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Friday, 13 March 2020

उत्तराखण्ड में कोरोना वायरस के 17 संधिग्ध मरीज: छोटे-बड़े सभी कार्यक्रम किये जा रहे स्थगित: अन्तर्राष्ट्रीय सीमा होंगी होंगी बंद

उत्तराखण्ड में कोरोना वायरस के 17 संधिग्ध मरीज: छोटे-बड़े सभी कार्यक्रम किये जा रहे स्थगित: अन्तर्राष्ट्रीय सीमा होंगी होंगी बंद 

-भूपेन्द्र भण्डारी/केदारखण्ड एक्सप्रेस

देहरादून। चीन जैसे शक्तिशाली देश में हजारों लोगों को मौत के घाट उतारने वाले कोरोना वायरस अब चीन से बाहर निकलकर सैकड़ों देशों में फैल चुका है और लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। भारत भी कोरोना वायस की चपेट में है और यह राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में अपने पाँव तेजी से पसार रहा है। लाइलाज इस बीमारी से बचने के उपायों को हालांकि सरकारी स्तर पर बड़ी तेजी से प्रचारित भी किया जा रहा है लेकिन उत्तराखण्ड में 17 संदिग्ध कोरोना के मरीज पाये गये हैं जिससे राज्य में सनसनी फैली हुई है।  


कोरोना से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह मुस्तैद: मुख्यमंत्री 

उत्तराखण्ड में 17 से अधिक कोराना वायस के संधिग्ध मरीज मिलने से सनसनी फैली हुुई है। स्थिति यह है कि राज्य में आपातकाल जैसे हालात पैदा हो गए हैं। 31 मार्च तक सभी सरकारी-गैर सरकारी विद्यालयों को बंद करने के आदेश दे दिए गए हैं। जबकि कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सभी छोड़े-बड़े कार्यक्रमों को भी स्थगित किया जा रहा है। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का कहना है कि सरकार के पास कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मात्रा में मास्क और अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाये गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में चिकित्सकों की भी पूरी व्यवस्था है। सभी जिलों में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। अब तक कुछ 337 आइसोलेशन वार्ड बनाये गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में जनजागरूकता के कार्यक्रम लगातार चलाये जा रहे हैं। 

कोरोना से निपटने के लिए जारी किया हेल्पलाइन नम्बर

कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार ने टाल फ्री 104 हेल्पलाइन नंबर जारी किया ताकि कोरोना की चपेट में आने वाले मरीज का तत्काल उपचार किया जा सके। इसके साथ ही जिलों में भी लगातार कोरोना वायरस से बचाव के लिए उसके लक्षणों और और उससे बचने के उपायों क्या हैं, लोगों को बताया जा रहा है। 





कोरोना से बचने के लिए क्या करें

इस वायरस का आकार 400 से 500 माइक्रोन होता तो कोई भी मास्क इसे रोक सकता है। अधिक से अधिक बाहर निकले पर मास्क जरूर पहन कर जाइये। यह वायरस हवा में नहीं रहता, यह किसी वस्तु पर या किसी जीव पर ही एक जगह से दूसरी जगह जाता हैं इसलिए यह हवा से नहीं फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के साथ उठने-बैठने, हाथ मिलाने अथवा सोने से यह फैलता है। यह वायरस धातु पर पड़ा हो तो 12 घंटों तक ही जीवित रहता है, किसी ऐसी संक्रमित धातु को छूने के बाद साबुन और पानी से अच्छे तरह हाथ धोएं। दिन में कई बार अपने हाथों को धोएं। कपड़ों पर यह वायरस 9 घंटों तक रहता है, कपड़ों को अच्छे तरह साबुन से धोएं और धूप में सूखने से मकसद पूरा होता है। हाथों पर यह वायरस 10 मिनट तक रहता है इसलिए एल्कोहोल स्ट्रिलाजर को लगाकर बचाव करे, जेब में रखने की आदत डाले। यह वायरस 26 से 27 डिग्री तापमान पर आने पर मर जाता है। इसलिए गर्म पानी पिएं। सूरज की धूप ले। आइस्क्रीम और ठंडे पदार्थ खाने से परहेज करें। भीड़ भाड़ वाले स्थानों में जाने से बचें। अंडा व किसी भी प्रकार का मीट मछली इत्यादि का सेवन न करें। गर्म नमक के पानी से गरारे करें, यह वायरस को फेफड़ों तक पहुंचने से रोकता है। 

कोरोना वायरस के सामान्य लक्षण
कोरोना का वायरस जैसे ही आपके शरीर के अंन्दर प्रवेश करता है तो उसके शुरूआत में जुखाम लगने के साथ नाक का बहना शुरू हो जाता है। इसके बाद कफ और खांसी आरम्भ हो जाती है। फिर उसके बाद गले में दर्द, सिरदर्द, कई दिनों तक रहने वाला बुखार, निमोनिया, ब्रांकाइटिस आदि होने लगता है। इन सब पर जल्द अगर काबू नहीं पाया जाता तो यह मरीज की जान ले लेती है। 

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