छोटे से पहाड़ी राज्य की दो दो राजधानी कितना सही?

छोटे से पहाड़ी राज्य की दो दो राजधानी कितना सही?

-संदीप बर्त्वाल/केदारखंड एक्सप्रेस 
चमोली। बड़ी खबर गैरसैंण से आ रही हैं । जहाँ सूबे के मुख्यमंत्री ने बजट के बाद गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा की है । आपको बताते चलें कि जैसे कि सत्र से पहले ही इस विषय पर काफी चर्चा चल रही थी कि राजधानी गैरसैंण को लेकर सरकार कोई बड़ा निर्णय ले सकती है । सरकार के मौजूदा विधायक बद्रीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट भी लगातार इसकी पैरवी कर रहे थे कि सत्र के दौरान राजधानी गैरसैंण को लेकर बड़ा निर्णय होगा । आज उसी कड़ी में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने गैरसैंण में ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा कर दी है ।

उधर उक्रांद के केंद्रीय प्रवक्ता पीसी थपलियाल ने कहा कि सरकार द्वारा छोटे से राज्य की दो दो राजधानी घोषित करना एक हास्यास्पद कदम है और राज्य की जनता के साथ धोखा है।ये दीगर बात है कि 20 साल बाद आज राज्य की राजनीति की आंखे खुली चाहे आधी ही सही।”उक्रांद राज्य में जन सम्पर्क अभियान कर जनता के अनुरूप आगे कदम उठाएगी।”

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कहा कि उन्होंने इस बजट को बनाने के लिए सैकड़ों लोगों से सुझाव प्राप्त किए थे और यह बजट आम आदमी की अपेक्षा के अनुरूप है।

 त्रिवेंद्र सिंह रावत कहा कि अगले बरस मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना सहित कई नई योजनाएं लागू की जाएगी। इसके साथ ही पर्वतीय किसानों की कृषि के लिए सर्वेक्षण सहित रोजगार सृजन और मुख्यमंत्री कृषि विकास योजनाएं जैसी योजनाएं शुरू की जाएंगी। फ्लाइंग रोकने के लिए होम स्टे योजना के लिए बजट में 1150 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

वर्ष 2020 21 के लिए त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 53,526 करोड़ रुपए का बजट पेश किया।

हरिद्वार महाकुंभ के लिए इस वित्तीय वर्ष में 12 से 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत 450 करोड रुपए के स्थाई कार्य होंगे और ₹1000 के अस्थाई कार्य किए जाएंगे।

रिस्पना और कोसी नदी के प्रदूषण को दूर करने के लिए सरकार ने दो योजनाएं मंजूर की है।

 जिसमें रामनगर में 54 करोड़ और देहरादून में ₹60 करोड़  की 2 परियोजनाएं शुरू की जाए।

जॉली ग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए बजट ₹295 की व्यवस्था की गई है।

 इसके साथ ही दे रही श्रीनगरी, नई दिल्ली, अल्मोड़ा, हल्द्वानी, पिथौरागढ़, धारचूला में जिला में हैली सेवाएं शुरू की जाएंगी।

 आपदा प्रबंधन के लिए ₹864 की व्यवस्था की गई है। इस बजट सत्र से तीन लाख से ज्यादा छात्रों के लिए स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था तथा 5000 कंप्यूटर की आपूर्ति भी की जाएंगी।
छोटे से पहाड़ी राज्य की दो दो राजधानी कितना सही? छोटे से पहाड़ी राज्य की दो दो राजधानी कितना सही? Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on March 04, 2020 Rating: 5
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