तीर्थ यात्रियों एवं पर्यटकों पर लगी उत्तराखण्ड में रोक। रूद्रप्रयाग के पर्यटक और देव स्थानों में जाने पर पूरी तरह पाबंदी


तीर्थ यात्रियों एवं पर्यटकों पर लगी उत्तराखण्ड में रोक। रूद्रप्रयाग के पर्यटक और देव स्थानों में जाने पर पूरी तरह पाबंदी

-कुलदीप राणा आजाद/केदारखण्ड एक्सप्रेस
रूद्रप्रयाग। इस वक्त पूरा विश्व कोरोना की महामारी से जूझ रहा है। 108 से अधिक देशों में हालात बेकाबू हैं। पूरे देश में कोरोना को लेकर आपातकाल जैसे हालात पैदा हो रखे हैं। इसी के मध्यनजर पूरे देश में अलर्ट जारी है। भारत सरकार और उत्तराखण्ड सरकार इसके लिए पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहे हैं और जिलों में प्रशासन को युद्धस्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इसी कड़ी में रूद्रप्रयाग जनपद में प्रशासन ने सभी व्यवस्थायें चाकचौबंद कर ली हैं।
चीन के वोहान शहर से फैले कोरोना विषाणु से जनित जुकाम बुखार से सारा विश्व प्रभावित और आतंकित है। हजारों लोगों की अकाल मृत्यु और इसके तेजी से फैलते प्रकोप से निपटने के लिए भारत सरकार के साथ ही उत्तराखण्ड सरकार ने भी व्यापक तैयारियां कर ली हैं। लोगों को सावधानी बरतने और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अत्यावष्यक होने पर ही जाने की सलाह के साथ ही साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। इस रोग से बचाव और उचार की भी तैयारियां संतोषजनक हैं। रूद्रप्रयाग जनपद में प्रशासन ने माधवाश्रम शंकराचार्य अस्पताल में 30 बेड का आइशोलेसन वार्ड बनाया है। इसके साथ ही प्रत्येक ब्लाॅक में स्थिति सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी इमरजेंसी आइशोलेसन वार्ड बनाये हुए हैं। जिलाधिकारी मंगेश घिल्ङियाल ने बताया कि रुद्रप्रयाग में कोरोना से निपटने के लिए भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार सभी तैयारियां पूरी कर ली है।

एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 के अंतर्गत उत्तराखण्ड एपिडेमिक डिजीज  COVID -19 रेगुलेशन 2020 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अग्रिम आदेशों तक उत्तराखण्ड में सभी  घरेलू और विदेशी पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्री नीतेश झा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि  COVID  -19 के फैलाव को रोकने के लिए अनावश्यक भ्रमण न करने के लिए पूर्व अनेक एडवायजरी जारी की गई हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में घरेलू और विदेशी पर्यटकों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने की आवश्यकता महसूस की गई ताकि प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

रूद्रप्रयाग जनपद तीर्थाटन और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। यहां विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम समेत द्वितीय केदार तुगनाथ, मध्यमहेश्वर, कालीमठ, कार्तिक स्वामी जैसे धार्मिक स्थान और चोपता दुगलबिट्टा, देवरियाताल बधाणीताल आदि पर्यटक स्थल होने के कारण वर्ष भर यहाँ देश-विदेश के पर्यटकों की आवोभगत रहती है। ऐसे में जब देश तेजी से कोरोना जैसे घातक संक्रमित विषाणु की चपेट में आ रहा हो। इस स्थिति को देखते हैं रूद्रप्रयाग की सीमाएं बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दी हैं।  केदाराथ के साथ ही पंच केदारों का गद्दीस्थल ओंकारेष्वर मंदिर में स्थानीय पुजारियों के अलावा बाहर से आने वाले सभी नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगा दी हैं। जबकि सारी, देवरियाताल, चोपता दुगलबिट्टा समेत सभी पर्यटक स्थलों पर आवाजाही बंद कर दी है। इसके लिए पुलिस द्वारा रूद्रप्रयाग की सीमाओं पर बैरियल लगाकर यात्रियों को लौटा रहे हैं। जबकि जनपद में सभी सार्वजनिक धार्मिक कार्यक्रमों को भी स्थगित किया जा रहा हैं।  यहां तक की शादी विवाह  के कार्यक्रमों को भी  स्थगित करने अपील की जा रही है।

आपातकाल जैसे हालात में रूद्रप्रयाग प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। हालांकि अभी तक जनपद में कोई भी संदिग्ध अथवा कोरोना पाॅजीटिव नहीं पाया गया है बावजूद एतियात के तौर पर प्रशासन ने हर मोर्चे पर पुख्ता तैयारियां कर रखी हैं। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने जनपदवासियों से अपील की है कि लोग ज्यादा से ज्यादा सावधानियां बरतें। सावधानियों से ही कोरोना को हराया जा सकता है। पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि रूद्रप्रयाग जनपद में किसी भी बाहरी व्यक्ति को परिवेश नहीं दिया जा रहा है। इसके लिए पुलिस हर जगह तैनात की गई है।
तीर्थ यात्रियों एवं पर्यटकों पर लगी उत्तराखण्ड में रोक। रूद्रप्रयाग के पर्यटक और देव स्थानों में जाने पर पूरी तरह पाबंदी तीर्थ यात्रियों एवं पर्यटकों पर लगी उत्तराखण्ड में रोक। रूद्रप्रयाग के पर्यटक और देव स्थानों में जाने पर पूरी तरह पाबंदी Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on March 20, 2020 Rating: 5
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