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Wednesday, 23 December 2020

रेलवे भूमि अधिग्रहण के बाद भी लंबे समय से मुआवजा वितरण न होने पर जिलाधिकारी हुई नाराज

रेलवे  भूमि अधिग्रहण  के बाद भी लंबे समय से मुआवजा वितरण न होने पर जिलाधिकारी हुई नाराज



- सोनिया मिश्रा/ केदारखंड एक्सप्रेस

कर्णप्रयाग (चमोली)। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बुधवार को कर्णप्रयाग तहसील, उप कोषागार, सिमली में निर्माणाधीन महिला बेस अस्पताल तथा महाविद्यालय कर्णप्रयाग में स्मार्ट क्लास निर्माण कार्यो का औचक निरीक्षण किया। तहसील कर्णप्रयाग मे कार्यालय अभिलेखों एवं विभिन्न पटलो का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने एसडीएम एवं तहसीलदार कोर्ट मे राजस्व एवं क्रिमिनल वादो का समय से निस्तारण करने के निेर्देश दिए। एसडीएम कोर्ट में आठ तथा तहसीलदार कोर्ट में 13 वाद लगे है जिन पर कार्रवाई चल रही है। भूमि अधिग्रहण अभिलेखों की जांच में राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे के तहत अधिग्रहित भूमि के कुछ प्रकरणों में अभी तक मुआवजा वितरण न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि मुआवजा वितरण के जितने भी वाद न्यायालय स्तर पर या विचारधीन है उनकी सूची शीघ्र उपलब्ध करें। साथ ही गोल खाते की वजह से जहाॅ पर मुआवजा वितरण में समस्या आ रही ही वहां पर तामली के लिए नोटिस चस्पा करें और समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित करते हुए मुआवजा वितरण करना सुनिश्चित करें। वही तहसील स्तर पर म्यूटेशन के विवादित तीन मामलों का भी प्राथमिकता पर निस्तारण करने के निर्देश दिए।


जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली के लंबित मामलों की जांच करते हुए बकायदारों से वसूली में भी तेजी लाने को कहा। नजारत के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय व्यय अभिलेखों एवं आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। एसडीएम ने बताया कि तहसील कर्णप्रयाग में कर्मचारी आवास बहुत पुराने हो गए है और जर्जर स्थिति में है जिनकी मरम्मत या पुर्ननिर्माण काराया जाना नितांत आवश्यक है। वही तहसील कार्यो के संपादन के लिए एक कलर फोटोकाॅपी मशीन, फर्नीचर, पटवारी चैकी के लिए कम्प्यूटरों की आवश्यकता है। जिस पर जिलाधिकारी ने पिछले कार्यो की उपयोगिता प्रमाण पत्र के साथ डिमांड उपलब्ध कराने तथा सीएसआर फंड से आवासों की मरम्मत कराने कराने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी ने एसडीएम कोर्ट, तहसीलदार कोर्ट, नजारत, संग्रहालय अधिष्ठान, भूलेख कार्यालय, पेशकार, आरके सेक्शन सहित उप कोषागार का बारीकी से निरीक्षण करते पत्रावलियों एवं पंजिकाओं का ठीक से रखरखाव करने पर जोर दिया।


पटवारी चैकियों के बारे में जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पटवारी चैकियों में चल रहे मरम्मत कार्यो का स्थलीय निरीक्षण करना सुनिश्चित करें। शिकायत रजिस्टर की जांच करते हुए जिलाधिकारी ने एसडीएम को नियमित रूप से शिकायतों की समीक्षा करते हुए लंबित शिकायतों का निस्तारण करने को कहा। सड़कों पर जाम की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने एसडीएम को सड़क मोडों एवं पुलों पर खड़े अनावश्यक वाहनों की पार्किंग बंद कराने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी ने तहसील उप कोषागार का निरीक्षण भी किया और उप कोषागार के डबल लाॅक में रखे स्टाॅप पेपर एवं पत्रावलियों की जांच की। निरीक्षण के दौरान एसडीएम कौशतुभ मिश्र, तहसीलदार सोहन सिंह रांगड, आरके दीपेन्द्र पंवार, नाजर सुनील कुमार, टीसी मंयक भूषण सहित तहसील परिसर के सभी कर्मचारी उपस्थित थे।


वही दूसरी ओर जिलाधिकारी ने सिमली पहुंचकर यहां पर नवनिर्मित महिला बेस चिकित्सालय एवं आवासों का निरीक्षण भी किया। यहाॅ पर 48 बैड का अस्पताल एवं चिकित्सकों के आवास बनकर लगभग तैयार हो चुके है। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अस्पताल का संचालन शीघ्र शुरू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


वही कर्णप्रयाग महाविद्यालय में बन रहे मार्डन स्मार्ट क्लास के निर्माण कार्यो का स्थलीय निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने स्मार्ट क्लास के अवशेष कार्यो को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। जिले में गोपेश्वर, जोशीमठ, पोखरी तथा कर्णप्रयाग महाविद्यालयों में माॅर्डन स्र्माट क्लास बनाए जा रहे है इसमें प्रोजेक्टर, माइक सिस्टम, फर्नीचर सहित सभी आधुनिक

 उपकरण लगाए जा रहे है। ताकि काॅलेज के छात्रों को आॅडियो-विजुअल मैथड से पढाया जा सके। इसी दिसंबर महीने के अंत तक ंस्मार्ट क्लास सेटअप का कार्य पूरा हो जाएगा।

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