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Monday, 14 June 2021

अजब-गजब: बिना प्रधान के मुहर हस्ताक्षर के ग्राम निधि के खाते से निकाल दिए ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने 1 लाख 12 हजार रूपये





अजब-गजब: बिना प्रधान के मुहर हस्ताक्षर के ग्राम निधि के खाते से निकाल दिए  ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने  1 लाख 12 हजार रूपये

डैस्क: केदारखण्ड एक्सप्रेस न्यूज

रूद्रप्रयाग। इन दिनों जखोली विकासखण्ड से एक अजब गजब का मामला सामने आ रहा है जहाँ बिना ग्राम प्रधान की मुहर और हस्ताक्षर के ग्राम निधि के खाते से ग्राम पंचायत विकास अधिकारी द्वारा 1 लाख 12 हजार रूपये की धनराशि निकाल दी है। इसको लेकर जहाँ ग्राम प्रधान ने आक्रोश व्यक्त किया है वहीं उन्होंने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी के साथ-साथ प्रधान संगठन को पत्र लिखकर इस मामले में उचित कार्यवाही की मांग की है। 

दरअसल पूरा मामला जखोली ब्लाॅक के भुनालगांव से सामने आ रहा है जहाँ बिना प्रधान को विश्वास में लिए और हस्ताक्षर और मुहर के बगैर ही ग्राम विकास अधिकारी दिनेश नेगी द्वारा 1 लाख 12 हजार रूपये की धनराशि निकाल दी है। भुनालगांव की प्रधान सिमरन बैरवाण ने  जिलाधिकारी को पत्र  भेजकर बताया गया कि ग्राम पंचायत भुनालगांव में विधायक निधि से टिन सैड निर्माण के लिए अनुमानित 1 लाख 12 हजार की धनराशि धनराशि 5 जनवरी 2021 को प्राप्त हुए थे। लेकिन एक माह बाद फरवरी 2021 में यह राशि बिना प्रधान के हस्ताक्षर और मुहर के आहरित कर दी गई। 

ग्राम प्रधान ने पत्र में लिखा कि यह अत्यंत चिंताजनक विषय है एवं ग्राम प्रधान सचिव के इस प्रकार के रवैये से मुझे घोर निराशा हुई है जिसमें उक्त ग्राम पंचायत सचिव (ग्राम पंचायत विकास अधिकारी) दिनेश नेगी की महिला विरोधी एवं जातिवादी सोच स्पष्टता प्रतीत होती है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि ग्राम पंचायत सचिव द्वारा की गई इस असंवैनिक कृत्य के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए साथ ही संबंधित बैंक शाखा के विरूद्ध भी कार्यवाही की जानी चाहिए जिन्होंने नियम कायदों और अधिकारों को दरकिनार कर करने के साथ ही प्रधान को बिना सूचित किए ग्राम पंचायत के खाते से पैंसे निकाल दिए। 


दरअसल बताया जा रहा था कि राजनैतिक दबाव के चलते विभाग द्वारा बताया गया कि यह धनराशि कार्यदायी संस्था वि ख जखोली को भेजी जानी थी पर गलती से से ग्राम निधि के खाते में डाल दिया गया। बताया जा रहा है कि एक माह बाद ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दिनेेश नेगी द्वारा 1 लाख 12 हजार के आहरित चैक पर एक पत्र लगया गया जिसमें यह कहा गया कि प्रधान मुहर और हस्ताक्षर करने के लिए तैयार नहीं है और बैंक ने भी अधिकारीयों और राजनैताओं के दबाव में धनराशि निकाल दी। 


प्रधान ने पूरे प्रकरण को खेदजनक बताते हुए कहा कि यह एक जनता द्वारा चुनी हुई प्रतिनिधि की मान प्रतिष्ठा को ही ठेस नहीं है बल्कि लोकतंत्र प्रणाली को भी मजाक बनाया गया है। जिस पर त्वरित कार्यवाही होनी चाहिए। उधर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने फोन पर इस मामले में  किसी भी तरह की जानकारी देने के लिए मना कर दिया है।