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Thursday, 6 February 2020

अजब-गजब का तमाशा: निर्माण कार्यों में धङल्ले से हो रहा मिट्टी का प्रयोग, पुस्ता ढहने के बाद भी इंजीनियर कह रहा सब ठीक हो रहा है

अजब-गजब का तमाशा: निर्माण कार्यों में धङल्ले से हो रहा मिट्टी का प्रयोग, पुस्ता ढहने के बाद भी इंजीनियर कह रहा सब ठीक हो रहा है 

देवेन्द्र चमोली/केदारखंड एक्सप्रेस 

रुद्रप्रयाग। जब निर्माण कार्यों में रेत की जगह धड़ल्ले से मिट्टी का प्रयोग किया जा रहा हो तो ऐसे में निर्माण कार्य के टिकाऊ होने की कैसे उम्मीद की जा सकती है लेकिन ऐसा धड़ल्ले से हो रहा है रुद्रप्रयाग जनपद में। 

पूरा मामला पीएमजीएसवाई की रुद्रप्रयाग-गढ़ीधार-उडामांडा मोटर मार्ग का है जहां इन दिनो गढ़ीधार से आगे सड़क निर्माण के फैज 2 का कार्य किया जा रहा है।  कार्यदायी संस्था  नेशनल प्रोजेक्ट आफ कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन (NPCC) द्वारा स्कबर, पैराफिट व दीवाल निर्माण के कार्य की गुणवत्ता को ताक पर रख कर रेत की बजाय मिट्टी का प्रयोग किया जा रहा है।  इसके खिलाफ स्थानीय जनता व जनप्रतिनिधियों द्वारा कई बार आवाज ऊठायी गयी लेकिन कार्यदायी संस्था द्वारा जनता की आवाज को अनसुना किया जा रहा है। आलम यह है कि खुले आम निर्माण कार्यों में  रेत की जगह मिट्टी का प्रयोग किया जा रहा है। इस पर  स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कड़ी आपत्ति की है। स्थानीय लोगो का कहना है कि कार्य की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि ग्राम ढुंग के पास कार्यदायी संस्था द्वारा बनाया गया पुस्ता दो दिन  में ही भरभरा कर गिर गया, जिससे गांव जाने का संम्पर्क मार्ग भी छतिग्रस्त हो गया।

जगी काडंई के प्रधान देवेन्द्र जग्गी, स्थानीय निवासी राजेन्द्र सिंह आदि का कहना है कि कार्यदायी संस्था द्वारा मानकों को ताक पर रख  कर घटिया निर्माण किया जा रहा है व लगातार जनता की आवाज को अनसुना किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था द्वारा मिट्टी से प्लम भरे जा रहे हैं व बाहर से रेत से लीपापोती की जा रही है जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।


वहीं NPCC के सहायक अभियंता रुपेश सकलानी से इस संदर्भ में सम्पर्क किया गया तो उनका कहना है कि कार्य  पूर्णतः मानकों के आधार पर किया जा रहा है, मानकों के अधीन प्लम व पैराफिट निर्माण में स्क्रीन मैटैरियल का प्रयोग किया जा सकता है।
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