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Thursday, 25 March 2021

ब्रेकिंग न्यूज़ रुद्रप्रयाग : अनैतिक देह व्यापार मामले में नाबालिक की मां होटल मालिक सहित 2 महिला व तीन पुरुषों को 10 वर्ष की सश्रम कारावास

 


ब्रेकिंग न्यूज़ रुद्रप्रयाग : अनैतिक देह व्यापार मामले में  नाबालिक की मां होटल मालिक सहित 2 महिला व तीन पुरुषों को 10 वर्ष की सश्रम कारावास 

भूपेंद्र भण्डारी "प्रखर"/केदारखण्ड एक्सप्रेस 

रूद्रप्रयाग। दो वर्ष पूर्व रुद्रप्रयाग मुख्यालय के एक होटल में नाबालिक लड़की के साथ उसी की माँ द्वारा अनैतिक देह व्यापार का सनसनीखेज  मामला प्रकाश में आया था, जिसमें रुद्रप्रयाग कोतवाली ने दो महिलाओं, होटल मलिक और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जिसमे आज न्यायालय ने सभी आरोपियों पर दोष सिद्ध पाते हुये सजा सुनाई है। 


दरअसल  रुद्रप्रयाग में  25 जून 2019 को एक नाबालिक पीड़िता द्वारा होटल मालिक समेत अपनी मां के विरुद्ध एक  तहरीर दी थी कि  उसके साथ उसकी मां और होटल मालिक द्वारा पांच हजार के एवज में होटल में देह व्यापार करवाया जाता था और नाबालिक के लिए उसकी मां व होटल मालिक द्वारा अवैध कार्य करने के लिए ग्राहक उपलब्ध कराए जाते थे जिन ग्राहकों से होटल मालिकों मां अलग-अलग पांच ₹500 प्राप्त करती थी। 


कोतवाली द्वारा मुकदमा दर्ज करने के उपरांत मुकदमे की विवेचना की गई जिसमें होटल मालिक व मां की गिरफ्तारी के उपरांत एक अन्य महिला जो कि जनपद चमोली की रहने वाली थी इस कार्य में संलिप्त थी साथ ही स्थानीय स्तर पर दो युवकों को भी गिरफ्तार किया गया था बाद में विवेचना सभी अभियुक्तों के विरुद्ध धारा 370 370a 373 376 342 366 भारतीय दंड विधान एवं धारा 5 अनैतिक देह व्यापार व धारा 3/4 लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम 2012 में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। जिसमें अभियोजन के द्वारा 8 गवाह प्रस्तुत किए गए तथा लगभग 52 दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय में प्रमाणित करवाएं गए।


विचारण के दौरान समस्त साथियों एवं उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आज विशेष सेशन न्यायाधीश पोक्सो जिला जज हरीश कुमार गोयल की अदालत ने दोनों पक्षों के सुनने के उपरांत उपरोक्त सभी धाराओं में नाबालिक की मां होटल मालिक सहित 2 महिला व तीन पुरुषों को बस 10 वर्ष की सश्रम कारावास व पुरुषों पर 20 हजार रुपये  का अर्थदंड वह नाबालिग की मां पर दो हजार का अर्थदंड वह अन्य महिला पर 25 सौ का अर्थदंड आरोपित कर जेल भेजा गया। इस मामले में अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक सुदर्शन चौधरी द्वारा पैरवी की गई।