कागजों में हो गया गाँव शौच मुक्त, हकीकत कुछ और

कागजों में हो गया गाँव शौच मुक्त, हकीकत कुछ और 

-संदीप बर्त्वाल/ केदारखंड एक्सप्रेस न्यूज 

पोखरी। जनपद चमोली  के विकासखंड पोखरी के अंतर्गत  मसोली गांव में चौकाने वाली  खबर सामने आ रही है । यहाँ सरकार के खोखले  दावों की पोल खुलती नजर आ रही है।  दरअसल नवम्बर 2016 में  पूरे जिला चमोली को शासन द्वारा  शौच मुक्त घोषित कर दिया है,
लेकिन ये योजना धरातल पर आज  हवा खाती नजर आ रही है। ऐसे में ग्रामीण लोग बेहद नाराज नजर आ रहे हैं। मसोली गांव के निवासी विनोद लाल , पंकज , व रोशन लाल ने कहा कि शासन द्वारा उन्हें शौचालय के लिए आज तक कोई धन नही दिया गया, जबकि कबीर दास,व चंद्रामती देवी का कहना है कि ग्राम प्रधान ने हमे शौचालय बनाने के लिए   सिर्फ 4 हज़ार रुपये दिए , उसके बाद इन्होंने उनसे पूर्व में  कही बार अपनी बात रखी लेकिन उन्होंने पैसे ना होने का हवाला दिया, जिससे आज भी इनके पास कोई शौचालय नही है।
वही इस मामले में ग्राम प्रधान सुशील चन्द्र का कहना है कि शासन द्वारा   गांव को 2016 में शौच मुक्त कर दिया बावजूद इसके आज भी 30 - 40 परिवार जिनके पास कोई शौचालय नही है। 

उधर ग्राम विकास अधिकारी प्रदीप नेगी का कहना है कि स्वजल द्वारा अभी तक   परिवारों को जो पैसा दिया जा रहा था   या जिनको  नही मिला है यह पैसा रुका है इसका शेष भुगतान होना बाकी है।।
वही इस मामले में  खंड विकास अधिकारी एम पी  वसिष्ठ  नागपुर पोखरी का कहना है कि इस मामले में हमे संज्ञान नही है संबंधित अधिकारियों से पूछताछ करके कारवाई की जाएगी।
कागजों में हो गया गाँव शौच मुक्त, हकीकत कुछ और कागजों में हो गया गाँव शौच मुक्त, हकीकत कुछ और Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on February 25, 2020 Rating: 5
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