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Wednesday, 2 June 2021

नाबालिकों के सिर उठ गया माता पिता का साया, अनाथ बच्चों को सता रही भविष्य की चिंता


नाबालिकों के सिर उठ गया माता पिता का साया, अनाथ बच्चों को सता रही भविष्य की चिंता

सन्दीप बर्त्वाल  : केदारखण्ड एक्सप्रेस


पोखरी/चमोली। कभी कभी नियति भी ना जाने कैसा इम्तिहान लेती है। आखिर कैसे इतना क्रूर वह विधाता हो सकती है।  अब चमोली जिले के पोखरी ब्लॉक के वल्ली गांव के दो नाबालिग बच्चों धीरज (16), नीरज (14) को ही देख लिजिये। 6 वर्ष पूर्व पिता कुंदन लाल की के देहांत के बाद पहले ही इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था लेकिन अब इन बच्चों की मां का भी निधन हो गया जिससे यह अनाथ हो गए हैं।

दोनों नाबालिक बच्चों के सर से माता-पिता का साया उठने के बाद मानो मानो इनकी दुनिया पूरी तरह से वीरान हो गई हो। घड़ी मजदूरी करने वाले पिता कुंदन लाल की 6 वर्ष पूर्व मौत होने के बाद परिवार पर दुख का एक ऐसा पहाड़ टूट पड़ा था कि उसने परिवार को जिल्लत भरी जिंदगी जीने के लिए विवश कर दिया था। किसी तरह मां तारा देवी ने परिवार को संभाला और अपने दोनों बच्चों का लालन-पालन किया लेकिन क्या पता था  कुदरत को  यह भी मंजूर नहीं है  और एक बीमारी ने इन बच्चों से इनकी मां को भी बीती 24 मई को छीन लिया। जिससे इन बच्चों का चमन वीरान हो गया है अब दोनों बच्चों को सहारे की आवश्यकता है  ग्राम प्रधान विजय सिंह  ने अनाथ बच्चों के भरण पोषण की व्यवस्था करने की गुहार प्रदेश सरकार से लगाई है।

 

मां के निधन की सूचना के बाद जहां इन दिनों उनकी सतेराखाल निवासी बहिन मोनिका ग्रामीणों की मदद से उनकी देखरेख कर रही है। वहीं दिन गुजरने के साथ ही मोनिका को अपने भाईयों के भविष्य को लेकर चिंता बढने लगी है। मोनिका भी गरीब परिवार से संबंध रखती है। ऐसे में अब अनाथ हो चुके धीरज और नीरज ने सरकार और प्रशासन से भरण-पोषण की व्यवस्था करने की गुहार लगाई है। वल्ली के ग्राम प्रधान विजय सिंह रावत का कहना है कि मां की मौत के बाद मायके आई मोनिका को अब कुछ दिनों बाद अपने ससुराल लौटना होगा। ऐसे में दोनों नाबालिगों के सम्मुख आजीविका को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। जिसे देखते हुए प्रशासन और मुख्यमंत्री से पत्राचार कर मदद की गुहार लगाई गई है।