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Saturday, 22 May 2021

जिला अस्पताल गोपेश्वर दर्दनाक सच : धरती के भगवान ऐसे तड़पाते हैं रोगियों को

 

जिला  अस्पताल गोपेश्वर दर्दनाक सच :  धरती के भगवान ऐसे तड़पाते हैं रोगियों को



सन्दीप बर्त्वाल/केदारखण्ड एक्सप्रेस 

गोपेश्वर। यकीन मानिए जिन्हें हम धरती का भगवान समझते हैं वह किसी शैतान से कम नहीं है। क्योंकि उनके अंदर न दया का भाव है न करुणा  है और ना उनके शरीर में हृदय हैं। यह पत्थर दिल गोपेश्वर के सरकारी अस्पताल में तैनात हैं जिन्हें एक जख्मी बुजुर्ग को महिनों से तड़पने के लिये छोड़ा हुआ है। 1 डॉक्टरों ने बुजुर्ग का ऑपरेशन तो किया है लेकिन ऑपरेशन में लगाई गई रोड कैसे शरीर से बाहर आ रखी है और बुजुर्गों को कितना असहनीय दर्द दे रही है इसको देखने वाला कोई नहीं है किसी सज्जन ने इस बुजुर्ग की व्यथा और कथा को वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में प्रचारित किया तो अब अस्पताल प्रशासन की छी छी थू थू हो रही है।

पहले आप वायरल हो रहे इस वीडियो का भयानक सच देखिए-


दरअसल आजकल जिला अस्पताल गोपेश्वर का एक वीडियो तेजी के साथ वायरल हो रहा है जो गोपेश्वर  स्वास्थ्य महकमें की पोल खोल रहा हैं। अस्पताल में  भीम सिंह नाम के एक बुजुर्ग व्यक्ति जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती  हैं। जहां उनके पैर का ऑपरेशन हुआ है जिस पर डॉक्टरों के द्वारा रॉड डाली हुई हैं। लेकिन डॉक्टरों  के ऑपरेशन के बाद पैर ठीक तो नहीं हुआ लेकिन वह रॉड बाहर निकल गयी।  बुजुर्ग असहनीय दर्द से कराह रहे हैं,  रातो को ढंग से सोया भी नही जाता है, लेकिन बावजूद कोई भी डॉक्टर उन्हें पूछने नही आता हैं।

आख़िर सवाल ये हैं जब जनपद के जिला अस्पतालों के ही ये हाल है तो और जगह की स्थिति कैसी होगी। हाल में ही मुख्यमंत्री तीरथ रावत ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था ,और अधिकारियों को निर्देश भी दिए थे की ढिलाई बर्दाश्त नही की जाएगी। परंतु उसके बाद भी ऐसी तस्वीरें  स्वास्थ्य महकमा की पोल तो खोल ही रहा है बल्कि यहां तैनात डॉक्टरों के भीतर के इंसान और उनकी आत्मा के मृत होने की गवाही दे रही है। आखिर कैसे बुजुर्ग की स्थिति पर इन डॉक्टरों का दिल नहीं पसीजा रहा है। आखिर ये इंसान हैं या हैवान हैं। इलाज में एक-दो दिन की देरी तो हो सकती है लेकिन कोई अगर महीनों से इस हालत में हो और यहां के डॉक्टर उन्हें एक दर्द की गोली तक ना दे तो वाकई में यह गंभीर मामला है जिसका संज्ञान प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को तत्काल लेना चाहिए।


वही मुख्य चिकित्सा अधिकारी चमोली को जब फ़ोन से संपर्क करना चाहा तो वो भी फ़ोन नही उठा रहे हैं।

अब देखना ये होगा इस गंभीर मामले पर क्या कार्यवाही होती हैं