विनायक गांव का हीरासिंह रावत उर्फ दीपू बना सैना में लेफ्टिनेंट।


विनायक गांव का हीरासिंह रावत उर्फ दीपू बना सैना में लेफ्टिनेंट।

उसे आर्मी एविएशन कोर में कमीशन प्राप्त हुआ।
आगरा से बीटेक करने के बाद उसका प्लेसमेंट टाटा कंसल्टेंसी में हुआ था।मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी को ठुकरा कर सैना को ज्वाइन करने को दी तरजीह।
दीपू के पिता रिटायर सुबेदार बोले बेटे की कामयाबी में उसकी मां की मेहनत और संस्कारित परवरिश का हाथ।

नारायणबगड़,चमोली। देहरादून प्रेमनगर स्थिति भारतीय सैन्य अकादमी में शनिवार को हुए पास आउट में नारायणबगड़ प्रखंड के विनायक गांव का हीरासिंह रावत उर्फ दीपू सालभर तक कठिन प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सैना में बतौर लेफ्टिनेंट अफसर बन गया।उसे आर्मी एविएशन कोर में कमीशन प्राप्त हुआ है।दीपू की कामयाबी पर गांव व परिजनों में जश्न का माहौल है।गांव में उनके परिजनों ने एक दूसरे को मिठाइयां बांटकर बधाइयां दी।

विनायक गांव के रिटायर सुबेदार मोहनसिंह रावत के तीन बच्चों में अकेला लाडला हीरासिंह रावत दूसरे नंबर के है।हीरासिंह के दादा नारायणसिंह बुटोला,फल्दियागांव देवाल निवासी उसके नाना बादरसिंह बिष्ट,चाचा व ताऊ सभी सैना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।उसकी बडी बहिन इस समय परिवार के साथ आस्ट्रेलिया में है।छोटी बहिन ने हाल ही में पालिटेक्निक कंपलीट किया है।

हीरासिंह ने कक्षा 01 से 12वीं तक आइएमए प्रेमनगर से उत्तीण करने के बाद आगरा के दयालबाग इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक किया जिसके बाद उसका प्लेसमेंट टाटा कंसलटेंसी मे हुआ।सैन्य पृष्ठभूमि का होने के कारण हीरासिंह ने मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी त्याग कर परिवार की सैन्य परंपरा को कार्यक्षेत्र के रुप मे चुना और  सीडीएस परीक्षा पास करने के बाद आकादमी में प्रवेश प्राप्त किया।

बताते चलें कि हर साल जून और दिसंबर में दो बार होने वाली आकादमी के कैडेटों की पास आउट का सभी के माता पिता व परिजनों को बेसब्री से इंतज़ार रहता है।ताकि वे अपने लाडलों के कंधों पर सितारों को सजा सकें।गौरतलब है कि इसबार कोरोना काल के चलते कैडेटों के परिजनों को सैन्य अकादमी में पास  आउट में शिरकत करने की इजाजत नहीं दी गई थी।इससे कैडेटों के परिजनों में खुशी के साथ साथ अपने लाडलों की कामयाबी के अवसर पर मौजूद नहीं हो सकने की मायूसी भी मन मे रह गई है।

हीरासिंह रावत के पिता रिटायर सुबेदार मोहनसिंह रावत ने दूरभाष पर बताया कि वे और उनका सारा परिवार आज अपने बेटे की कामयाबी पर बहुत खुश हैं।कहा कि बेटे की कामयाबी में उसकी मां की मेहनत और संस्कारित परवरिश का नतीजा है।बोले मैं तो सैना में था बच्चों की सही परवरिश उनकी पत्नी की ही सूझबूझ व मेहनत है।कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण हमैं सैन्य आकादमी में प्रवेश नहीं मिल सका तो इसका मलाल जरूर है पर कोई बात नहीं उनका लाडला लेफ्टिनेंट जब घर आयेगा तो उससे अपनी खुशियां सांझा कर लेंगे।गौर करने वाली बात यह है कि इसबार पास आउट के बाद कैडेटों को मिलने वाला सात दिनों का अवकाश नहीं दिया जायेगा।बजाय अवकाश के वे सीधे अपनी अपनी यूनिटों को ज्वाइन करने के लिए रवाना किए जायेंगे।

इधर विनायक गांव और पूरे नारायणबगड़ क्षेत्र में खुशी की लहर है।हीरासिंह रावत ने सभी को गौरवान्वित होने का अवसर प्रदान किया है।पूर्व जिला पंचायत सदस्य व विनायक गांव निवासी प्रदीप बुटोला ने हीरासिंह रावत व उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि सभी नौजवानों के लिए हीरासिंह ने आदर्श स्थापित किया है।कहा कि सभी परिजनों को अपने बच्चों को बचपन से ही नैतिकवान शिक्षा देने की जरुरत है।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत,जिला पंचायत सदस्य भागीरथी रावत,ब्लॉक प्रमुख यशपालसिंह नेगी,ग्राम प्रधान विनायक हेमादेवी, उपप्रधान सूरज बुटोला,चंद्रसिंह बुटोला,दलबीर सिंह बुटोला, मनोज बुटोला,डाक्टर हरपाल सिंह नेगी,भाजपा के जिला मंत्री दलीपसिंह नेगी,एडवोकेट भूपालसिंह रावत,भूवन पुरोहित, प्रदीप बुटोला,देवेन्द्र सिंह देवराज संदीप पटवाल आदि ने खुशी व्यक्त करते हुए हीरासिंह और उसके परिजनों को बधाइयां दी।
विनायक गांव का हीरासिंह रावत उर्फ दीपू बना सैना में लेफ्टिनेंट। विनायक गांव का हीरासिंह रावत उर्फ दीपू बना सैना में लेफ्टिनेंट। Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on June 13, 2020 Rating: 5
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