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Tuesday, 26 January 2021

पेयजल की भारी किल्लत से जूझ रहा क्वीलाखाल गांव


पेयजल की भारी किल्लत से जूझ रहा क्वीलाखाल गांव, 

गजेन्द्र भट्ट गुड्दू/केदारखण्ड एक्सप्रेस 

जखोली। एक तरफ भारत सरकार के महत्वकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल हर घर जल देने का वायदा किया जा रहा है और इस योजना का कार्य इन दिनों गांव में चरम पर है तो वहीं रुद्रप्रयाग जनपद के विकासखंड जखोली के भरदार क्षेत्र के कई गांव बूंद बूंद पानी को मोहताज हैं आलम यह है ग्रामीणों को घोड़े खच्चरों के जरिए मीलों दूर प्राकृतिक जल स्रोतों से पैसे देकर पानी लेना पड़ रहा है जबकि गरीब असहाय लोग पीठ और सिर में दिनभर पैदल पानी ढोने को विवश है।

जखोली के भरदार क्षेत्र का क्वीलखाल गांव पेयजल की गंभीर किल्लत से जूझ रहा है। यहां के ग्रामीण 3 से 4 किलोमीटर दूर खड़ी चढ़ाई में प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोने के लिए मजबूर हो रखे हैं। यह समस्या पिछले कई वर्षों से प्रगाढ़ रूप धारण किए हुए है जबकि चुनाव के वक्त हर बार छुट््टभैया नेताओं के साथ ही विधायकों मंत्रियों की फौज गांव का दौरा करती है और पेयजल की इस समस्या से निजात दिलाने के लिए वादा करती है लेकिन यह वादा चुनाव जीतने के बाद फलीभूत नहीं हो पाता है ऐसे में ग्रामीण ठगे के ठगे रह जाते हैं। कई बड़ी पेयजल योजनाओं का निर्माण क्षेत्र में किया जा रहा है और क्वीला खाल गांव को पेयजल मुहैया करवाने के ढोल पीटे जा रहे हैं लेकिन क्वीलाखाल गांव को कब पेयजल नसीब होगा यह किसी को नहीं पता है बहरहाल ग्रामीणों का कहना है कि अगर 2022 तक गांव को पेयजल की समस्या से निजात नहीं दिलाई गई तो वह आने वाले विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे।

जल जीवन मिशन के अंतर्गत इस गांव के टेंडर नहीं ले रहा कोई


जखोली।  रुद्रप्रयाग जिले के तीनों विकास खंडों में भले ही जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल हर घर नल की योजना इन दिनों जोरों पर चल रही हो लेकिन कई गांव ऐसे भी हैं जहां ठेकेदार टेंडर लेने के लिए तैयार नहीं है। जखोली विकासखंड के भारदार क्षेत्र का क्वीला खाल गांव कुछ इसी तरह की परेशानी से जूझ रहा है कारण है गांव में पेयजल की गंभीर किल्लत। 

दरअसल क्वीला खाल गांव पेयजल की भारी समस्या से जूझ रहा है जिस कारण जल जीवन मिशन के अंतर्गत चलाई जा रही योजना के टेंडर लेने के लिए हर कोई ठेकेदार कतरा रहा है आलम यह है कि जहां जिले के अन्य गांव में इस योजना का आधा से अधिक कार्य पूरा हो चुका है तो वही इस गांव के लिए अभी तक टेंडर ही नहीं पड़े हैं। ठेकेदारों का साफ तौर पर कहना है कि जब गांव में पानी ही नहीं है तो फिर घर-घर पेयजल लाइनें बिछाकर क्या करें और अगर केवल लाइने बिछा भी दी तो ग्रामीण यहां हंगामा शुरू कर देंगे। वहीं दूसरी तरफ ग्रामीणों का कहना है सरकारों को यह तय करना चाहिए था कि जब वह इस महत्वकांक्षी परियोजना के तहत घर-घर पानी देने का वायदा कर रहे हैं तो फिर हमारे गांव के ग्रामीणों को क्यों पेयजल से वंचित रखा जा रहा है।

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