विलुप्त की कगार पर पहुंच चुकी घायल बाज पक्षी की मदद के लिए वन विभाग और पशुपालन विभाग ने नहीं दिखाई संजीदगी : पक्षी की मौत

विलुप्त की कगार पर पहुंच चुकी घायल बाज पक्षी की मदद के लिए वन विभाग और पशुपालन विभाग ने नहीं दिखाई संजीदगी :  पक्षी की मौत


-संदीप बर्त्वाल केदारखंड एक्सप्रेस
थराली। वन विभाग और पशु पालन विभाग जंगल में पशु पक्षियों को लेकर भले ही संजीदा नजर आता हूं और तमाम तरह के नियम कायदों को लेकर उनके बचाव की बातें करता हुआ लेकिन ताज़ा मामला वन विभाग और पशुपालन विभाग की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। बाज जैसी दुर्लभ पक्षी जो लगातार विलुप्त की कगार की ओर जा रही है उसी घायल पक्षी के इलाज के लिए ना तो वन विभाग उधार नजर आया और ना ही पशुपालन विभाग।

पूरा मामला  थराली क्षेत्र का है यहां  नगर पंचायत के अंतर्गत कूड़ा डंपिंग जोन के पास एक जंगली बाज (चील) को बंदरों द्वारा अधमरा किया गया जिसे की कॉलेज जाते हुए छात्रों ने देखा और उसकी मदद के लिए रुके। बाद को घायल अवस्था में देख छात्रों ने पशुपालन विभाग से संपर्क किया ।
डॉक्टर द्वारा छात्रों को कहा गया कि उस जगली बाज को पकड़कर पशुपालन अस्पताल मे लेकर आओ, उसके उपरांत ही उसका इलाज हो पाएगा। लेकिन छात्रों के पास कोई साधन ना होने के कारण वे उसे अस्पताल तक नहीं पहुंचा पाए हालांकि बाद में पशुपालन विभाग के 2 कर्मचारी जरूर घटनास्थल पर पहुंचे लेकिन वन विभाग का मामला होने के कारण उन्होंने इलाज से पहले वन विभाग को सूचित करने की बात कही। छात्रों द्वारा वन विभाग से लेकर एसडीएम थराली तक इस बात की जानकारी दी लेकिन किसी ने भी इस दुर्लभ पक्षी को बताने की दिशा में कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की स्थिति इतनी तक हो चली थी कि पशुपालन विभाग द्वारा भी उसे प्राथमिक उपचार तक नहीं दिया गया। घायल पक्षी जीवन की जंग हार चुकी थी और अंत तो वह हो चल बसी।

सवाल यह उठता है कि हमारे प्रकृति में तमाम पशु पक्षी और जीव जंतुओं के संरक्षण को लेकर तमाम तरह के नियम कायदे बनाए गए हैं और उसके लिए वन विभाग जैसा बड़ा महकमा जिस पर सालाना करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं बावजूद क्यों उसने विलुप्त हो रही बाद जैसे पक्षी के इलाज के लिए वहां आगे नहीं आए। कृष्णा सिंह मनीष कुमार अभिषेक सूरज शिशुपाल इन छात्रों की कोशिश के बावजूद वह शासन प्रशासन की नजर अंदाज के कारण यह छात्र उस बेजुबान प्राणी को बचा नहीं पाए
विलुप्त की कगार पर पहुंच चुकी घायल बाज पक्षी की मदद के लिए वन विभाग और पशुपालन विभाग ने नहीं दिखाई संजीदगी : पक्षी की मौत विलुप्त की कगार पर पहुंच चुकी घायल बाज पक्षी की मदद के लिए वन विभाग और पशुपालन विभाग ने नहीं दिखाई संजीदगी :  पक्षी की मौत Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on March 05, 2020 Rating: 5
Powered by Blogger.