चीड़ के पेड़ों से आवासीय भवनों को खतरा, पूर्व में भी जाखाल गांव में गिर चुके हैं पेड़

चीड़ के पेड़ों से आवासीय भवनों को खतरा, पूर्व में भी जाखाल गांव में गिर चुके हैं पेड़ 

भूपेन्द्र भण्डारी/केदारखण्ङ एक्सप्रेस
रुद्रप्रयाग। विकासखंड जखोली की ग्राम पंचायत जाखाल भरदार में चीड़ के पेड़ कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। पूर्व में भी पेड़ गिरने से अनहोनी होते-होते टली है। इसके बावजूद आज तक सूख चुके पेड़ों के छपान नहीं हो पाया है। 
पूवी भरदार के जाखाल गांव में चीड़ के पेड़ आवासीय मकानों और ग्रामीणों के लिए खतरा बने हुए हैं। गांव के ठीक ऊपर चीड़ के कई पेड़ सूखे हुए हैं। जो कभी भी गिर सकते हैं। इस संबंध में ग्रामीणों ने वन विभाग से भी शिकायत की थी। इस पर जांच के लिए वन विभाग की टीम भी गांव में आई थी। लेकिन अभी तक पेड़ों का छपान नहीं हो पाया है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य शांति भट्ट, भरदार जागरूकता मंच के अध्यक्ष सुबोध नौटियाल, कुंवर सिंह रावत, सीता देवी का कहना है कि आंधी-तूफान और अग्नि दुर्घटनाओं के चलते कई पेड़ गिर चुके हैं। जंगल से गांव के सटे होने से हर समय ग्रामीणों और मवेशियों को खतरा बना रहता है। वहीं जन अधिकार मंच के अध्यक्ष मोहित डिमरी ने कहा कि जल्द पेड़ों का छपान नहीं हुआ तो गांव में कभी भी अनहोनी हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वन विभाग और जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। वहीं उप प्रभागीय वनाधिकारी महिपाल सिरोही का कहना है कि जल्द ही सूखे पेड़ों का छपान का कार्य कर दिया जायेगा।
फोटो परिचयः रुद्रप्रयागः जाखाल भरदार में सूखे पेड़ों से आवासीय भवनों को बना है खतरा (24आरडीपी3)
चीड़ के पेड़ों से आवासीय भवनों को खतरा, पूर्व में भी जाखाल गांव में गिर चुके हैं पेड़ चीड़ के पेड़ों से आवासीय भवनों को खतरा, पूर्व में भी जाखाल गांव में गिर चुके हैं पेड़ Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on February 24, 2020 Rating: 5
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