दहशत का पर्याय बना अजनबी जानवर, दरवाजे की कुण्डी खोलकर भेड़िये की तरह नोंछ रहा जानवरों को



दहशत का पर्याय बना अजनबी जानवर, दरवाजे की कुण्डी खोलकर भेड़िये की तरह नोंछ रहा जानवरों को 

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-कुलदीप राण आजाद
रूद्रप्रयाग। इन दिनों जनपद में रहस्यमय ढंग से एक अजनबी जानवर ग्रामीणों की गौशाला की कुण्डी खोलकर गाय-भैंस-बैलों को बुरी तरह नोंछकर मार रहा है। पिछले दो सप्ताह से इस अजनबी जानवर के खौफनाक करतूतों से ग्रामीण भारी दहशत में हैं। वन विभाग को इस बात की जानकारी दी जा चुकी हैं लेकिन अब तक वन विभाग की तरफ से कागजी कार्यवाही के आलावा इस जानवर को पकड़ने का कोई उपाय नहीं किया है। 





दरअसल पूरा मामला अगस्त्यमुनि विकासखण्ड के कलना गाँव का है जहाँ पिछले दो सप्ताह में तीन दुधारू गाय समेत एक बैल को इस अजनबी जानवर ने रहस्यमय ढंग से मार डाला है। यह अजीबोगरीब जानवर इंसानों की तरह गौशाला की कुण्डी खोल रहा है और उसके बाद पशुओं को नोंछ नोंछ कर मार रहा है। 8 जुलाई को पहली घटना हुई थी जब कलना गांव के महेन्द्र सिंह पुत्र ज्ञान सिंह के बैल को इस खूंखार जानवर ने मार डाला, उसके बाद 14 जुलाई को मुकेश लाल पुत्र महिपाल लाल की गाय व 16 जुलाई को नत्था सिंह पुत्र दौलत सिंह की 40 हजार की दुधारू गाय को बुरी तरह लहुलुहान कर मार डाल दिया है। 





अजनबी और भेड़िये की तरह पशुओं के मार रहे इस अजनबी जानवर से कलना और आसपास के ग्रामीण भारी भयभीत और डर के साये में जी रहे हैं। आपको बताते चले कि बीते वर्ष भी इसी क्षेत्र के गढ़ोरा गांव के बणखिल तोक में आठ परिवारों की 13 गायों को इसी तरह के अजनीबी जानवर ने मार डाला था। जबकि अब कलना गांव में इस खूंखार जनवर के आतंक से ग्रामीण डर के मारे सहमे हुए हैं। स्थिति यह है कि इन दिनों ग्रामीण रात भर बारी-बारी से पहरा दे रहे हैं। 





कलना के बुर्जुग ग्रामीण बताते हैं कि यह चरखणाव नाम का जानवर है जो भालू की प्रजाति का है। चरखवाण आधा इंसान और आधा जानवर की तरह है जो बहुत ही खतरनाक जानवर है। करीब तीन दशक पहले भी इसी तरह के जानवर ने इस क्षेत्र में भारी आतंक मचाया था। यह दो पैरों में खड़े होकर गौशालाओं की कुण्डियां आसानी से खुला देता है, और पालतू पशुओं को बेहरमी से नोंछ नोंछ कर मार डालता है।  




ग्राम प्रधान ताजबर सिंह भण्डारी ने कहा कि घटना की जानकारी वन विभाग को दी गई है लेकिन वन विभाग इस आतंक से निजात दिलाने की बजाय ग्रामीणों को सलाह दे रहा है कि रातभर थाली बजाकर अथावा डंडे साथ में रखकर इसे भगाओं। उधर इस मामले में उप वन संरक्षण वैभव सिंह से फोन पर सम्पर्क किया गया लेकिन उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया।बहरहाल ग्रामीणों का कहना है कि जल्द इस जानवर को पकड़ने का उपाय नहीं किया तो यह छोटे बच्चों महिलाओं और बुजुर्गों पर भी हमला कर सकता है। 




दहशत का पर्याय बना अजनबी जानवर, दरवाजे की कुण्डी खोलकर भेड़िये की तरह नोंछ रहा जानवरों को दहशत का पर्याय बना अजनबी जानवर, दरवाजे की कुण्डी खोलकर भेड़िये की तरह नोंछ रहा जानवरों को Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on July 20, 2020 Rating: 5
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