तो अब अध्यक्ष करवायेंगे पोखरी नगर पंचायत के कार्यों की जांच

तो अब अध्यक्ष करवायेंगे पोखरी नगर पंचायत के कार्यों की जांच 

नीरज कण्डारी/केदारखण्ड एक्सप्रेस
चमोली पोखरी। नगर पंचायत अध्यक्ष पोखरी लक्ष्मी प्रसाद पंत अब पंचायत द्वारा किए गए कार्यों की जांच करवायेंगे। उन्होंने इस बात का दावा किया है कि पोखरी नगर पंचायत के कई कार्यों में भारी भ्रष्टाचार किया गइया है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने अधिशासी अधिकारी नंद राम तिवारी और अवर अभियंता पर नगर पंचायत के भीतर गड़बड़झाला किया गया है। पहले आपको बताते हैं कि अध्यक्ष ने क्या कुछ कहा 


पर्यावरण मित्रों के साथ हुए विवाद के बाद पोखरी नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पंत ने प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि पोखरी नगर पंचायत के अन्तर्गत बनाए गए शौचालयों और अन्य गंदगी वाले स्थलों की कई कोई सफाई और छिड़काव नहीं किया जाता है लेकिन विभाग के अन्दर सफाई के तमाम उपकरण और छिड़काव सम्बंधित पाउण्डरों के फर्जी बिल लगाए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दिनों उनके पैर में चोट लगने के कारण वे नगर पंचायत द्वारा किए जा रहे कार्यों के स्थलों तक नहीं जा पायें और इसी का फायदा
 उठाते हुए अधिशासी अधिकारी नंद राम तिवारी और अवर अभियंता द्वारा निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार किया गया। देवर-मोलफटा, पोखरी-चरकोटी, मूल्याधार-किमगेर सहित तीन खण्डिजा मार्गों और सीसी मार्ग का जिक्र करते हुए कहा कि इन रास्तों के निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई। साफ जाहिर होता है कि निर्माण कार्यों में विभाग के इन अधिकारियों द्वारा गबन किया गया है। अध्यक्ष यह भी बताते हैं कि उनके पास नगर पंचायत द्वारा एक फर्जी शौचालय का बिल  भी हस्ताक्षर के लिए आया हुआ है जबकि कहीं भी शौचालय का निर्माण इस अवधि में नहीं हुआ है। इसी तरह अन्य भी कई कार्य हैं जो संदेह के घेरे में हैं और जिन पर जांच होनी जरूरी है। 

काम कब करेंगी नगर पंचायत पोखरी 
पिछले एक वर्षों के कार्यकाल का अगर आंकलन करें तो शुरूआती दिनों में नगर पंचायत के भीतर सबकुछ ठीक ठाक चल रहा था, लेकिन इस बीच अचानक ही अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी के बीच तनातनी शुरू हो गई। दोनो के बीच विवाद की इस कदर बढ़ गया की वह नगर पंचायत के भीतर से बाहर निकल गई। यहां तक कि अध्यक्ष के बेटे पर अधिशासी अधिकारी को जान से मारने और कार्यालय में आगर सरकारी कार्य में बाधा डालने की शिकायत जिलाधिकारी और थाने में तक जा पहुँची। इसी बीच यह लड़ाई तो चल रही थी कि इन दिनों पर्यावरण मित्रों ने अध्यक्ष और अध्यक्ष के बेटे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस आरोप है कि अध्यक्ष द्वारा पर्यावरण मित्रों को कार्यलय के कामों के अलावा अन्य कार्य भी करवाये जातये हैं ऐसा न करने पर बार बार नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है जबकि अध्यक्ष के बेटे द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। यह विवाद भी थाने से लेकर जिलाधिकारी तक पहुंच गया। अब सवाल यह है कि जब दो सालों नगर पंचायत के भीतर ही कलह मची हुई है तो काम कब होंगे? वैसे भी अब तक हुए कार्यों में भी भारी भ्रष्टाचार जेसे बातें सामने आ रही है। 

क्या अध्यक्ष का बेटा मंयक पंत कर रहा है सरकारी कार्य में हस्तक्षेत 
नगर पंचायत पोखरी में हुए अब तक के विवादों में बार-बार अध्यक्ष के बेटे मयंक पंत का नाम ऐसे उभर कर सामने आ रहा है जैसे विवादों की मूल जड़ में उन्हीं की भूमिका हो। पहले अधिशासी अधिकारी से हुए विवाद में भी अध्यक्ष के बेटे पर जान से मारने समेत सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला थाने पहुँचा था जिसमें एफआईआर भी दर्ज है। जबकि इस बार भी उस परिपाठी पर आगे बढ़ते हुए पर्यावरण मित्रों को मारने की धमकी दी गई। यह मामला भी थाने में पहुंचा है। नगर पंचायत के कार्यों और अधिकारी कर्मचारियों के कार्यों में बार-बार मयंक पंत का हस्तक्षेत इस बात का इशारा तो कर रहा हैं कि पिता की जगह पर पुत्र ही पूरी अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं लेकिन कानूनी रूप से यह बिल्कुल भी सही नहीं है। 


निजि महत्वकांक्षा की भेंट चढ़ रहा है पोखरी नगर का विकास
साल 2013 में पोखरी के आसपास के गांवों को मिलाकर अस्तित्व में आया नगर पंचायत पोखरी का विकास जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की निजि महत्वकांक्षी भेंट चढ़ता जा रहा है। पोखरी नगर पंचायत पूरे प्रदेश में विवादों के लिए प्रसिद्ध हो रखी है। स्थिति यह है कि पोखरी के भीतर इन सात वर्षों में नगर पंचायत द्वारा बुनियादी सुविधाएं तक विकसित नहीं की गई है। पूरे नगर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई हैं। पोखरी के प्रवेश द्वार पर बना एक मात्र शौचालय की कभी सफाई नहीं की जाती है। जो लोग यहां से गुजरते हैं तो रूमाल मुंह पर लगाना पड़ता है। हालांकि इस बीच पोखरी में कुछ स्ट्रीट लाईटे जरूर लगी हैं लेकिन वार्डों के भीतर इन सात सालों में विकास कार्य गौंण दिखाई दे रहे हैं। पूरा नगर क्षेत्र की सड़कों पर गढढे तालाब का रूप ले चुके हैं। नालियों का कहीं निर्माण नहीं हो रखा बरसात में पानी सड़कों पर बहता है। ऐसे में साफ कहा जा सकता है कि जो आधारभूत सुविधाएं नगर को मिलनी चाहिए थी वे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की निजि महत्वकाक्षाा और आपसीखींचातान की भेंट चढ़ गई। लेकिन लोकतंत्र में जनता मूकदर्शन कुछ समय के लिए जरूर बनी रहती है लेकिन समय आने पर वे सब कुछ बता देती है। 

तो अब अध्यक्ष करवायेंगे पोखरी नगर पंचायत के कार्यों की जांच तो अब अध्यक्ष करवायेंगे पोखरी नगर पंचायत के कार्यों की जांच Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on January 14, 2020 Rating: 5
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