अब दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं की होगी मॉनिटरिंग

अब दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं की होगी मॉनिटरिंग 

-भूपेन्द्र भण्डारी/केदारखण्ड एक्सप्रेस
रूद्रप्रयाग। महिला सषक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा विकास भवन सभागार में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत ‘‘मातृ वंदना सप्ताह‘‘ का  समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। दिनाँक 02 दिसंबर से 08 दिसंबर तक सप्ताह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर  विकास भवन में समापन कार्यक्रम के अवसर पर जिलाधिकारी मंगेष घिल्डियाल ने कहा कि मातृ वंदना सप्ताह कार्यक्रम के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को स्वयं को बालविकास विभाग में पंजीकृत कराने की जानकारी दी गई जिससे प्रथम बार गर्भवती होने वाली महिलाओं को योजना से लाभान्वित किया जा सके। हमारा उद्देश्य है की पात्र समस्त गर्भवती महिलाओं को ततकाल लाभ दिया जाय। इसके लिये बाल विकास विभाग को आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को मॉनिटर व कार्यकत्रियों को क्षेत्र की गर्भवती होने वाली महिलाओं का ससमय चिन्हीकरण आवश्यक है।
मातृ वंदना सप्ताह के तहत विद्यालयों में जननी वर्तमान परिदृश्य विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के विजेताओं व जिन आँगनवाड़ी  कार्यकत्रियों द्वारा सर्वाधिक मातृ वंदना योजना के फॉर्म भराय गए, उन सबको जिलाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया गया। 
प्रत्येक ब्लॉक से सर्वाधिक फॉर्म उपलब्ध कराने वाली  तीन तीन कार्यकत्रियों को सम्मानित किया गया।  साथ ही जवाड़ी इंटर कॉलेज के प्रवक्ता नंदन सिंह राणा ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर कविता तथा विक्रम कपरवांन ने बेटियों के महत्व पर लोक भाषा में गीत भी गाया।
जिलाधिकारी ने कहा कि मातृ वंदना सप्ताह की थीम स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण की ओर सुरक्षित जननी, विकसित धरणी हैं। इसका उद्देष्य गर्भवती महिला को पंजीकृत कर समस्त स्वास्थ्य जांच के लाभ प्रदान करना है ताकि स्वस्थ माता एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सके। इसके साथ ही संस्थागत प्रसव, कन्या भू्रण हत्या रोकना, जन्म पंजीकरण अनिवार्य रूप से करवाना है।
मातृ वंदना योजना के तहत पहले जीवित बच्चे के लिए गर्भवती व धात्री माताओं के खाते में चरणवार तरीके से कुल रूपये पांच हजार की धनराषि प्रोत्साहन स्वरूप दी जा रही है। योजना के लाभ हेतु दाम्पत्यों के आधार कार्ड व एम.सी.पी. (टीकाकरण) कार्ड की प्रति अभिलेख हेतु अनिवार्य है।
पांच हजार की धनराषि तीन किष्तों में दी जाती है। 150 दिन के भीतर आंगनवाडी केन्द्र में गर्भवती द्वारा पंजीकरण कराने पर एक हजार, गर्भवती महिला द्वारा प्रसव से पूर्व जांच कराने पर दो हजार व अन्तिम किष्त दो हजार रूपये षिषु के जन्म के साढे तीन माह बाद दी जाती है।
इस अवसर पर  मुख्य विकास अधिकारी एस.एस. चैहान, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक डॉक्टर विद्या शंकर, कार्यक्रम अधिकारी प्रजापति सहित गर्भवती महिला उपस्थित थी।  कार्यक्रम का संचालन प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जिला कार्यक्रम समन्वयक अंकिता बिष्ट व जिला समन्वयक अजय नौटियाल द्वारा किया गया।
अब दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं की होगी मॉनिटरिंग अब दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं की होगी मॉनिटरिंग Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on December 08, 2019 Rating: 5
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