महिला स्वयं सहायता समूहों के खाते से फर्जी हस्ताक्षर कर निकाले एक लाख पांच हजार, कटघरे में पूरा चमोली प्रशासन

महिला स्वयं सहायता समूहों  के खाते से फर्जी हस्ताक्षर कर निकाले एक लाख पांच हजार, कटघरे में पूरा चमोली प्रशासन


-संदीप बर्त्वाल/केदारखंड एक्सप्रेस
पोखरी। जनपद चमोली के विकासखंड पोखरी के सुदृवर्ती गांव श्रीगढ़ की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने  साधन सहकारी बैंक हापला पर महिला स्वयं सहायता समूहों के  खातों से फर्जी हस्ताक्षर कर बङी  धनराशि निकालने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। बड़ी बात यह है कि यह मामला जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारी के संज्ञान में होने के बावजूद भी अब तक कोई भी कार्यवाही नहीं की जा सकी है ऐसे में ग्रामीण महिलाएं खुद को ठगी सी महसूस कर रही हैं और न्याय-इंसाफ के लिए जिम्मेदारों की कार्यवाही का इंतजार कर रही है।

प्रदेश में जहाँ भाजपा की सरकार ङब्बल इंजन का दम जब तब भरती हो और जीरो टॉलरेंस का नारा छाती पीट-पीटकर उछाती हो वही सरकार का तंत्र भ्रष्टाचारियों के सामने किस तरह से बेबस और लाचार नजर आ रहा है इसका जीता जागता उदाहरण पोखरी विकासखंड की श्रीगढ गांव में देखने को मिला है। यहां साधन सहकारी बैंक में महिला समूह द्वारा खोले गए खाते से बड़ी रकम फर्जी तरीके से निकाली गई लेकिन कमाल देखिए जहां साधन सहकारी बैंक इस मामले से पल्ला झाड़ रहा है तो वही कार्यवाही के नाम पर जिलाधिकारी समेत पोखरी तहसील प्रशासन भ्रष्टाचारियों के सामने नतमस्तक नजर आ रहा है।

क्या है पूरा मामला, जरा इसे भी समझिये 

अब जरा पूरे मामले को बारीकी से समझने की कोशिश कीजिए। श्रीगढ गाँव के चार स्वयं सहायता समूह , यमुना, गंगा, दुर्गा व उमा समूहों ने वर्ष 2012-13 में  हापला  साधन सहकारी बैंक में खाता खोला था। महिलाओ के सभी समूहों ने इन खातों में  1 लाख 5 हजार रुपये जमा किये थे, लेकिन 2 वर्ष पश्चात फर्जी तरीके से महिलाओं के खातों से यह पैसे निकाले गए। ग्राम सभा श्रीगड़ की महिला मंगल दल अध्यक्ष व  दुर्गा स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष लीला देवी ने बताया कि 31 मार्च 2015 को  फर्जी हस्ताक्षर कर हमारे खातों से पैसों को निकाल दिया गया ,हमने इस सम्बंध में कही बार शासन को अवगत कराया लेकिन कोई कारवाई नही हुई । जबकि अन्य महिलाओं फूलदेई देवी, कुंती देवी, उर्मिला , कस्तूरा, उमा व शांति देवी का कहना है कि महिलाएं खुद को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किसी तरह आपस में चंदा जुटाकर धन राशि एकत्रित किए थे ताकि जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग किया जा सके और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में यह राशि कारगर साबित हो सके लेकिन हम गरीब महिलाओं के साथ इस तरह की धोखाधड़ी करना गलत तो है ही लेकिन इससे भी बड़ा धोखा जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इन पर कार्यवाही न करना है। महिलाओं ने कहा कि पिछले 5 साल से वे न्याय का इंतजार कर रहे हैं लेकिन अधिकारी है कि सुनने तक तैयार नहीं है ऐसे में महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के उत्थान की बड़ी-बड़ी बातें करने वाला हमारा तंत्र महिलाओं के साथ किस तरह ज्यादती कर रहा है यह हम पिछले 5 वर्षों से महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा की अब उनकी अगर नहीं सुनी गई तो वह शासन प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठने के लिए विवश हो जाएंगे।

महिलाओं के खाते से फर्जी तरीके से इतनी बड़ी रकम निकालना जहां साधन सहकारी बैंक की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है वही लोगों का पैसा वहां सुरक्षित रहे इस पर भी शंका पैदा करता है वहीं इस मामले पर चमोली जिला प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली एक बात तो साफ कर रही है कि आखिर किस तरह से प्रशासन लोगों को न्याय और इंसाफ के लिए सालों इंतजार करवा रहा है बल्कि पूरे तंत्र को इसलिए भी कटघरे में खड़ा करती है कि जब प्रशासन एक छोटे से मामले में स्पष्ट और उदार जांच तक नहीं करवा पाती हैं तो फिर आखिर यह जनता के लिए किस तरह की जवाबदेही अधिकारियों की है? बहरहाल प्रशासन की लचर व्यवस्था जहां भ्रष्टाचारियों की हौसलों को बुलंद कर रही है वहीं प्रशासन के प्रति जनता के आक्रोश को भी बढ़ा रही है अगर जल्द इस मामले में कार्यवाही नहीं होती है तो आने वाले दिनों में महिलाओं का आक्रोश सड़कों पर भी देखने को मिल सकता है।
महिला स्वयं सहायता समूहों के खाते से फर्जी हस्ताक्षर कर निकाले एक लाख पांच हजार, कटघरे में पूरा चमोली प्रशासन महिला स्वयं सहायता समूहों  के खाते से फर्जी हस्ताक्षर कर निकाले एक लाख पांच हजार, कटघरे में पूरा चमोली प्रशासन Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on February 27, 2020 Rating: 5
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