Breaking News

Tuesday, 6 July 2021

अफसरशाही की हनक : डीएम के बच्चे को पार्क में जाने से रोका तो होम गार्ड को किया सस्पेंड

अफसरशाही की हनक : डीएम के बच्चे को पार्क में जाने से रोका तो होम गार्ड को किया सस्पेंड


डैस्क : केदारखंड एक्सप्रेस न्यूज़

चमोली। चमोली की जिलाधिकारी  स्वाति एस भदौरिया ने पिछले दिनों एक आपदा प्रभावित महिला को डांटने के मामले से खूब आलोचना हुई थी अब एक और मामला प्रकाश में आ रहा है। इस  बार दरअसल अब डीएम की चर्चा में रहने की वजह यह है कि अपने बंगले के पास बने शहीद पार्क में ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड के जवान को डीएम ने 3 साल के लिए इसलिए  सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए। पीड़ित होमगार्ड के मुताबिक-  होमगार्ड के जवान ने कोरोना गाईडलाईन का पालन करवाते हुए डीएम के बच्चे को पार्क में जाने से रोका। वो भी तब जब पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर कोरोना गाईडलाईन के अनुसार प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित था।




मामला अप्रैल माह का बताया जा रहा है ,जब सार्वजनिक पार्कों में कोरोना की गाईडलाईन के कारण प्रवेश वर्जित किया गया था।डीएम आवास के ठीक सामने बने पार्क में कोई प्रवेश न करें इसको लेकर एक होमगार्ड के जवान की तैनाती भी पार्क के बाहर की गई थी। लेकिन पार्क के बाहर ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड के जवान को डीएम के बच्चे को पार्क में जाने से रोके जाने पर 3 साल तक ड्यूटी से हाथ धोना पड़ गया।अब  नौकरी से बेदखल होमगार्ड का जवान दफ्तरों की चौखट पर अपनी बहाली की गुहार लगा रहा है।पीड़ित होमगार्ड जवान का कहना है कि उसे अपनी ड्यूटी निष्ठा से करने की सजा मिली है,अगर उसे पता होता कि डीएम के बच्चे को पार्क में जाने से रोकने पर डीएम उसे नौकरी से हटा देगी तो वह कभी भी ऐसा नही करता,कहना है कि ड्यूटी पर नही होने के कारण उसे घर चलाने के लिए रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। वंही एक अन्य होमगार्ड के जवान ने भी पूरे प्रकरण को अन्यायपूर्ण बताया है।


शहीद पार्क पर सुरेंद्र लाल के हटाये जान के बाद ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड के जवान बुद्धि लाल का कहना है कि उन्हें सख्त आदेश दिया गया है कि पार्क में किसी को प्रवेश न करने दिया जाए, इसलिए पार्क में ताला भी लगाया गया है।

मामले पर होमगार्ड के सहायक ज़िला कमांडेंट दीपक भट्ट का कहना है कि हटाये गए होमगार्ड सुरेंद्र लाल की ड्यूटी डीएम आवास के सामने बने शहीद पार्क में लगाई गई थी,ताकि कोरोना संक्रमण के दौरान कोई पार्क में प्रवेश न कर सके,होमगार्ड जवान के द्वारा डीएम के बेटे को पार्क में जाने से रोका गया,जिसके बाद डीएम कार्यालय की तरफ से हमारे कार्यलय को एक पत्र जारी किया गया,जिसमे होमगार्ड सुरेंद्र लाल द्वारा पार्क में आने जाने वाले बच्चो और अभिभावको से अभद्रता करने का हवाला देते हुए जवान को 3 साल के लिए ड्यूटी से मुक्त रखने के आदेश दिए गए है।

डीएम द्वारा जारी पत्र पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे है क्योंकि अप्रैल माह में कोरोना संक्रमण के चलते कोविड गाईडलाईन के अनुसार सभी पार्कों में प्रवेश वर्जित था,लेकिन पत्र में लिखा गया है कि पार्क में आने जाने वाले बच्चो और उनके परिजनों से उक्त होमगार्ड के द्वारा अभद्रता की गई,जबकी होमगार्ड का कहना है कि उसने अपनी ड्यूटी निभाते हुए एक बच्चे को पार्क में जाने से रोका था।वह डीएम का बेटा था इसकी जानकारी उसे नही थी।

उधर पूरे मामले में जिलाधिकारी चमोली स्वाति एस भदौरिया ने अपना पक्ष रखते हुये कहा कि होमगार्ड हटाने के मामले में डीएम चमोली को लेकर सोशल मीडिया प्रचारित खबर निराधार है जबकि सच्चाई यह हैः-



1. वीडियो में बताया जा रहा है कि यह लाॅकडाउन के दौरान की घटना है जबकि यह घटना 5 अप्रैल 2021 से पहले की है, उस समय कोई लाॅकडाउन नहीं था। होमगार्ड पर की गई कार्यवाही का जो लिखित आदेश दिया गया है, उसमें 5 अप्रैल की तिथि अंकित है, जबकि पूरे राज्य में 9 मई को कोविड कर्फ्यू लगा था।


2. जिस बच्चे को पीटा गया था वह डीएम का बच्चा नहीं था। लोगों की शिकायत पर किसी अन्य बच्चे को पार्क में जाने से रोकने एवं पीटने के मामले में होमगार्ड के खिलाफ कार्रवाई की गई, जो जिलाधिकारी के प्रशासनिक क्षेत्राधिकार में आता है ।


3. यदि होमगार्ड को डीएम के आदेश पर आपत्ति थी तो उन्हें सरकारी व्यवस्था के अंतर्गत अपील में जाना चाहिए था।


4. घटना के तीन महीने बाद सोशल मीडिया में इसको तथ्यहीन व गलत तरीके से प्रचारित कराना जानबूझकर जिला प्रशासन की छवि को खराब करना है।