एक साल से नहीं मिली 65 वर्षीय बुजुर्ग की मजदूरी, अधिकारी कर रहे रिश्वत की मांग

एक साल से नहीं मिली 65 वर्षीय बुजुर्ग की मजदूरी, अधिकारी कर रहे रिश्वत की मांग 
उदय सिंह, मजदूर 
-कुलदीप राणा आजाद/केदारखण्ड एक्सप्रेस 

रूद्रप्रयाग में सरकारी अधिकारी कर्मचारी अब इतने निरंकुश और भ्रष्ट हो चले हैं कि वे गरीबों की मजदूरी में भी अपनी हिस्सेदारी की मांग कर रहे हैं।  ग्राम विकास अधिकारी सुमाडी द्वारा रिश्वत न देने पर 65 साल के वृद्ध को एक वर्ष से  घुमाया जा रहा है लेकिन मजदूरी देना तो दूर गरीब और वृद्ध मजदूर को ग्राम विकास अधिकारी द्वारा जेल में डालने की धमकी दी जा रही है।  
हमारे सिस्टम में बैठे कुछ अधिकारी कितने बेरहम और निरंकुश हो चले है कि उन्हें तो न गरीबी समझ में आती है और न गरीबों का दर्द। बस कमिशन के लालच में वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। मामला जखोली विकास खण्ड के घरियाणा गाँव का है जहा 65 वर्षीय बुर्जुग उदय सिंह पंवार ने टोलीनायक और मिस्त्री के रूप में 14वाँ वित्त के अन्तर्गत सीसी मार्ग का निर्माण कार्य बीते जनवरी माह में सम्पन्न करवा दिया था। लेकिन वृद्ध की 44 हजार एक सौ रूपये की मजदूरी विभाग द्वारा एक वर्ष बीत जाने के बाद भी नहीं दी गई। उदय सिंह का कहना है कि ग्राम विकास अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग  की जा रही है जिसमें वे बता रहे हैं कि जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी के साथ जिलाधिकारी तक रिश्वत का हिस्सा जाता है। 
कुँवर सिंह

उदय सिंह और उनके रिश्तेदार कुँवर सिंह द्वारा ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी से लेकर जिलाधिकारी के दर्जनों चक्कर काटने के बाद भी कोई कार्यावाही नहीं हुई। अधिकारियों की उदासीनता से क्षुब्ध होकर तीन माह पूर्व बुर्जर्ग ने कलेक्ट्रेट में आमरण अनसन करने की चेतावनी दी थी। तब ग्राम विकास अधिकारी ने लिखित में यह कहकर आन्दोलन को स्थगित करवाया कि वे त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की आचार सहिंता समाप्ति के बाद भुगतान कर देंगे, परंन्तु कमिशन न दिए जाने के चलते यह भुगतान आज भी लटकाया हुआ है। जबकि ग्राम विकास अधिकारी द्वारा बुर्जुग मजदूर को जेल में डालने की धमकी भी दी जा रही है। 
मंगेश घिडियाल जिला अधिकारी 
हालांकि जिलाधिकारी के संज्ञान में यह पूरा मामला है लेकिन वे भी इस मामले में गोल-गोल जवाब देते हुए नजर आ रहे हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि बस्ता पिछले दिनों प्रशासकों के पास होने से इनके भुगतान में देरी हुई थी लेकिन अब मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित अधिकारियों से इस मामले में बात कर कार्रवाई की जाएगी। 

बड़ा सवाल तो यह है जिस 14वां वित्त में यह कार्य हुआ है उस कार्य का पैंसा पहले आता है और कार्य बाद में किया जाता है। ऐसे में एक वर्ष बाद भी गरीब मजदूरों की ध्याड़ी न दिया जाना अधिकारियों की मंशा पर सवाल तो खड़े करता ही है बल्कि अधिकारी की जनता के प्रति जवाबदेही और निरंकुशता को भी दर्शाता है। अब देखना होगा जिलाधिकारी इस मामले में क्या कार्यवाही करते हैं।  
एक साल से नहीं मिली 65 वर्षीय बुजुर्ग की मजदूरी, अधिकारी कर रहे रिश्वत की मांग एक साल से नहीं मिली 65 वर्षीय बुजुर्ग की मजदूरी, अधिकारी कर रहे रिश्वत की मांग Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on December 25, 2019 Rating: 5
Powered by Blogger.