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Wednesday, 15 April 2020

दु:खद खबर : समाज का मजबूत पहरी पुरुषोत्तम असनोड़ा का निधन, पत्रकारिता जगत को अपूर्णीय क्षति


दु:खद खबर : समाज का मजबूत पहरी  पुरुषोत्तम असनोड़ा का निधन, पत्रकारिता जगत को अपूर्णीय क्षति 
-संदीप बर्त्वाल/केदारखंड एक्सप्रेस न्यूज 
चमोली। समाज के मजबूत पहरी के रूप में  एक मजबूत स्तंभ  पुरुषोत्तम असनोड़ा  का देहावसान हो गया है। उत्तराखंड के वरिष्ठ पत्रकार पुरुषोत्तम असनोड़ा का निधन से जहां समाज को बडी क्षति हुई है वहीं पत्रकारिता जगत को भी अपूरणीय क्षति हुई है जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है। 

आपको बताते चलें कि 12 अप्रैल को उनको गैरसैंण स्थित उनके निवास पर अटैक पड़ा था जिसके बाद उनको हेलीकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश में भर्ती करवाया गया था। जहाँ उनका उपचार चल रहा था ।
वो अब पहले से स्वस्थ थे पर अचानक आज (15 अप्रैल को ) सायं 4 बजे लगभग उनका आकस्मिक निधन हो गया है । उनके साथ उनकी पत्नी और उनकी बेटी गंगा असनोड़ा अंतिम समय मे मौजूद थी । उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ऋषिकेश से गैरसैंण लाया जा रहा है ।
पुरुषोत्तम असनोड़ा लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में समाज के मजबूत पहरी के रूप में कार्य कर रहे थे, उन्होंने उत्तराखंड आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पिछले चार दशकों से पत्रकारिता के क्षेत्र में समाज के समसामयिक मुद्दों से लेकर पहाड़ की पीड़ा यहां के दुख दर्द को हुक्मरानों तक पहुंचाते रहे हैं। वह लंबे समय से श्रीनगर गढ़वाल से प्रकाशित होने वाली रीजनल रिपोर्टर्स पत्रिका का संपादन भी कर रहे थे।
पुरुषोत्तम असनोड़ा उत्तराखंड के वरिष्ठ पत्रकार थे ,जो क़ई दशकों से पत्रकारिता कर रहे थे । उत्तराखंड आंदोलन से लेकर पहाड़ो के हर मुद्दे पर अपनी बेबाक लेखनी की वजह से लोगो के दिलो में उनकी अमिट छाप हमेशा जिंदा रहेगी । 
" पहाड़ " जैसा दृढ़ संकल्प .  जीवन मूल्यों पर जीवन जीने वाले .  "नशा नहीं रोजगार दो" आन्दोलन .  जंगल के असली दावेदार कौन ! " वन वासी ' गिरी वासी के नारे और आन्दोलन के स्वर . 40 वर्षों की अथक और मूल्य आधारित जन आधारित पत्रकारिता के  स्तम्भ . उत्तराखंड राज्य आन्दोलन के प्रखर आन्दोलन कारी  हम सबके आदर्श "  मजबूत इरादों और संकल्प के धनी बड़े भाई पुरूषोत्तम असनोड़ा जी देहावसान  पूरे पहाड़ को ऐसे आघात की तरह है । असह्य दुख की तरह है । जिसे शब्दों मे अभिब्यक्त नहीं किया जा सकता । पहाड़ आज रो रहा है ।केदारखंड एक्सप्रेस परिवार पुण्य आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है और इस दुख की घड़ी में परिवार को धैर्य और हिम्मत की ईश्वर से कामना करते हैं।।
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