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Sunday, 16 May 2021

घोर लापरववाही: इस गांव में पांच दिन पूर्व आए 61 लोग कोरोना पाॅजिटिव लेकिन नहीं किया कंटेनमेंट जोन घोषित


घोर लापरववाही: इस गांव में पांच दिन पूर्व आए 61 लोग कोरोना पाॅजिटिव लेकिन नहीं किया कंटेनमेंट जोन घोषित 

@भानु भट्ट/केदारखण्ड एक्सप्रेस रूद्रप्रयाग। ऐसा लगता है रूद्रप्रयाग जनपद में स्वास्थ्य विभाग खुद आईसीयू में भर्ती हो, यह हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं भगवान भरोसे नजर आ रही हैं। कोरोना जैसी महामारी के इस दौर में स्वास्थ्य विभाग ने हाथ खड़े कर दिए हैं और लोक जीवन को उनके हाल पर छोड़ दिया है। बसुकेदार तहसील के बीरों गाँव में 8 मई को 127 लोगों का कोरोना टेस्ट हुआ था जिसकी रिपोर्ट 5 दिन पूर्व आई, जिसमें  61 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पाॅजिटिव आई थी लेकिन स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम अब तक गाँव नहीं पहुँच पाई है। लापरवाहियों का आलम तो देखिए अब तक इस गांव को कंटेनमेंट जोन तक घोषित नहीं किया गया है। जिस कारण गांव में लगातार संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। 

बीते रोज सूबे के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने रूद्रप्रयाग का दौरा किया जहाँ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीएम को एक तरह से गुमराह किया गया कि जिले में सब व्यवस्थाएं चाक-चैबंद हैं लेकिन हकीकत प्रशासन के दावों से बिल्कुल उलट है। गाँव में कोरोना ने अपने पांव पसार लिए हैं, लोग कोरोना और बुखार से त्राहिमान हो रखे हैं लेकिन इनकी कोई सुनने वाला नहीं है। बीरों गाँव में 61 लोग कोरोना पाॅजिटिव आने के 5 दिन बाद भी न तो स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुँची है और ना प्रशासन की टीमें यहां आई हैं। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यहां प्रशासन का कैसे नाकारा व्यवस्थाएं हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण आज संक्रमित लोग भी यहां वहां घुम रहे हैं जबकि बीरों गाँव से लोग बाजारों में भी लगातार आवागमन कर रहे। जिससे कोरोना संक्रमण बढ़ने का लगातार खतरा बना हुआ है। 

दूसरी ओर डांगी बागर में भी 28 लोग कोरोना पाॅजिटिव हैं, उरछोला में 21, बक्सीर में 35 लोग कोरोना संक्रमित हैं लेकिन इन लोगों को न तो दवाई पहुचाई जा रही है और न इन गाँवों को सील किया जा रहा है। गांवों में सेनेटाइजेशन करना तो आसमान तोड़ लाने के समान है। जबकि खाद्यान्न आदि व्यवस्थाएं भी गांवों तक नहीं पहुंच पा रही है।  

रूद्रप्रयाग में जिल में स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्थाएं और प्रशासनिक अक्षम्यता इस वक्त साफ तौर पर देखी जा सकती है। अकुशल जिलाधिकारी और स्वास्थ्य अधिकारियों के कारण आज पूरा जिला त्राहिमान हो रखा है। जिले की सम्पूर्ण व्यवस्थाएं पटरी से नीचे उतर चुकी हैं और लोग यहां वहां बेबस नजर आ रहे हैं। खासतौर पर गाँव की स्थिति बेहद चिंताजनक हैं। हालात इसी तरह से रहे तो आने वाले दिनों में रूद्रप्रयाग जिले को और गम्भीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। क्योंकि वर्तमान में दो हजार से अधिक कोरोना के एक्टिव केश जिले में चल रहे हैं। जबकि 40 मौते कोरोना से हो चुकी हैं जबकि मौंतों का यह वह आंकड़ा है जो जिले में मृत्यु हुई हैं जबकि अंतिम समय पर यहां से श्रीनगर रेफर कर मृत्यु होने वाले मरीजों की संख्या दो सौ के पार है तो इससे आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों के जीवन के प्रति जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा कैसे बेपरवाह बने हुए हैं।