पार्ट : 4 केदारखंड एक्सप्रेस खबर का बड़ा असर पूर्व प्रधान वीडियो और जेई पर मुकदमा करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश

पार्ट : 4 केदारखंड एक्सप्रेस खबर का बड़ा असर पूर्व प्रधान वीडियो और जेई पर मुकदमा करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश

- कुलदीप राणा आजाद/ केदारखंड एक्सप्रेस
रुद्रप्रयाग। एक बार फिर केदारखंड एक्सप्रेस की खबर का बड़ा असर हुआ है बीती पंचवर्षीय योजना में एक बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम देने वाले भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसता हुआ नजर आ रहा है।  स्यूपुरी  गांव के एक नागरिक द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर गांव की अनियमितताओं को लेकर शिकायत दर्ज की गई थी जिस पर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से एक जांच कमेटी बैठाई गई लेकिन गांव में जांच कमेटी ने अनियमितताओं पर जांच करने की बजाय जो लीपापोती की थी उसका पूरा सच केदारखंड एक्सप्रेस ने अपने पिछले तीन भागों में दिखाया जिसके बाद जिलाधिकारी ने नए सिरे से इस पूरे मामले पर मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की थी, परिणाम स्वरूप गांव में बड़ा घोटाला पाया गया है जिसमें दोषी पूर्व प्रधान, वीडियो, और जेई पर मुकदमा दायर  करने के निर्देश डीएम ने दिए दिए हैं


 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन द्वारा गठित जांच कमेटी की फर्जी जांच

मुख्य विकास अधिकारी द्वारा 29 नवम्बर 2019 को गठित जांच टीम के साथ ग्राम स्यूपुरी में जाकर पूर्व प्रधान द्वारा वर्ष 2014 से वर्ष 2019 तक किये गये विभिन्न निर्माण कार्यो की विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों की उपस्थित में स्थलीय जांच सत्यापान किया गया। जांच समिति द्वारा स्थलीय जांच सत्यापन में निष्कर्ष निकाला गया कि समस्त कार्य पूर्व प्रधान द्वारा दिखाये गये है तथा विभिन्न कार्य पर जांच टीम द्वारा कुल रूपये 2,72,996( दो लाख बहत्तर हजार नौ सौ छियानवे) रूपये की धनराशि का कार्य कम पाया गया। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार शासकीय धनराशि का दुरूपयोग किये जाने के क्रम में कार्य से सम्बन्धित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, अवर अभियन्ता एवं पूर्व प्रधान के विरूद्ध नियमानुसार सक्षम धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करवाने के निर्देश जिला पंचायत राज अधिकारी को दिए।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन द्वारा गठित जांच कमेटी द्वारा अनैतिक दबाव बनाकर की गई फर्जी जांच 

गौरतलब है कि अगस्त्यमुनि विकासखण्ड के स्यूपुरी गाँव में ग्रामीण भागचन्द्र लाल द्वारा मुखमंत्री हेल्पलाइन में अपने गांव में हुए पिछली पंचवर्षीय योजना के सभी विकास कार्यों की जाँच की मांग की गई थी जिस पर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से एक जाँच कमेटी का गठन किया गया। जांच शुरू हुई तो पाया कि गांव में पंचायत भवन मरमत, प्रसूति गृह भंगार, खिलपति लाल से प्रेमलाल के मकान तक सी0सी0मार्ग निर्माण, पटूडी बैंड से दलजीत लाल के मकान तक सी0सी0 तथा खडिंजा मार्ग, भंगार में पुश्ता निर्माण तथा सी0सी0 मार्ग, भंगार तोक में पेयजल टैंक मरम्मत कार्य जैसे छः कार्यों के बजट का वारा न्यारा तो किया गया लेकिन धरातल पर काम हुए ही नहीं। कायदे से जाँच कमेटी को इस पर कार्यावाही करनी चाहिए थी, और इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को भेजनी चाहिए थी, लेकिन जाँच कमेटी में होशियार अधिकारियों के कारनामे तो देखिए, उन्होंने दूसरे दिन ग्रामीणों पर ही अनैतिक दबाव बनाकर समझौता करवा दिया। अरोप है कि जाँच कमेटी द्वारा गाँव में बने सरकारी धन से गौशालायें, शौचालन, राशनकार्ड आदि को निरस्त करने तथा तरह-तरह के नियम कायदे बताकर ग्रामीणों डरायाकर दबाव बनाया गया। जाँच कमेटी और निवर्तमान प्रधान दलजीत लाल के कारनामे जब केदारखण्ड एक्सप्रेस ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया तो ग्रामीणों में हिम्मत आई और उन्होंने कैमरे के सामने खुलकर जाँच कमेटी की पोलपट्टी खोल दी।

ग्रामीण क्षेत्रों में जन प्रतिनिधियों द्वारा भ्रष्टाचार का यह पहला मामला नहीं है, अमूमन हर गाँव में इस तरह के घोटाले हो रखे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत की सरकार भ्रष्टाचार खत्म करने जैसे नारों पर वोट बैंक तो जरूर बटोर रहीं है लेकिन उनके भ्रष्टाचार निवारण योजनाओं को उन्हीं के अधिकारी कैसे उनकी नाक के नीचे पलीता लगा रहे हैं स्यूपुरी गाँव इसका ज्वलंत उदाहरण है।  लेकिन अब जिला अधिकारी की निष्पक्ष जांच ने एक नई उम्मीद और आशा की किरण जरूर जगा दी है और उम्मीद की जानी चाहिए कि भ्रष्टाचार करने वाले जनप्रतिनिधि और अधिकारी इससे सबक लें।
पार्ट : 4 केदारखंड एक्सप्रेस खबर का बड़ा असर पूर्व प्रधान वीडियो और जेई पर मुकदमा करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश पार्ट : 4 केदारखंड एक्सप्रेस खबर का बड़ा असर पूर्व प्रधान वीडियो और जेई पर मुकदमा करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on January 28, 2020 Rating: 5
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