क्या थराली नगर पंचायत बन गया है भ्रष्टाचार का अड्डा? नगर पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सभासदों के गंभीर आरोप



क्या थराली नगर पंचायत बन गया है भ्रष्टाचार का अड्डा? नगर पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सभासदों के गंभीर आरोप


-नवीन चंदोला/केदारखण्ड एक्सप्रेस 

थराली।  नगर पंचायत थराली में बीते कुछ हफ़्तों से चल रहा बवाल अब भी जारी है। बीते हफ्ते नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी बीना नेगी को हटाए जाने के बाद नगर पंचायत थराली का अधिशासी अधिकारी का प्रभार उपजिलाधिकारी थराली किशन सिंह नेगी को दिया गया है। जिसके बाद आज लंबे समय बाद नगर पंचायत की बोर्ड बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में चारों सभासद और नगर पंचायत अध्यक्ष ने प्रभारी अधिशासी अधिकारी की उपस्थिति में कई प्रस्तावों पर चर्चा कर उनकी कार्ययोजना  तैयार की ही गई, लेकिन आपसी विवाद भी  जारी रहा। भेंटा वार्ड की सभासद बसंती देवी और अपर बाजार थराली के सभासद हरीश पंत ने नगर पंचायत में वित्तीय अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए अधिशासी अधिकारी और उपजिलाधिकारी थराली को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। तो क्या थराली नगर पंचायत भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है? यह सवाल हम इसलिए उठा रहे हैं क्योंकि नगर पंचायत सिस्टम के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और इस बात को सभासदों ने प्रमुखता से उठाया है।


आखिर  सभासदों ने  क्या आरोप लगाये 

सभासदों ने नगर पंचायत के सरकारी वाहन को 2600 किलोमीटर अनियमित तरीके से चलाए जाने,रजिस्ट्रेशन में विलंब होने के कारण एक लाख पच्चीस हजार रुपये विलंब शुल्क देकर सरकारी धन का दुरुपयोग करने,मोबाइल बायो टॉयलेट की खरीद बाजार मूल्य से अधिक दामो पर खरीदने में हुई वित्तीय अनियमितता, निर्माण कार्यो में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए पूर्व में थराली नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार श्रेय के कार्यकाल की भी जांच की मांग की है। दोनों पार्षदों ने अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार श्रेय के अधिकाधिक गायब रहने के बावजूद वेतन आहरण पर सवाल तो उठाया ही साथ ही पूर्व अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार श्रेय द्वारा अपने पुत्र अपने भाई समेत 4 अन्य व्यक्तियों के संविदा पर नगर पंचायत थराली में नियुक्त किये जाने और उनका वेतन नगर पंचायत थराली से निर्गत किये जाने का मामला उठाते हुए जांच की मांग की है। 


सभासदों द्वारा उपजिलाधिकारी थराली को सौंपे गए ज्ञापन पर उपजिलाधिकारी  किशन सिंह नेगी ने जवाब देते हुए कहा कि नगर पंचायत के कुछ सभासदों द्वारा वित्तीय अनियमितता सम्बन्धी जांच की मांग की है इस मामले की जांच वे स्वयं करेंगे और इस मामले में जांच के बाद ही दोषी पाए जाने पर कार्यवाही की जाएगी।

वहीं थराली  नगर पंचायत की अध्यक्षा दीपा भारती ने सभासदों द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नगर पंचायत थराली में किसी भी तरह की कोई वित्तीय गड़बड़ी नही हुई है और न ही नगर पंचायत में बोर्ड मेम्बरों में किसी तरह का कोई विवाद चल रहा है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत में सब ठीक चल रहा है और सभी थराली के विकास के लिए मिलकर कार्य कर रहे हैं। 

बहरहाल सभासदों ने नगर पंचायत में वित्तीय अनियमितता संबंधी जांच की मांग तो कर दी है। अब देखना ये होगा कि वार्ड सभासदों के द्वारा लगाए गए इन आरोपों में कितना दम है क्योंकि मामले में उपजिलाधिकारी थराली भी स्पष्ट कर चुके हैं कि वे स्वयं इस मामले की जांच करेंगे और तभी आगे  कुछ कह पाएंगे।

क्या थराली नगर पंचायत बन गया है भ्रष्टाचार का अड्डा? नगर पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सभासदों के गंभीर आरोप क्या थराली नगर पंचायत बन गया है भ्रष्टाचार का अड्डा? नगर पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सभासदों के गंभीर आरोप Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on September 23, 2020 Rating: 5
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