मिशाल : सब्जी के बम्पर उत्पादन से मजबूत हो रहे हैं महिलाओं के समूह, लाकडाउन के बाद मिला अधिक बाजार


मिशाल : सब्जी के बम्पर उत्पादन से मजबूत हो रहे हैं महिलाओं के समूह, लाकडाउन के बाद मिला अधिक बाजार

-कुलदीप राणा आज़ाद /केदारखंड एक्सप्रेस 

रूद्रप्रयाग।  कोरोना जैसी महामारी से जहाँ पूरे देश में सम्पूर्ण व्यापार ठप्प पडा हुआ है तो वहीं रूद्रप्रयाग के कई गाँवों में महिला स्वयं सहायता समूहों ने बम्पर सब्जी का उत्पादन कर इन दिनों अच्छी खासी आमदनी भी प्राप्त  की जा रही है। जी हा सेवा इंटर नेशनल संस्था के सहयोग से दर्जनों गांवों की महिलाएं समूह के रूप में सब्जी का उत्पादन कर स्वरोजगार की मिशाल पेश कर रही हैं।
दरअसल इन दिनों कोरोना वायरस के चलते सम्पूर्ण देश में लाकडाउन चल रहा है। हालांकि खाद्यान्न और सब्जी जैसे  आवश्यक सेवायें बहाल हैं बावजूद गाँवों कस्बों  में सब्जियां नहीं पहुंच पा  रहीं हैं। रूद्रप्रयाग की बात की जाय तो यहा के सभी छोटे बडे बाजार नजीबाबाद, बिजनौर की सब्जियों पर ही निर्भर रहता है।लाकडाउन के चलते यह भी कम पहुंच रहा है। लेकिन पहाडों में आजकल स्थानीय उत्पादों को भरपूर बाजार उपलब्ध हो रहा है। इन दिनों रूद्रप्रयाग के गाँवों की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सब्जियों से कई बाजार गुलजार हो रखे हैं। गुप्तकाशी के नाला गाँव की सेवा नर्मदा और जाख राजा स्वयं सहायता समूहों की करीब 17 महिलाओ के समूह ने 28 नाली जमीन पर मटर की खेती की हुई है जिसकी फसल इन दिनों क्षेत्र के कहीं बाजारों में बिक रही है। महिला स्वयं सहायता समूह अब तक 6 नाली भूमि से करीब साढे चार सौ किलो मटर बेच चुके हैं। 
जबकि इसी क्षेत्र का दूसरा गांव नारायणकोटी में  फूलगोभी वह पत्ता गोभी की बंपर पैदावार हो रखी है यहां भी करीब 24 महिलाओं के समूह ने यह कार्य किया है और उनकी फसल भी इन दिनों क्षेत्र में बिक रही है। इसी तरह क्योंजा घाटी के कण्डारा और दानकोट गाँव   की महिला समूहों द्वारा आलू और मटर की व्यापक खेती की गई जिससे इन दिनों इन समूह को अच्छी खासी आमदनी हो रही है। महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह प्रयास वास्तव में काबिले तारीफ है। 
दरअसल सेवा इंटर नेशनल संस्था द्वारा रूद्रप्रयाग और चमोली के 360 महिला स्वयं सहायता समूहों को एकत्रित कर सब्जी उत्पादन करने की ओर प्रेरित किया। यह संस्था वर्ष 2013 से इस काम में जुटी हुई है। संस्था के जिला प्रबन्धक मनोज बेजवाल का कहना है कि संस्था द्वारा महिला समूहों को सब्जी का बीज, खाद और कीटनाशक दवाईया उपलब्ध करवाई जाती हैं। साथ ही वे समय समय पर महिला समूह को संबंधित फसल के संबंध में परामर्श भी देते हैं ताकि वह अधिक और अच्छा उत्पादन कर सकें। समूह की सरिता देवी, पुष्पा  देवी ने कहा की सेवा इंटर नेशनल संस्था के सहयोग से सब्जी उत्पादन के इस कार्य में उन्हें बहुत मदद मिलती है।
मिशाल : सब्जी के बम्पर उत्पादन से मजबूत हो रहे हैं महिलाओं के समूह, लाकडाउन के बाद मिला अधिक बाजार मिशाल : सब्जी के बम्पर उत्पादन से मजबूत हो रहे हैं महिलाओं के समूह, लाकडाउन के बाद मिला अधिक बाजार Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on April 11, 2020 Rating: 5
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