अभिषेक और पूनम अपनों से ज्यादा फर्ज को दे रहे महत्व: कोई बीमार माता पिता तो कोई अबोध बालकर को छोड़कर कर रहे ड्यूटी


अभिषेक और पूनम अपनों से ज्यादा फर्ज को दे रहे महत्व: कोई बीमार माता पिता तो कोई अबोध बालकर को छोड़कर कर रहे ड्यूटी
-भूपेन्द्र भण्डारी/केदारखंड एक्सप्रेस 
रूद्रप्रयाग। समाज में बिरले ही लोग होते हैं जो अपनों से ज्यादा अपने फर्ज को तहजीव देते हैं, और दिन रात समाज के लिए खफा देते हैं। हम बात कर रहे हैं यहा  कोतवाली रुद्रप्रयाग में नियुक्त कॉन्स्टेबल अभिषेक कुमार चौहान की। जिन्हें आपने अक्सर रूद्रप्रयाग की सडकों पर नीली वर्दी सफेद हेल्मेट पहने बाइक पर कही ट्रैफिक व्यवस्था ठीक करते तो आजकल राशन बाटते देखा होगा। कांस्टेबल अभिषेक चौहान के माता-पिता मंगलौर,  जनपद हरिद्वार में रहते हैं जिनका स्वास्थ्य काफी समय से खराब चल रहा है लेकिन वे कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के इस दौर में अपनों से ज्यादा अपने फर्ज को महत्व दे रहे हैं।





अभी कुछ समय पूर्व जब कांस्टेबल अभिषेक के माता का स्वास्थ्य काफी ज्यादा खराब हो गया, तो पुलिस अधिकारियों द्वारा कॉन्स्टेबल को कहा गया कि वे छुट्टी लेकर अपने माता-पिता का स्वास्थ्य दिखवा लें, तो कॉन्स्टेबल अभिषेक कुमार चौहान द्वारा माता-पिता की बजाय पुलिस ड्यूटी को ज्यादा तवज्जो दी गई उनके द्वारा बताया गया कि कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी के दौरान जिंदगी में पहली बार  आम जनमानस की मदद करने के लिए ऐसी ड्यूटी करने का सौभाग्य मिला है। यदि ऐसे ड्यूटी नहीं की तो जनता की ऐसी सेवा करने का मौका शायद ही भविष्य में मिल पाए। इसलिए उनके द्वारा अपने माता-पिता के स्वास्थ्य के बजाय पुलिस ड्यूटी को ज्यादा महत्व दिया गया और तब से लगातार दिन और रात एक करके कोरोना योद्धा के रूप में कुशलता पूर्वक ड्यूटी को अंजाम दे रहे हैं। कॉन्स्टेबल अभिषेक कुमार चौहान के उक्त सराहनीय कार्य की भूरी भूरी प्रशंसा की जाती है। 
काॅस्टेबल पूनम सजवाण

इसी तरह कोतवाली रुद्रप्रयाग में नियुक्त महिला कॉस्टेबल पूनम सजवान भी अपने फर्ज के लिए अपने 11 माह के अबोध बालक को छोड़कर कोरोना की इस लड़ाई में पूरी सिद्दत के साथ कर रही है।  मात्र 11 माह के बालक को जनपद देहरादून में अपने ससुराल में छोड़कर पूनम रूद्रप्रयाग कोतवाली में लगातार ड्यूटी कर रही है, महिला कॉन्स्टेबल पूनम सजवान  के द्वारा भी सराहनीय कार्य किया गया है, जिसकी प्रशंसा न केवल पुलिस महकमा बल्कि स्थानीय नागरिक भी कर रहे है। वास्तव में यही सच्चे कोरोना योद्धा हैं जो समाज के लिए अपना सर्वत्र न्यौछावर करने के लिए हर वक्त तैयार रहते हैं। ऐसे दिलेर जवानों के लिए एक सैल्यूट तो बनता है। 




अभिषेक और पूनम अपनों से ज्यादा फर्ज को दे रहे महत्व: कोई बीमार माता पिता तो कोई अबोध बालकर को छोड़कर कर रहे ड्यूटी  अभिषेक और पूनम अपनों से ज्यादा फर्ज को दे रहे महत्व: कोई बीमार माता पिता तो कोई अबोध बालकर को छोड़कर कर रहे ड्यूटी Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on April 30, 2020 Rating: 5
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