आरजीबी कम्पनी के लिए नहीं हैं लाकडाउन के नियम कायदे, रेड जोन हरिद्धार से रूद्रप्रयाग पहुँचे बिन क्वारांनटाइन कर रहे काम


आरजीबी कम्पनी के लिए नहीं हैं लाकडाउन के नियम कायदे, रेड जोन हरिद्धार से रूद्रप्रयाग पहुँचे बिन क्वारांनटाइन कर रहे  काम

-कुलदीप राणा आजाद/केदारखण्ड एक्सप्रेस
रूद्रप्रयाग। ऐसा लगता है जनपद में आॅलवेदन निर्माण कार्य कर रही आरजीबी कम्पनी पर लाॅकडाउन के नियम-कानून लागू ही नही होते हैं। यह हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि रूद्रप्रयाग में रेड जोन हरिद्धार से लगातार आरजीबी कम्पनी के लोगों का आना जाना हो रहा है लेकिन बिना किसी स्वास्थ्य परीक्षण, स्क्रीनिंग और बिना क्वाॅरानटाइन के सीधे ये लोग यहां निर्माण कार्य में जुट रहे हैं और यहां अन्य मजदूरों के न केवल सम्पर्क में आ रहे हैं बल्कि उनके साथ खाना-पीना भी हो रहा है। ऐसे में  कोरोना लाॅकडाउन के नियम कायदों की धज्जियां तो उडाई ही जा रही है बल्कि कोरोना संक्रमण के खतरे को भी बढ़ाया जा रहा है। 

2 मई यानि की कल हरिद्धार के बहादराबाद से आरजीबी कम्पनी के अहसान पुत्र मो0 नौसाद व उनके साथ एक ड्राइवर रूद्रप्रयाग पहुँच गया। हालांकि इन्हें उपजिलाधिकारी हरिद्धार द्वारा रूद्रप्रयाग आने का पास जारी किया हुआ है। लेकिन हैरान और परेशान करने वाली बात यह है कि हरिद्धार जैसे रेड जोन वाले जिले से रूद्रप्रयाग तक आने में इनका कहीं भी स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हुआ हैं। जबकि यहां पहुचने के बाद न तो इन्हें होम क्वाॅरानटाइन किया गया है और न किसी तरह से सामाजिक दूरी में रहने के लिए कहा गया। बल्कि कमाल तो यह है कि आरजीबी कम्पनी के इन वर्करों द्वारा रूद्रप्रयाग में आकर सीधे निर्माणाधीन जगहों पर जाकर निर्माण कार्य में जुट गए। जहां न केवल वे अन्य मजदूरों के सम्पक में आए, बल्कि उनके साथ खाना भी खा रहे है। केदारखण्ड एक्सप्रेस को जब इस बात की जानकारी मिली तो हम आरजीबी कम्पनी की रूद्रप्रयाग बाईपास के उस क्रेशर प्लाॅट पर पहुँचे जहां ये हरिद्वारा के बहादरा बाद से आए थे। यहाँ आने के बाद हमें यह पूरी सच्चाई पता चली। इन्हीं लोगों ने हमें जानकारी दी की उनका रास्ते भर में कहीं भी स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हुआ है। और न ही किसी बैरियल पर उन्हें क्वाॅरानटाइन करने को कहा गया। 
जिला प्रशासन रूद्रप्रयाग के लचर सिस्टम पर कहीं सवाल खड़े हो रहे हैं। पहला ये कि रूद्रप्रयाग में आरजीबी के इन वर्करों को जनपद में सीधे कैसे प्रवेश दिया जा रहा है जबकि नियम के मुताबिक निर्माण कार्य करने की अनुमति केवल उन्हीं मजदूरों को है जो पहले से उसी जगह पर मौजूद हैं? दूसरा सवाल यह उठता है कि जबकि आम आदमी को जनपद में प्रवेश करने अथवा जनपद से बाहर जाने के लिए तमाम नियम कानून और पास बनवाने की प्रक्रियाओं से जूझना पड़ रहा है फिर भी उसका समय पर पास नहीं बन रहा है फिर आरजीबी कम्पनी के लोगों को कैसे आसानी से जनपद में प्रवेश दिया जा रहा है? आखिर आरजीबी पर जिला प्रशासन इतना मेहरबान क्यों हो रखा है? तीसरा अहम और महत्वपूर्ण सवाल यह है कि रेड जोन के जिलों से यहां आकर आम लोगों के बीच इन वर्करों का आना जाना बड़ी आसानी से हो रहा है ऐसे में अगर ये लोग कोरोना संक्रमण का कारण बनते हैं तो इसका जिम्मेदार कौन रहेगा? लोक जीवन से इतना बड़ा खिलवड की जिम्मेदार आखिर कौन लेगा? 
आपको मालूम हो कि पिछले दिनों भी आरजीबी का एक मैनेजर नोएडा से यहां पहुँचा था जो बिना क्वाॅरानटाइन के ही यहां घूम रहा था। हालांकि बाद में स्थानीय लोगों के हो हल्ला ेके कारण इन्हें स्वास्थ्य विभाग ने क्वाराॅनटाइन किया।  सूत्रों की माने तो आरजीबी कम्पनी में बहुत सारे मजदूर और अन्य लोग यहां आ रहे हैं जिन पर जिला प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है। बताया जा रहा है कि प्रशासन की मेहरबानी से ही आरजीबी के वर्कर यहां चुपचाप पहुँच रहे हैं। 
ऐसे में एक तरफ कोरोना संक्रमण को जिले में आने से रोकने के लिए जिला प्रशासन लगातार दावा कर रहा है तो वहीं जिले के तमाम अधिकारियों के नाक के नीचे से बेरोकटोक आरजीबी के वर्करों का यहा पहुँचना जिला प्रशासन की कार्यशैली पर न केवल गम्भीर सवाल खड़े करता हैं बल्कि भविष्य में कोरोना संक्रमण का कोई केश आता है तो इसे प्रशासन की लापरवाही ही को ही जिम्मेदार माना जायेगा। केदारखण्ड एक्सप्रेस लगातार ऐसी खबरों को प्रमुखता से उठा रहा है बावजूद जिले के जिम्मेदार अधिकारी इसे गम्भीरता से नहीं ले रहा है जो बहुत ही गैर जिम्मेदाराना है। 
आरजीबी कम्पनी के लिए नहीं हैं लाकडाउन के नियम कायदे, रेड जोन हरिद्धार से रूद्रप्रयाग पहुँचे बिन क्वारांनटाइन कर रहे काम आरजीबी कम्पनी के लिए नहीं हैं लाकडाउन के नियम कायदे, रेड जोन हरिद्धार से रूद्रप्रयाग पहुँचे बिन क्वारांनटाइन कर रहे  काम Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on May 04, 2020 Rating: 5
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