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Tuesday, 24 November 2020

गढ़वाली गाना गाकर उत्तराखंडियों का दिल जीता मैथिली ठाकुर ( Maithili Thakur) ने, आप भी जानिए मैथिली के बारे में

 


गढ़वाली गाना गाकर  उत्तराखंडियों का दिल जीता मैथिली ठाकुर ( Maithili Thakur) ने, आप भी जानिए मैथिली के बारे में

रूद्रप्रयाग। शास्त्रीय संगीत, मिथिला और अन्य लोकभाषाओं की जानी-मानी गायिका मैथिली ठाकुर देश की पहली पंक्ति के शास्त्रीय गायक की टोली में शामिल है। हिंदुस्तान के 1 बड़े वर्ग में लोगों के दिलों में राज करने वाली मैथिली ठाकुर ने हाल ही में गढ़वाली गीत गाकर उत्तराखंड यों के दिलों में भी जगह बना दी है यही कारण है कि मैथिली द्वारा गढ़वाली में गाया गया यह गीत उत्तराखंड में तेजी से और बड़े पैमाने पर वायरल हो रहा है। पहले आप यह गीत सुनिए-




गायकी के क्षेत्र में मैथिली ठाकुर ने कहीं मुकाम हासिल किए हैं। 2018 में आकाशवाणी ने मैथिली ठाकुर के साथ ऐसा अनुबंध किया हैं जिसके तहत मैथिली के द्वारा गाये हुए शास्त्रीय संगीत को 99 साल तक प्रसारित किया जायेगा. यह एक कीर्तिमान है कि इतनी कम उम्र की किसी भी गयिका से आकाशवाणी की ओर से आजतक ऐसा कोई अनुबंध नहीं हुआ था।

मैथिली ठाकुर का जीवन परिचय-

नाम (Name)मैथिली ठाकुर

जन्म (Date of Birth) 25 जुलाई 2000

पिता का नाम (Father Name)रमेश ठाकुर

जन्म स्थान (Birth Place) बेनीपट्टी, मधुबनी

उम्र (Age)20 वर्ष (2020 तक)

पेशा (Profession)सिंगर

जाति (Caste)ब्राह्मण

अपनी गायकी के लिए मशहूर मैथिली ठाकुर का जन्म 25 जुलाई 2000 को बिहार के मधुबनी में हुआ। मैथिली बचपन से ही संगीत के वातावरण में पली बड़ी हैं. इनके पिता का नाम रमेश ठाकुर है. जो संगीत के टीचर हैं और इनकी माता का नाम पूजा ठाकुर हैं. इनके परिवार में मैथिली के अलावा एक बड़ा भाई रिषभ ठाकुर व छोटा भाई अयाची ठाकुर हैं. मैथिली की प्रारंभिक शिक्षा बाल भवन इंटरनेशनल स्कूल से पूरी हुई. अभी मैथिली 20 साल की हैं और दिल्ली के कॉलेज आत्माराम सनातन धर्मं कॉलेज से अपनी पढाई पूरी कर रही हैं। संगीत इन्हें अपने परिवार की ओर से विरासत में मिला हैं। मैथिली को बचपन से ही संगीत का शौक था और उन्होंने गायन शुरू कर दिया था. जब मैथिली 4 वर्ष की थी तभी इनके दादाजी ने इन्हें संगीत सिखाना शुरू कर दिया था. इनके छोटे भाई अयाची भी साथ में संगीत सीख रहे हैं. परिवार में मैथिली को प्यार से सब तन्नु, आयाची को हब्बू और सबसे बड़े भाई रिषभ को सन्नी बुलाते हैं। मैथिली को संगीत में पुर्या धनाश्री राग सबसे ज्यादा प्रिय हैं।


मैथिली ठाकुर करियर, अवार्ड्स और रियलिटी शो (Maithili Thakur Career, Awards & Reality Shows)


मैथिली ने पहली बार वर्ष 2011 में लिटिल चैंप्स का ऑडिशन दिया था परन्तु वह रिजेक्ट हो गई थी. जिसके बाद कई शोज के लिए ऑडिशन दिए, पर टॉप 20 तक आकर रिजेक्ट हो जाती थी. इन्होने 6 बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा पर हार नहीं मानी. इन्होने वर्ष 2015 आई जीनियस यंग सिंगिंग स्टार सीजन 2 का खिताब जीता था. जिसके बाद इन्होने इंडियन आइडल जूनियर 2 में भी टॉप 20 में जगह बनाई थी. वर्ष 2017 में मैथिली ने राइजिंग स्टार नामक सिंगिंग रियलिटी शो में चयन हुआ था. उस शो में अपने अच्छे प्रस्तुति के लिए इन्हें 94 प्रतिशत स्कोर प्राप्त हुए थे. इन्होने अपनी प्रस्तुति के दौरान भोर भये गाने का गायन किया था. इसके साथ ही मैथिली 5 बार की दिल्ली राज्य की शास्त्रीय संगीत प्रतियोगिता की विजेता रह चुकी हैं. मैथिली ठाकुर ने 2016 में 11वीं की पढ़ाई के साथ थारपा नामक एलबम से अपने संगीत करियर की शुरुआत की हैं. मैथिली बॉलीवुड में सफल प्लेबैक सिंगर बनाना चाहती हैं.


मैथिली ठाकुर से जुड़े विवाद (Maithili Thakur Controversies)


टेलीविज़न पर आने वाले शो “राइजिंग स्टार” में मैथिली ठाकुर ने हिस्सा लिया था. इस शो में मैथिली दुसरे स्थान पर रही वह इस ख़िताब से मात्र दो वोट पीछे रह गयी थी. इस शो के रिजल्ट आने के बात कुछ लोगों ने इसमें धोखाधडी का आरोप लगाते हुए मैथिली का समर्थन किया. फिल्मकार शुजित सरकार ने इस रिजल्ट के बाद बच्चो के रियलिटी शो बंद करने की मांग की थी.

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