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Monday, 24 May 2021

12 मई से लापता चल रहा 22 वर्षीय मयंक खत्री, कोरोना काल के कारण नही मिला रहा कोई सुराग, घरवालों के रो रो कर बुरे हाल

 


12 मई से लापता चल रहा 22 वर्षीय मयंक खत्री, कोरोना काल के कारण नही मिला रहा कोई सुराग, घरवालों के रो रो कर बुरे हाल

सोनिया मिश्रा/केदारखण्ड एक्सप्रेस 

गौचर। गौचर के करछुना निवासी 22 वर्षीय मयंक खत्री पुत्र राम सिंह खत्री   बीते 12 मई से लापता चल रहा है। मयंक को आखिरी बार गौचर में देखा गया था। परिजनों द्वारा सम्भावित सभी जगहों पर तलाश कर दी गई है किन्तु मयंक का कही भी पता नही चल पा रहा है एसे में घर वालों के रो रो कर बुरे हाल हो रखे हैं। जबकि मयंक की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी पटवारी के पास कर दी है लेकिन यहाँ से भी कोई खास मदद नही मिल पा रही है।

दरअसल गौचर के सूगी गांव पो0 ओ0 करछुना निवासी राम सिंह खत्री का सबसे छोटा पुत्र 10वीं में पढ़ने वाला 22 वर्षीय मयंक बीते 12 मई से लापता चल रहा है। बताया जा रहा है कि  मयंक थोड़ा मानसिक रुप से ठीक नही था और उसकी दवाईया चल रही थी परंतु दो दिन दवाई ना खाने से वह घर से कही चला गया। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन की गई और सभावित सभी जगहों पर तलाश करने के बाद भी जब कही पता नही लगा तो उन्होने पटवारी कर्णप्रयाग के पास भी मयंक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कारवाई। लेकिन सरकारी स्तर से भी मयंक को ढूढ़ने के कोई खास प्रयाश नही किये गये। वही लाकडाउन के कारण परिजनों को मयंक की तलाश करने में भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।

मयंक के पिता का कहना है कि  लाकडाउन के कारण गाडियाँ नही मिल पा रही है जिस कारण पैदल ही मयंक की तलाश कर रहा हूँ। गरीब और बेरोजगार होने के कारण कोई उनकी मदद भी नही कर रहा है, ऊपर से कोरोना के कारण अधिक परेशानी हो रही है। उधर मयंक के लापता होने से जहाँ पिता बेटे की तलाश में दर दर भटक रहे हैं वही माँ और दो अन्य भाई बहिनों का रो रो कर बुरा हाल है।

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