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Saturday, 19 December 2020

दो गज की दूरी, मास्क जरूरी के नारे की धज्जियां उड़ा रहा खुद स्वास्थ्य विभाग

 दो गज की दूरी, मास्क जरूरी के नारे की धज्जियां उड़ा रहा खुद स्वास्थ्य विभाग



डैस्क: केदारखण्ड एक्सप्रेस न्यूज

रूद्रप्रयाग। जिस स्वास्थ्य महकमें पर वैश्विक महामारी कोरोना (कोविड-19) से मुक्ति दिलाने का जिम्मा सौंपा गया है वहीं स्वास्थ्य विभाग कोरोना के नियम कायदों की धज्जियां उड़ा रहा है। रूद्रप्रयाग की जो तस्वीरें आज देखने को मिली है वह कुछ ऐसा ही बयां कर रही हैं। कोरोना काल में भले ही तमाम तरह के भीड़-भाड़ वाले सभी कार्यक्रम रद्द किया जा रहे हैं लेकिन रूद्रप्रयाग में आज कोरोना की जाँच करवाने आये सैकड़ों युवाओं का मेला लगा हुआ था जिसमें ना सोशल दूरी कही नजर आ रही थी और ना ही किसी ने मास्क पहना हुआ था। केदारखण्ड एक्सप्रेस का कैमरा जब यहां पहुँचा तो फिर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और इस अव्यवस्था पर पर्दा डालने की कोशिस करने लगा 



वैश्विक महामारी कोराना का खतरा अभी टला नहीं है। दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी के नारे सरकारें और स्वास्थ्य महकमा बड़े जोर-शोर से उछाल रही है जो जरूरी भी है। क्योंकि कोरोना की वैक्सीन अभी आम लोगों तक नहीं पहुँची है लेकिन कोरोना से मुक्ति दिलाने की जिस स्वास्थ्य महकमें को जिम्मेदारी दी गई है वहीं कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ाता हुआ नजर आ रहा है। रूद्रप्रयाग जनपद के शंकराचार्य अस्पताल की ये तस्वीरें हैं जहां सैकड़ों की तादाद में युवा अपने कोरोना जाँच करवाने आये हैं लेकिन अस्पताल परिसर में ही दो गज दूरी और मास्क जरूरी का मखौल उड़ रहा है। सैकड़ों की संख्या में यहां युवाओं का मेला लगा हुआ है। आपको बताते चले कि दो दिन बाद युवाओं ने कोटद्वार में भर्ती में शामिल होना है जिसके लिए कोरोना टेस्ट जरूरी है। युवा कोरोना जाँच के लिए सुबह से ही यहां जनपद के अलग अलग हिस्सों से आ रहे हैं। 

इससे पहले रूद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मानुज गोयल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिये थे कि भर्ती में शामिल होने वाले युवाओं का टेस्ट न्याय पंचायत स्तर, ब्लाॅक स्तर अथवा गांव स्तर पर किया जाना चाहिए ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था ना हो। लेकिन रूद्रप्रयाग जिले के माधवाश्रम शंकराचार्य अस्पताल में जिस प्रकार की अव्यवस्था और कुप्रबन्धन स्वास्थ्य विभाग का दिखा वह वास्तव में महकमें की कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा करता है। जिस स्वास्थ्य विभाग पर कोरोना से मुक्ति दिलाने का जिम्मा है और वहीं स्वास्थ्य विभाग खुले आम कोरोना को दावत दे रहा है तो यह अपने आप में गम्भीर विषय है जबकि कोरोना की जाँच करवाने आये युवाओं को कोरोना संक्रमित होने का भी भय सता रहा है। 

इधर मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिंदेश कुमार शुक्ला ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव की जिम्मेदारी सबकी है। युवाओं की भीड़ को नियंत्रित और व्यवस्थित करने के लिए पुलिस प्रशासन को कहा गया था। 


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