Breaking News

Saturday, 8 May 2021

दस गाँवों का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र दैड़ा आर्युेदिक फार्मेस्टि के भरोसे, नहीं मिल रही दवा

 


दस गाँवों का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र दैड़ा आर्युेदिक फार्मेस्टि के भरोसे, नहीं मिल रही दवा


प्रदीप नेगी/केदारखण्ड एक्सप्रेस 

उखीमठ। जहाँ एक ओर कोरोना जैसी घातक और प्राणलेवा बीमारी ने तांडव मचा रखा है तो वहीं इन दिनों टाइफाइड बुखार भी अपना कहर बरपा रहा है। लेकिन इन सबके बीच अगर उखीमठ के एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को बुखार की गोली तक नसीब नहीं हो पा रही है, कारण है एक दर्जन गांवों के लिए स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने वाला प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एक आयुर्वेदिक फामेस्टिट के भरोसे संचालित हो रहा है। जबकि यहां पर्याप्त मात्रा में दवाईयां भी नहीं मिल रही है। 

कोरोना के इस संकट काल में लोग जहाँ कोरोना की डर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं तो वहीं टाइफाइड जैसे बुखार ने अनेकों गाँवों में लोग त्रस्त हैं। उखीमठ क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक गांवों का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र दैड़ा में एक भी स्टाफ नहीं हैं जबकि इस अस्पताल की व्यवस्था आयुर्वेकदक फार्मेसिस्ट सभाल रहे हैं। स्थिति ये हैं कि यहां लोगों को दवा तक नहीं मिल रही है। ऐसे में लोगों को भारी कठिनायों का सामना करना पड़ रहा है। दैड़ा, हुड्डू, बरंगाली, कांडा , सेमार कर्णधार सारी, कोरोखी, उषाड़ा सहित अनेक गांवों इसी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर निर्भर हैं लेकिन यहां स्वास्थ्य सेवायें भगवान भरोसे हैं। 

ग्रामीणों का कहना है सरकार ने यहां लाखों-करोड़ों रूपयों की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का भवन तैयार तो कर रखा है किन्तु डाॅक्टरों और संस्थानों के अभाव में ये भवन झाड़ियों में तब्दील हो चुके हैं और जनता को बुखार की गोली की गोली तक नसीब नहीं हो पा रही है।