जब हुक्मरानो ने की अंदेखी तो ग्रामीणों ने स्वयं ही गाँव में सडक ले जाने का उठाया बीडा


जब हुक्मरानो ने की अंदेखी तो ग्रामीणों ने स्वयं ही गाँव में सडक ले जाने का उठाया बीडा
नवीन चंदोला/केदारखण्ड एक्सप्रेस
थराली। राज्य गठन के 19 बसंत देख चुके हैं लेकिन आज भी उत्तराखंड के सुदूरवर्ती गांव में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा ग्रामीणों को नसीब नहीं हो पाई है। आलम यह है कि हर चुनाव में नेता मंत्री और छुटभैया नेता ग्रामीणों को गांव-गांव तक सड़क पहुंचाने का वायदा तो करते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद वे पलट कर इन गांव की तरफ नहीं देखते हैं और पुनः ग्रामीण 5 साल इंतजार करते रहते हैं कि अब आएगी सड़क तब आएगी सड़क लेकिन ग्रामीणों की आंख पथरा जाती है, नेता मंत्रियों से लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते ग्रामीणों की एड़ियां घिस जाती हैं मगर इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं रहता है। ऐसे में थक हारे, सिस्टम की मार खाए और राजनेताओं के सताए ग्रामीण खुद ही पहाड़ जैसे इरादे लेकर सड़क काटने लग जाते हैं। जी हां आज हम आपको ऐसे ही गांव की हकीकत बता रहे हैं जो वर्षों से सड़क की मांग करते आ रहे हैं मगर आज तक उन्हें सड़क नसीब नहीं हो पाई है।





उत्तराखंड के चमोली जिले के विकासखंड थराली के सुदूरवर्ती गाँव माल-बज्वाड के  ग्रामीण लगभग 2  दशक के अधिक समय से सड़क  की मांंग कर रहे थे लेकिन नेता मंत्री और  शासन-प्रशासन के द्वारा इन ग्रामीणों की सुध तक नहीं ली गई। स्थिति यह है किस सड़क के अभाव में बीमार गर्भवती महिलाओं बुजुर्गों और स्कूली छात्र छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है जबकि ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरी सामग्री लेने के लिए भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। राजनेताओं के झूठे आश्वासनों से तंग आकर अब ग्रामीणों ने स्वयं ही सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।  





यह सब कुछ संभव हो पाया है ग्राम प्रधान आशु रावत के दृढ़ संकल्प के कारण।  दरअसल आंशु रावत ने पंचायत चुनाव में वादा किया था कि अगर ग्रामीण उन्हें ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी देते हैं तो वे गाँव तक सडक पहुचायेगे। ग्रामीणों ने आंशु रावत पर भरोसा किया और आज उन्होंने अपने वादे के मुताबिक माल -बज्वाड के समसाड़ गदेरे तोक से भेरवडांग तोक होते हुए बज्वाड धारे तक लगभग 2 किमी रोड की कंटिग शुरू हो दी है। इस कार्य में ग्रामीणों की भी बढचढ कर सहभागिता है।सभी ग्रामवासियों ने ढोल नगाड़ों से ग्राम प्रधान का धन्यवाद भी किया। ग्रामीणों का कहना है जो कार्य पिछले दो दशकों से क्षेत्र के विधायक मंत्री और सरकारें नहीं कर पाई हैं वह एक प्रधान पूरा कर रहा है जो न केवल गर्व की बात है बल्कि उत्तराखंड की सरकारों और राजनेताओं को आईना भी दिखा रहा है।





जब हुक्मरानो ने की अंदेखी तो ग्रामीणों ने स्वयं ही गाँव में सडक ले जाने का उठाया बीडा जब हुक्मरानो ने की अंदेखी तो ग्रामीणों ने स्वयं ही गाँव में सडक ले जाने का उठाया बीडा Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on June 08, 2020 Rating: 5
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