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Friday, 25 December 2020

वायरल वीडियो पड़ताल : कोटद्वार सेना भर्ती रैली में छुपकर झाड़ियों से निकल दौड़ में शामिल होते एक युवक का सोशल मीडिया पर वायरल होते वीडियो का सच

वायरल वीडियो पड़ताल : कोटद्वार सेना भर्ती रैली में छुपकर झाड़ियों से निकल दौड़ में शामिल होते एक युवक का सोशल मीडिया पर वायरल होते वीडियो का सच




विनीत बाजपाई सेना अधिकारी ने कहा वायरल वीडियो आधा अधूरा

 

कोटद्वार। आधुनिक संचार केेे इस युग में हाइटेक मोबाइल हमारे जीवन का  एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन  चुके है।  और सोशल मीडिया के मंच पर अपनीmop बातों को आम जनमानस तक आसानी से पहुंचाने का  एक सशक्त माध्यम बन गया है । सोशल मीडिया में रोज  कई वीडियो वायरल होते रहतेे हैं  लेकिन लोग सच्चाई जाने बिना ही उन्हें  शेयर भी  करते हैं। यह जाने बिना की वायरल होते  इन वीडियो के पीछे वाकई सचाई कितनी है। ज्यादातर अधूरे सच को ही पर मानकर अपनी राय और प्रतिक्रिया शब्दों के माध्यम से लिख देते हैं।

कोटद्वार में  सेना द्वारा आयोजित की गई भर्ती रैली में  दौड़ के दौरान एक युवक का झाड़ियों में छिप कर अचानक दौड़ में शामिल होकर दौड़ने का  वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया।  वायरल  होते इस वीडियो पर लोग अपनी अपनी तरह तरह की प्रतिक्रिया भी व्यक्त करते हुए यह लिखने लगे की भर्ती में धांधली हो रही है। केदारखण्ड एक्सप्रेस न्यूज़ ने  इस  वायरल होते वीडियो की सच्चाई आज आपके समने ला रहा है। वायरल वीडियो की पड़ताल करते हुये सबसे पहले हमने  सेना के भर्ती अधिकारी से पूछा तो उन्होंने स्वीकार किया कि यह वीडियो सेना भर्ती रैली  का ही है। लेकिन जो वीडियो वायरल हो रहा है वह आधा अधूरा है इसमें कोई सच्चाई नहीं है। जो सोशल मीडिया पर लिखा जा रहा है  हम उसका खंडन करते हैं।

आखिर इस वायरल होते वीडियो का पूरा सच क्या है हम भी इसकी पड़ताल में निकल गए फिर सेना अधिकारी ने हमें वह सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध करवाया जिसमें वायरल होते वीडियो का दूसरा पार्ट था पहले आपको वह दोनों वीडियो दिखा देते हैं जिसमें पूरी सच्चाई है- नीचे देखे वीडियो 👇👇


भर्ती अधिकारी विनीत बाजपाई ने कहा कि यह घटना 20 तारीख के तीसरी रेस के चौथे राउंड  की है। रेस के आखिरी राउंड में एक युवक जो झाड़ियों में छुपा हुआ था  अचानक बाहर निकलकर रेस में शामिल हो गया उसको देख लिया गया था, हमें उस युवक को दौड़ से अलग इसलिए नहीं किया क्योंकि दौड़ का आखिरी चरण था और  उस  वक्त युवा अपनी जान लगा कर दौड़ रहे होते थे। निर्णय लिया कि रेस में दौड़ते अन्य प्रतिभागियों पर असर ना पड़े इसलिए उस युवक को फिनिश पॉइंट से पहले ही पकड़ लिया गया  और रेस से अलग कर दिया गया। उस युवा की कम उम्र और भविष्य को  ध्यान में रखते  हुए कानूनी कार्यवाही नहीं की गई और सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया।