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Thursday, 26 November 2020

40 हजार में एक मीटर सरकारी जमीन सौदा कर रहा सभासद, कोतवाल और राजस्व उपनिरीक्षक को भी जाता है हिस्सा, 20 से ज्यादा आॅडियों वायरल

 


40 हजार में एक मीटर सरकारी जमीन सौदा कर रहा सभासद, कोतवाल और राजस्व उपनिरीक्षक को भी जाता है हिस्सा,  20 से ज्यादा आॅडियों वायरल 

-भूपेन्द्र भण्डारी/केदारखण्ड एक्सप्रेस

रूद्रप्रयाग। जनपद मुख्यालय के नगर पालिका क्षेत्रान्तर्गत  आॅलवेदर निर्माण कार्य की आड़ में सरकारी जमीनों पर कब्जा दिलवाने का खेल चल रहा है। रूद्रप्रयाग नगर पालिका क्षेत्र में 40 हजार में एक मीटर जमीन तक कब्जा दिलवाया जा रहा है। बड़ी बात यह है कि इसमें पुलिस प्रशासन से लेकर नगर पालिका के अधिकारियों तक की हिस्सेदारी है। यह हम नहीं बल्कि इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही 20 से ज्यादा आॅडियों सुनकर साबित हो रहा है। आॅडियों में पालिका का एक सभासद एक व्यापारी को 40 हजार की एवज में एक मीटर जमीन दिलवाने की बात कर रहा है जिसमें पहली किस्त के रूप में 25 हजार की मांग की गई है। जबकि रातों रात सरकारी जमीन पर मकान भी खड़ा कर दिया गया है।  पहले आप इस आॅडियों को सुनिये-



सोशल मीडिया में इसी मामले से जुड़े 20 से अधिक आॅडियों मौजूद हैं, जिसमें सभासद द्वारा सरकारी जमीन की खरीद फरोख्त का बड़ा खेल खेला जा रहा है। आॅडियों में की गई बातों से लग रहा है मानों पैंसों के खेल में सरकारी जमीन की बड़े पैमाने पर बंदरबांट की जा रही है और जिम्मेदार अधिकाकारियों की भी इस में संलिप्तता है। रूद्रप्रयाग कोतवाली प्रभारी से लेकर राजस्व उपनिरीक्षक तक का हिस्सा देने की बात इन आॅडियों में की जा रही है। जबकि नगर पालिका के बोर्ड बैठक में इस जमीन पर पालिका कोई निर्माण कार्य न करें इसके लिए प्रस्ताव बनाने की बात सभासद कर रहा हैं ताकि इस जमीन को आसानी से बेचा जा सकता है। वहीं इसके आस पास के व्यक्तियों से भी पैंसे लेने की बात की जा रही है। बीते एक सप्ताह से सोशल मीडिया, न्यूज पोर्टल और समाचार पत्रों में यह मामला चल रहा है लेकिन इस मामले पर अब तक सरकारी स्तर से जाँच की कोई बात तक नहीं की गई है। जबकि यह मामला सरकारी जमीन से जुड़ा हुआ मामला है जो अपने आप में बेहद संवेदनशील है। अब जरा एक दूसरी आॅडियों भी सुनिये कैसे नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी के कोरोना पाॅजिटिव होने पर इनके पक्ष में समीकरण बने-



रूद्रप्रयाग में आॅलवेदर निर्माण कार्य से जहाँ कई लोगों का वर्षों पुराना स्थापित रोजगार छिना तो वहीं दूसरी तरफ सरकारी जमीन पर धड़ल्ले से अतिक्रम भी होते रहे हैं लेकिन मजाल क्या कि कोई जिम्मेदार अधिकारी इस दिशा में कोई कार्यवाहीं करता हो। राजस्व उपनिरीक्षक जिले के जिम्मेदार अधिकारियों सब कुछ ज्ञात होने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। यही कारण है कि प्रशासन और सरकार के नियम कायदों को ढेंगा दिखाकर सरकारी जमीन पर कई लोग चाँदी काट रहे हैं। हालांकि वायरल आॅडियों कब और किसका है केदारखण्ड इसका दावा नहीं करता है लेकिन जिस तरह से आॅडियों में सरकारी जमीन को बेचने का खेल चल रहा है इससे प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। सरकारी जमीन पर इतना बेखौफ होकर कब्जा दिवाला बेहद गम्भीर विषय है जिसकी जाँच की जानी चाहिए और दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए। जारी..... 


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