शराब की दुकान के आगे बैठे धरने पर जनप्रतिनिधि, कहा शराब नहीं रोजगार की व्यवस्था करें सरकार


शराब की दुकान के आगे बैठे धरने पर जनप्रतिनिधि, कहा शराब नहीं रोजगार की व्यवस्था करें सरकार

-नवीन चंदोला/ केदारखंड एक्सप्रेस
चमोली/देवाल। लॉक डाउन के बीच जहां उत्तराखंड के हजारों युवा बेरोजगार हो गए हैं वही उत्तराखंड  सरकार गांव-गांव  में शराब के ठेके खुलावा कर न केवल पहाड़ को बर्बाद करने पर तुली है बल्कि पहाड़ के युवाओं का जीवन को भी नशे के गर्त में धकेल रही है। उधर शराब की दुकानें खोलने से लॉक डाउन के नियम कायदों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही है। देवाल में अंग्रेजी शराब की दुकान खोलने के बाद गुस्साए जनप्रतिनिधियों ने शराब की दुकान के आगे धरने पर बैठते हुए कहा कि सरकार  शराब नहीं रोजगार की व्यवस्था करें। 
बीते रोज लॉकडाउन के बीच चमोली जिले के देवाल विकासखण्ड में जब अंग्रेजी शराब की दुकान खुली तो शराब के शौकीनों की लंबी-लंबी कतारें यहां देखने को मिली। जबकि लॉक डाउन के नियम कायदों की भी धज्जियां खुलेआम उड़ती हुई देखी गई। सामाजिक दूरी का पालन न करते हुए शराब के लिए मारामारी होती रही ऐसे में कोरोना संक्रमण का बढ़ने का खतरा साफ तौर पर देखा जा सकता है। इसी को देखते हुये महिलाओं और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश पनपना शुरू हुआ और देखते ही देखते जनप्रतिनिधियों ने शराब की दुकान के आगे शराब की दुकान बंद करने के विरोध में धरना आरंभ कर दिया। जनप्रतिनिधियों ने यहां शराब की दुकान के बाहर धरना देते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की ,धरना दे रहे ब्लॉक प्रमुख देवाल, और जिला पंचायत सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने लॉकडाउन अवधि तक ठेका बन्द रखने की मांग की है।

ब्लॉक प्रमुख दर्शन दानू के नेतृत्व में जन प्रतिनिधियों ने उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपते हुए कहा था कि शराब की दुकान खुलने से सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और इसके साथ ही शराब की दुकान से रात के समय भी अवैध रूप से ग्राहकों को शराब की बिक्री की जा रही है। इसके साथ ही ओवररेटिंग को लेकर जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को कार्यवाही की मांग करते हुए लॉकडाउन की अवधि में शराब की दुकान बंद करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण क्षेत्र के हजारों युवा बेरोजगार हो गए हैं जिनके लिए रोजगार की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए। लेकिन सरकारें उल्टा यहां शराब को बढ़ावा देकर गांव की खुशहाली को न केवल बर्बाद करने पर तुली है बल्कि युवा पीढ़ी को भी नशे में डूबा कर खत्म कर रही है।
शराब की दुकान के आगे बैठे धरने पर जनप्रतिनिधि, कहा शराब नहीं रोजगार की व्यवस्था करें सरकार शराब की दुकान के आगे बैठे धरने पर जनप्रतिनिधि, कहा शराब नहीं रोजगार की व्यवस्था करें सरकार Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on May 06, 2020 Rating: 5
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