पर्वतजन के संपादक शिवप्रसाद सेमवाल को मिली उच्च न्यायालय से जमानत, रंगदारी के झूठे केस में थे अंदर

पर्वतजन के संपादक शिवप्रसाद सेमवाल को मिली उच्च न्यायालय से जमानत, रंगदारी के झूठे केस में थे अंदर


 -डेक्स केदारखंड एक्सप्रेस

देहरादून।  पिछले 52 दिनों से रंगदारी और ब्लैक मेलिंग के झूठे केस में वरिष्ठ पत्रकार शिवप्रसाद सेमवाल जेल में बंद थे उच्च न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है और उन्हें जमानत मिल चुकी है।

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने रंगदारी और ब्लैक मेलिंग के आरोप में जेल गए पर्वतजन न्यूज पोर्टल के सम्पादक शिवप्रसाद सेमवाल की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है।
दिग्गज पत्रकार शिव प्रसाद सेमवाल गिरफ्तारी मामले में आज उच्च न्यायालय में जमानत याचिका पर आज सुनवाई हुई। याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति एन.एस. धनिक की एकलपीठ में हुई। मामले के अनुसार बीती 27 अक्टूबर 2019 को नीरज राजपूत ने अमित पाल और शिव प्रसाद सेमवाल के खिलाफ देहरादून के सहसपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
शिकायतकर्ता ने कहा था की शिव प्रसाद सेमवाल और अमित पाल ने खबर प्रकाशित करके उनकी राजनैतिक छवि को धूमिल करने और ब्लैक मेलिंग करने का प्रयास किया। इससे उनकी राजनैतिक छवि धूमिल भी हुई। बीती 22 नवंबर को देहरादून की नेहरू कॉलोनी स्थित आवास से शिव प्रसाद सेमवाल को गिरफ्तार किया गया था। सुनवाई के दौरान शिव प्रसाद सेमवाल के वरिष्ठ अधिवक्ता व पूर्व महाधिवक्ता वी.बी.एस. नेगी ने न्यायालय को बताया की शिव प्रसाद को साजिशन फंसाया गया है। उन्होंने कभी किसी को ब्लैकमेल नहीं किया और उन्होंने किसी से भी रंगदारी वसूल नहीं कि, बल्कि उन्होंने निष्पक्ष पत्रकारिता की। अधिवक्ता ने एकलपीठ को बताया की निष्पक्ष पत्रकारिता करने की वजह से ही उन्हें यह सजा दी गई है ।
पर्वतजन के संपादक शिवप्रसाद सेमवाल को मिली उच्च न्यायालय से जमानत, रंगदारी के झूठे केस में थे अंदर पर्वतजन के संपादक शिवप्रसाद सेमवाल को मिली उच्च न्यायालय से जमानत, रंगदारी के झूठे केस में थे अंदर Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on January 15, 2020 Rating: 5
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