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Sunday, 3 May 2020

क्योंजा घाटी में भी ओलावृष्टि ने मचाया तांडव : भारी नुकसान

अरखुड में कुछ इस तरह ओला से मरे चूजे 

क्योंजा घाटी में भी ओलावृष्टि ने मचाया तांडव : भारी नुकसान 
ओला गिरने के बाद बाडव गाँव में इस तरह बर्बाद हो रखी फसल

-भानु भट्ट/ केदारखंड एक्सप्रेस
बसुकेदार। ओलावृष्टि ने पिछले कई दिनों 0से किसानों को परेशान करके रखा हुआ है रुद्रप्रयाग जनपद के अलग-अलग हिस्सों में जमकर इन दिनों ओलावृष्टि हो रही है जिससे फसलों का बड़ा नुकसान हो रहा है। दो दिन से दोपहर बाद क्योंजा घाटी के दर्जनों गांव में बेरहम मौसम ने अपना कहर इस कदर ढाया जा रहा है कि फसलें पूरी तरह से नेस्तनाबूत  हो गई। ऐसे में  ग्रामीण निराश और हताश है।

किंझानी, रावा,डूंगरी, बाड़व, कांदी, केडा, कोंथा, कालई, तेवडी, जाबरी, अखोड़ी, भनज, मचकंडी आदि गांवों में ओलावृष्टि से गेहूं, जौ, मटर, धनिया,प्याज, लहसुन, भिंडी, आदि फसल और साग सब्जी के बाग बगीचे ओलावृष्टि से बर्बाद हो गए हैं। जबकि इन दिनों बोये गये ककड़ी, करेले, बीन्स आदि सब्जियां अंकुरित हो रही थी लेकिन यह सब कुछ ओलावृष्टि की  भेंट चढ़ गए हैं। बाडव गांव के सामाजिक कार्यकर्ता हरेंद्र नेगी ने बताया कि एक तरफ कोरोना वायरस से ग्रामीण अपने छोटे-मोटे उद्योग धंधे और नौकरी नहीं कर पा रहे हैं जिससे उनके अर्थिकी पहले ही कमजोर हो रखी है वहीं अब मौसम की मार से फसलें भी पूरी तरह खराब हो गई है ऐसे में किसान करे भी तो क्या। बाडव गांव की प्रधान सुमन देवी, महावीर नेगी, विनोद नेगी, कुंवर सिंह आदि ने प्रशासन से नुकसान का मुआयना कर मुआवजे की मांग की है।

इससे पूर्व कल बसुकेदार क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि से फसलों के साथ-साथ गाड़ियों के शीशे टूटने लोग हैरान थे वही अरखुंडी में प्रवीण सिंह पुत्र दलबीर सिंह ने रोजगार के लिए मुर्गी फॉर्म चला रहे थे और लगभग 1200 चुचे पाल रखे थे, लेकिन आज ओला गिरने से लगभग 300 चूजे खत्म हो गये। ओलावृष्टि की खबर को कल केदारखंड एक्सप्रेस ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था जिस पर राजस्व उपनिरीक्षक ने आज बसुकेदार क्षेत्र का भ्रमण कर नुकसान का मुआयना किया है।