Breaking News

Thursday, 10 June 2021

ग्वालदम और नारायणबगड़ में आज भी शराब की दुकान न खुलने से शराब के शौकीन मायूस



ग्वालदम और नारायणबगड़ में शराब की दुकान न खुलने से शराब के शौकीन मायूस, शराब की दुकानों में गड़बड़झाला


नवीन चन्दोला/केदारखण्ड एक्सप्रेस 

थराली। राज्य में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। इसी के तहत करीब एक माह तक अंग्रेजी शराब की दुकानों को बंद रखने के बाद सरकार के 9, 11एवं 14 जून को अंग्रेजी शराब की दुकानों को खोलने के निर्देश दिए जाने के बावजूद भी पिंडर घाटी की ग्वालदम एवं नारायणबगड़ की अंग्रेजी शराब की दुकानें आज नहीं खुल पाई। जिससे इन क्षेत्रों के लोगों को शराब नहीं मिल पाई, वही आबकारी विभाग से लेकर पुलिस प्रशासन के रवैए को लेकर तमाम तरह के प्रश्न उठने लगे हैं।


कोरोना संक्रमण के चलते समय.समय पर सरकार के द्वारा जारी एसओपी के तहत आज बुधवार को पूरे राज्य में करीब एक माह के बाद अंग्रेजी एवं देशी शराब की दुकानों को प्रातः 8 से दोपहर 1 बजे तक शराब की बिक्री के लिए दुकानों को खोला जाना था। इसके तहत चमोली जिले में जहां सभी अंग्रेजी शराब की दुकानें शराब की बिक्री के लिए खोली गई वही पिण्डर घाटी की 4 दुकानों में से पहले दिन महज 2 ही दुकानों पर शराब की बिक्री हुई बाकी 2 दुकाने अनलॉक के आदेश के बाद भी बन्द ही रही, बाकायदा ग्वालदम और नारायणबगड़ स्थित इन अंग्रेजी शराब की दो दुकानों को सील ही रखा गया।इस संबंध में पूछे जाने पर जिला आबकारी अधिकारी दीपाली शाह से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि इन दोनों दुकानों में दुकानों को कोरोना संक्रमण के चलते सील किए जाने के बाद कुछ गड़बड़ी हुई हैं, जिसकी जांच की जा रही है। जिसके कारण अनलाॅक के बावजूद भी दुकानों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। 

इस संबंध में आबकारी निरीक्षक कर्णप्रयाग रविंद्र डिमरी ने बताया कि दोनों दुकानों के शराब के स्टाक में गड़बड़ी की सूचना पर जिला आबकारी अधिकारी के निर्देश पर दुकानें बंद रखी गई। दोनों दुकानों के आज नहीं खुल पाने की वजह से जहां इन क्षेत्रों के शराब के शौकीनों को मायूसी हाथ लगी। वही सील दुकानों से भारी मात्रा में शराब की पेटियां गायब होने से आबकारी विभाग के साथ ही पुलिस प्रशासन पर भी सवालिया निशान उठाने लगें हैं कि लाॅकडाउन के दौरान ही शराब इन दुकानों से इधर उधर जाती रही और दोनों ही विभागों के स्थानीय अधिकारियों, कर्मियों को कानों.कान खबर भी नहीं लग पाई। अब आबकारी विभाग इस पर क्या कार्रवाई करता है आम आदमी की नजर इस आ टिकी हैं।