देहरादूना में कोचिंग करने वाली तीन युवतियों को मकान मालिक ने निकाला, तो जंगल के रास्ते घर आने का किया दुस्साहसास, पुलिस ने पकडा


देहरादूना में कोचिंग करने वाली तीन युवतियों को मकान मालिक ने निकाला, तो जंगल के रास्ते घर आने का किया दुस्साहसास, पुलिस ने पकडा
-संदीप बर्त्वाल/केदारखंड एक्सप्रेस 
चमोली/देहरादून।  लॉक डाउन में जो जहा है, जिस हाल में है उसे वही रहने के सख्त निर्देश दिये जा रहे हैं। यह न केवल उत्तराखंड की सरकारें बल्कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इस बात को अपने संबोधन में कई बार कह चुके है। बशर्ते सरकारें और स्थानीय प्रशासन इस बात का भी लगातार दावा कर रहा है कि किसी भी व्यक्ति को खाने रहने की कोई कमी नहीं होगी, इसी के चलते किसी भी व्यक्ति को  एक जगह से दूसरी जगह जाने की अनुमति नही दी जा रही है। लेकिन बावजूद लोगों तक समय पर न तो राशन पहुंच रहा है और न ही उनकी कोई सुध लेने वाला है। देहरादून में पढाई के लिए जा रखे सैकडों छात्रों के सामने जहाँ मकान का किराया भरने का संकट है वहीं अब पेट का संकट भी पैदा हो गया है।

इसी मजबूरी का शिकार चमोली की तीन युवतियां हुई हैं। देहरादून में कोचिंग कर रही ये युवतियां जब लाकडाउन के कारण किराया नहीं दे पाई तो मकान मालिक ने इन्हें निकाल दिया। कुछ दिन रिश्तेदारों के रहने के बाद ये जंगल के रास्ते दून सिटी की ओर से निकल गयी , जानकारी मिलते ही दून पुलिस व प्रशासन के हाथ-पाँव फूल गए। इन युवतियों को माल देवता के जंगल से रेस्क्यू कर  रायपुर पुलिस थाने लाये जहाँ रिश्तेदारों को बुलाकर इन्हें उनके सुपुर्द कर दिया गया।
इस लॉक डाउन में त्रिवेंद्र सरकार के दावे छात्रो को लेकर फीके पड़ते नजर आ रहे हैं। रिस्पना में रह रहे इन लड़कियों को मकान मालिक ने पहले रूम को खाली करवाया, जबकि सरकारें पहले ही मकान मालिकों को कह चुकी हैं कि इस मुश्किल घडी में मकान मालिक  किरायेदार का सहयोग करें। जानकारी के मुताबिक  तीनों युवती यहाँ कोचिंग करती थी। मकान मालिक के निकाले जाने पर

तीनों  लड़कियां मालदेवता के पास कुलमाड़ी के पास अपने एक रिश्तेदार के घर गयी थी। लेकिन रिश्तेदारों ने भी उनको वहां से जाने को कहा, इसके बाद लड़कियां मंगलवार सुबह  10 बजे दून की ओर आने लगी। तीनो टिहरी के मरोड़ा पुल के पास फंस गई। ये तीनो लडकिया चमोली जनपद के नागनाथ पोखरी की है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को मामले की जानकारी लगते ही पुलिस को इसकी सूचना दी गयी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नेहा कुशवाह ने कहा कि एशे समय मे किराएदार अपना धैर्य न खोए। ऐसी मुसीबत में इस तरह लड़कियों को अकेले ना छोड़े। वही एसओ रायपुर अमरजीत रावत ने कहा सूचना मिलते ही  तीनो लड़कियों को कुलमाडी से निकाला गया। पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि तीनों के साथ किसी भी प्रकार का कोई अपराध नही हुआ। जिसके बाद तीनों को रिश्तेदार के सुपुर्द किया गया। लेकिन इन सब के पीछे एक बड़ा सवाल ये भी की मकान मालिक ने क्यों इन छात्रों को लॉक डाउन में घर से निकाला? ऐसे में क्या दून महकमा सोया हुआ है? जिन्होंने इन बेबस लड़कियों को इंसाफ ना दिला सके?
देहरादूना में कोचिंग करने वाली तीन युवतियों को मकान मालिक ने निकाला, तो जंगल के रास्ते घर आने का किया दुस्साहसास, पुलिस ने पकडा देहरादूना में कोचिंग करने वाली तीन युवतियों को मकान मालिक ने निकाला, तो जंगल के रास्ते घर आने का किया दुस्साहसास, पुलिस ने पकडा Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on April 14, 2020 Rating: 5
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