काला लहसुन यानि ब्लैक गार्लिकः कैंसर, लिवर, हृदय से जुडी़ घातक बीमारियों के लिये रामबाण है काला लहसुन।


काला लहसुन यानि ब्लैक गार्लिकः कैंसर, लिवर, हृदय से जुडी़ घातक बीमारियों के लिये रामबाण है काला लहसुन।

डॉ० विजय कान्त पुरोहित
हैप्रेक, हे०न०ब०ग०वि०वि०

सफेद लहसुन की खूबियों से तो सम्भवतः सभी लोग भली भांति परचित हैं ही। यहां तक कि लहसुन के बारे में तो बड़े बुजुर्ग यहां तक कहते हैं कि लहसुन में एक गुण और होता तो यह अमृत के समान ही होता।  

हो सकता है आप काले लहसुन के बारे में पहले से जानते हों मगर मैं बताना चाहुँगा कि मुझे अपने जीवन में पहली बार काले लहसुन के बारे में श्री विवेक दीवान, सदस्य द्रोनागिरी, फाऊन्डेसन, गोवा के माध्यम से कल ही पता चला। श्री दीवान जी द्वारा बतलाया गया कि उनके कोई मित्र विदेश में रहते हैं ओर वो उत्तराखन्ड की आबो हवा को देखते हुये उच्च हिमालय के किसानों के साथ मिलकर नगदी फसल के तौर पर गार्लिक यानि लहसुन की खेती को बढावा देने के साथ ही मधुमख्खी पालन का कार्य करना चाहते हैं। इसी वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि उनके मित्र काली लहसुन यानि ब्लैक गार्लिक का भी उपयोग करने के साथ ही ब्यवसाय भी करते हैं, और वो बढी़ उम्र में भी स्वस्थ है। दीवान साहब द्वारा ये भी बतलाया गया कि वो भी अपने स्वास्थ्य के साथ ही अपने पिताजी के स्वास्थ्य के लिये काली लहसुन का सेवन करते आ रहे है।

यहीं से मुझे भी काले लहसुन के बारे में जानने की उत्सुकता हुयी और दीवान साहब ने ए कह कर कि में आपको काले लहसुन का फोटो भेजता हूँ बाकी बात हम बाद में करते रहेंगे कह कर अलविदा कह दिया। अब आगे जानें....

पारंपरिक सफेद लहसुन के लाभकारी गुणों से तो हम सभी वाकिफ है और खाना बनाने के दौरान अक्सर या रोजाना हम इसे इस्तेमाल में भी लाते हैं। इस बात से भी हम सहमत हैं कि इससे खाने में तो टेस्ट आता ही है, साथ ही साथ इसके रोजान सेवन से शरीर पर कई  लाभकारी असर भी पड़ते हैं। मगर आज आप ये जान कर हैरान होंगे कि सफेद लहसुन से भी ज्यादा फायदेमंद होता है काले लहसुन का सेवन। 

जहां सफेद कच्चे लहसुन को आसानी से नहीं खाया जा सकता है वहीं किसी प्रकार का तीखापन महसूस न होनें के कारण काले लहसुन को आसानी से खाया जा सकता है।

 आओ जानें काला लहसुन यानि ब्लैक गार्लिक होता क्या है

काला लहसुन यानि ब्लैक गार्लिक, सफेद लहसुन यानि वाइट गार्लिक का ही एक रूप है, जिसे सफेद लहसुन को फर्मेंन्ट करके तैयार किया जाता हैI यह स्वाद में सफेद लहसुन की अपेक्षा कम तीखा लगता है और साथ ही इसमें पोषक तत्व भी सफेद लहसुन से कम नहीं होते हैंI 

सफेद लहसुन में पाए जाने वाला एलिसिन नामक पोषक तत्व काले लहसुन में भी पाया जाता है। यह ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाने के साथ-साथ कोलेस्टेरॉल व हृदय से संबंधित रोगों को भी कम करता है। यह बॉडी सेल्स को संतुलित कर शरीर की *इम्यूनिटी* *पावर* को बढ़ाता है। 

काले लहसुन के भीतर एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण पाए जाते हैंI यह ब्लड के शुगर लेवल को भी संतुलित रखने में मददगार है।

काला लहसुन जब फर्मेंटेशन प्रक्रिया से गुजरता तो इसके भीतर यूनिक एंटी-ऑक्सिडेंट्स गुण आ जाते हैं, जिसके एंटी-इन्फ्लैमेटरी फायदे होते हैं। इसके अलावा इसके भीतर पॉलिफेनॉल, फ्लेवोनॉइड और अल्कलॉइड की मात्रा भी अधिक होती है।





आज के समय में ब्लड कैंसर, पेट के कैंसर और कोलन कैंसर ऐसी बिमारी है जिसके बचाव के बारे में बहुत कम ही जानकारी समय पर मिल पाती है। इन सभी के इलाज में काले लहसुन का सेवन काफी मददगार साबित बतलाया गया है। यह एलर्जी को कम कर बढ़ाता है। इसके सेवन से लिवर को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होता। काला लहसुन दिमाग को स्वस्थ बनाने का भी काम करता है।

काले लहसुन का उपयोग बहुत ही कम लोग करते हैं जिसके कारण लोगों को इसकी जानकारी के साथ ही फायदों के बारे में भी पता नहीं हैं। ये तो आप सभी जानते होंगे कि सफेद लहसुन का सेवन करने से हमारा ह्दय लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है, लेकिन काला लहसुन हमारे दिल को हमेशा के लिये स्वस्थ रखने में मददगार है। डाइट में नियमित रूप से काला लहसुन शामिल करने यह  ब्लड शुगर को आसानी से नियंत्रित रख सकता है। काले लहसुन में काफी ज्यादा मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो डायबिटीज को रोकने के लिए काफी फायदेमंद माना गया है।

काले लहसुन में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। काला लहसुन फर्मेंटेशन के बाद और भी ज्यादा असरदार हो जाता है, क्योंकि इस प्रक्रिया के दौरान इसमें एंटी इंफ्लैमेटरी गुण शामिल हो जाते हैं जो काले लहसुन का नियमित रूप से सेवन करने पर शरीर में मौजूद सूजन कम करने के  साथ बीमारी से जल्द छुटकारा दिलाने में मददगार साबित होते हैं। 





यदि दी गयी जानकारी से सहमत हों तो आप भी स्वस्थ एवं निरोगी काया के लिए अवश्य करें खाएं पौष्टिक एवं औषधीय गुणों से परिपूर्ण काले लहसुन यानि ब्लैक गारलिक का सेवनI







काला लहसुन यानि ब्लैक गार्लिकः कैंसर, लिवर, हृदय से जुडी़ घातक बीमारियों के लिये रामबाण है काला लहसुन। काला लहसुन यानि ब्लैक गार्लिकः कैंसर, लिवर, हृदय से जुडी़ घातक बीमारियों के लिये रामबाण है काला लहसुन। Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on June 06, 2020 Rating: 5
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