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Saturday, 19 December 2020

आधुनिक दौर में नैतिकता के भूलते मूल्यों में संस्कृति सभ्यता और संस्कारों का समावेश कर रहा एकल अभियान

आधुनिक दौर में नैतिकता के भूलते मूल्यों में संस्कृति सभ्यता और संस्कारों का समावेश कर रहा एकल अभियान



डेस्क: केदारखण्ड एक्सप्रेस न्यूज 

रूद्रप्रयाग। रूद्रप्रयाग मुख्यालय में एकल अभियान के तहत अंचल के संच आचार्यो का 7 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का समापन हुआ। पिछले सात दिनों से चल रहे इस प्रशिक्षण अभियान में हमारी संस्कृति सभ्यता और सनातन धर्म की रक्षा के साथ साथ व्यावहारिक और नैतिक शिक्षा का पाठ पढाया गया। कार्यक्रम में संच की 40 से अधिक एकल महिला आचार्यों ने प्रतिभाग किया। समापन अवसर आये वक्ताओं ने कहा आज के दौर की शिक्षा केवल और केवल एक दौड़ की तरह है जिसमें केवल प्रथम आने की प्रतिस्पर्धा है। आधुनिकता की शिक्षा से हमारी संस्कृति, संस्कार और नैतिक मूल्यों का पतन जैसा हो गया है। किताबी और व्यवहारिक ज्ञान के बीच एक इतनी बड़ी खाई बन गई है जिसे पाटने आसान नहीं है लेकिन एकल विद्यालय का यह अभियान इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। संस्कारवान शिक्षा और व्यवहारिक ज्ञान के साथ साथ आत्मनिर्भरता के गुर सिखाने वाले एकल अभियान का यह मिशन वास्तव में शिक्षा की नई परिपाठी लिख रहा है।

अंचल अभियान समिति के अध्यक्ष व मुख्य अतिथि कोटेश्वर तीर्थ के महंत शिवानंद गिरी महाराज ने कहा कि वर्तमान दौर में जिस तरह से पश्चिमी संस्कृति ने यहां पाँव पसार लिए हैं उससे न केवल हमारे सनातन धर्म बल्कि हमारे रीति-रिवाज, बोली-भाषा, पहनावा, खान-पान में भी बदलाव आ गया है। यह बदलाव तरक्की का कम और हमें हमारी जड़ों से समूल नाश करने वाला प्रतीत हो रहा है। ऐसे में एकल अभियान हमें हमारी जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रहा है। मुख्य वक्ता सरस्वती शिशु मंदिर के प्रचार्य गंगादत्त जोशी ने कहा एकल में पढ़ाने वाले सभी लोगों को आचार्य कहा जाता है क्योंकि वे आचरण, व्यवहार और बाणी साफ हो। उन्होंने कहा कि एकल अभियान की शिक्षा बच्चों को घर से ही संस्कारवान बनाती है। 

रूद्रप्रयाग मुख्यालय स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सम्पन्न हुए इस सात दिवसीय एकल अभियान आचार्य प्रशिक्षण की अंचल प्रमुख मीनाक्षी बत्र्वाल ने बताया कि रूद्रप्रयाग संच की आचार्यों को पंचमुखी शिक्षा की विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि रूद्रप्रयाग अंचल में 270 एकल विद्यालय वर्तमान में संचालित किये जा रहे हैं, सभी विद्यालय नियमित रूप संचालित किए जा रहे हैं और इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान देने के साथ साथ उन्हें संस्कारवान और शारिरीक रूप से दक्ष बनाना है। समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के तल्लानागपुर मण्डल अध्यक्ष गम्भीर बिष्ट ने की। इस मौके पर गतिविधि प्रमुख अनुजा पंवार, अंचल प्रशिक्षण प्रमुख दीक्षा, अंचल सचिव संतोष मेवाल, संच प्रमुख प्रवीन सिंह, जसमती एवं 46 एकल आचार्यों मौजूद रहे। 

 

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