के साथ व्यवहार अच्छा हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मरीजों को अस्पताल में ही दवाइयां उपलब्ध हो, इसका भी प्रयास कर रहे हैं।