शराब के विरोध में आन्दोलन कर रहे आन्दोलनकारियों को जबरन उठाया, सोशल डिस्टेंस की जमकर उडी धज्जियां


शराब के विरोध में आन्दोलन कर रहे आन्दोलनकारियों को जबरन उठाया, सोशल डिस्टेंस की जमकर उडी  धज्जियां
-नवीन चंदोला/केदारखंड एक्सप्रेस न्यूज 
चमोली/देवाल। शराब दुकान खोले जाने के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रहे ब्लॉक प्रमुख दर्शन दानू और जिला पंचायत सदस्य आशा धपोला को आज पुलिस ने जबरन धरना स्थल से उठाकर अपनी कस्टडी मे ले गई और करी पांच घंटे बाद दोनों को छोडा गया। आपको बता दें कि देवाल स्थित शराब की दुकान को बंद करवाने के लिए सोमवार से ब्लॉक प्रमुख दर्शन दानू, जिला पंचायत सदस्य सवाड़ वार्ड आशा धपोला और अन्य जनप्रतिनिधियों ने धरना प्रर्दशन और आमरण अनशन शुरू कर दिया  था।

आज उपजिलाधिकारी किशन  सिंह नेगी और  थानाध्यक्ष ध्वज्वीर पंवार ने आन्दोलनकारियो से इस विषय में वार्तालाप किया गया और आन्दोलन समाप्त करने आग्रह किया गया। लेकिन जनप्रतिनिधि अपनी मांगो पर डटे रहे।  जनप्रतिनिधियों की  मांग थी कि लॉक डाउन की अवधि तक शराब की दुकान पूर्ण रुप से बंद रहनी चाहिये, क्योंकि शराब की दुकान खुलने से सोशल डिस्टेंस की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही थी, जिससे कोरोना संक्रमण का खतरा बढाता दिख रहा था। साथ ही  रात के वक्त शराब की बिक्री जोरो पर हो रही थी। जिसके चलते धरना प्रदर्शन हुआ।लेकिन प्रशासन इनकी मांगे मानने को तैयार नहीं था।  आन्दोलनकारियो और प्रशासन की जब आपस में  सहमति नही बन पायी और कोई भी आन्दोलनकारी धरने से उठने के लिए तैयार नहीं हुआ तो इसके बाद  जबरन पुलिस प्रशासन द्वारा ब्लॉक प्रमुख देवाल दर्शन दानू, और जिला पंचायत सदस्य आशा  धपोला को धरनास्थल से उठा कर  गिरफ्तार किया। उसके बाद ही 11 अनशनकारियों ने स्वयं ही अपनी गिरफ्तारी दी, जिसके बाद पूरे इलाके में बवाल शुरू हो गया। लोगो ने शराब के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, इसके बाद  देवाल ब्लॉक प्रमुख दर्शन दानू ने कहा कि प्रशासन चाहे जितना जोर लगा दे में जेल के अंदर भी आमरण अनशन करूंगा।
उन्होंने कहा पूरे देश में लॉक डाउन चल रहा है और देवाल में कोरोना का कोई ख़ौफ़ ना प्रशासन में दिख रहा न लोगो मे ,ऐशे में बड़ा सवाल ये है कि उत्तराखंड में कैसे कोरोना का संक्रमण रुकेगा और क्यों सियासी गलियारे इस पर चुप बैठे हैं। क्यों जिला प्रशासन इन कदमो पर रोक नही लग पा रहा है जिससे लॉक डाउन की धज्जियां उड़ने से बचे।


गिरफ्तारी के दौरान नियम कायदे हुए तार तार

धरना स्थल से जब आन्दोलनकारियों को प्रशासन द्वारा उठाया गया तो उस दौरान सामाजिक दूरी के नियम कायदे तार तार होते नजर आए। सैकड़ों लोग मौके पर एक दूसरे पर धक्का मुक्की करते रहे लेकिन किसी के जहन में यह नहीं आया कि कोरोना संक्रमण की कडी को तोडने के लिए हर हाल में सोशल दूरी में रहना है।। यहा न पुलिस प्रशासन इसे लेकर गम्भीर था और न आन्दोलनकारी। बस दोनो तरफ से सिनाजोरी का खेल चल रहा था लेकिन सवाल यह है कि अगर कोई व्यक्ति उनमें कदाचित कोरोना संक्रमित होता है तो फिर इतने लोगों के जीवन का क्या जो इस धक्का मुक्की में एक दूसरे के सम्पर्क में आए।
शराब के विरोध में आन्दोलन कर रहे आन्दोलनकारियों को जबरन उठाया, सोशल डिस्टेंस की जमकर उडी धज्जियां शराब के विरोध में आन्दोलन कर रहे आन्दोलनकारियों को जबरन उठाया, सोशल डिस्टेंस की जमकर उडी  धज्जियां Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on May 07, 2020 Rating: 5
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