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Thursday, 14 January 2021

अपना भवन होते हुए भी किराए के भवन पर संचालित हो रहा है अस्पताल, लाखों की संपत्ति बर्बाद

 


अपना भवन होते हुए भी किराए के भवन पर संचालित हो रहा है अस्पताल, लाखों की संपत्ति बर्बाद

बसुकेदार। राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय भीरी को अपने भवन बने हुए 15 साल गुजर गए हैं किंतु यहां चिकित्सालय का संचालन नहीं हो पाया है। यहां अस्पताल वर्तमान में ग्राम पंचायत भीरी के पंचायत भवन पर किराए में संचालित हो रहा है। पूर्व में लोगों द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से को एकर  ज्ञापन सौंपकर चिकित्सालय को नए भवन पर स्थानांतरित करने की मांग की गई थी तब सीएमओ द्वारा 15 दिन के अंदर राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय बीड़ी को नए भवन पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे बावजूद लंबा समय गुजर जाने के बाद भी इस दिशा में कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है।



आपको बताते चलें लाखों की लागत से निर्मित राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय भीरी का भवन वर्ष 2004-05 में बनकर तैयार हो गया था जिसका विधिवत उद्घाटन भी किया जा चुका है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण यह अस्पताल 15 साल गुजर जाने के बाद भी अपने नए भवन में शिफ्ट नहीं हो पाया है। पिछले साल जनवरी में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा था कि तिनसोली, नागजगई, फेन्गू, बरम्वाडी, टेमरिया, गिवाडी, ककोला, ढांग, धारसाल, आदि गांव के ग्रामीणों ने कहा कि भीड़ में क्षेत्र की 20 ग्राम सभाओं के लिए राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय के भवन का निर्माण किया गया।


 भवन बने 15 साल बीत गए हैं किंतु अस्पताल नए भवन पर संचालित नहीं हो रहा है। नए भवन का पूर्व में उद्घाटन भी कर लिया गया था। भवन पर बिजली पानी सहित सब सुविधाएं हैं बावजूद इस पर एलोपैथिक चिकित्सालय नहीं खुल पाया है। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी रुद्रप्रयाग द्वारा अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्तमुनि को निर्देशित किया गया था कि  राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय भीरी को पंचायत भवन से 15 दिनों के अंदर एलोपैथिक चिकित्सालय के नए भवन पर स्थानांतरित किया जाए लेकिन अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि द्वारा सीएमओ के निर्देशों को धता बताकर अब तक भी इसे शिफ्ट करने की कार्यवाही नहीं की गई जिससे क्षेत्र की सैकड़ों जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जबकि लाखों की लागत से निर्मित यह भवन बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है। भवन के चारों तरफ लंबी-लंबी झाड़ियां उग गए हैं। ऐसे में जहां स्वास्थ्य महकमा लाखों रुपयों की लागत से निर्मित भवन को बर्बाद कर रहा है वहीं हर साल हजारों रुपए किराया देकर सरकारी धन की बर्बादी कर रहा है। लोगों ने मांग की है कि अगर यह चिकित्सालय जल्द शिफ्ट नहीं हुआ तो क्षेत्र की जनता बड़े आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएगी।

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